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दिल्ली हिंसा के लिए अमित शाह जिम्मेदार दें इस्तीफा- सोनिया गांधी

Sonia-G-696x392दिल्ली हिंसा को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आज हुई. बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूद रहे. बैठक में हिंसा के दौरान मरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई.बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली की मौजूदा हालात चिंताजनक है. एक साजिश के तहत हालात बिगड़े. बीजेपी नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए. चुनाव के दौरान नफरत फैलाया. दिल्ली की स्थिति के लिए केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं. गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.

 

क्या कहा सोनिया गांधी ने
दिल्ली हिंसा पर पिछले दिनों बिगड़ी स्थिति के बाद आज बुधवार को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- ‘इन हादसों के पीछे एक सोचा समझा षड़यंत्र है, जिसे दिल्ली चुनाव के दौरान भी देखा गया। भाजपा नेता डर और नफरत फैलाने वाले बयान दे रहे हैं। पिछले रविवार को भी एक भाजपा नेता ने ऐसा ही भड़काऊ बयान दिया था। उसने दिल्ली पुलिस को कहा था कि 3 दिन बीतने के बाद हमें कुछ नहीं कहना।’सोनिया गांधी ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- ‘केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार द्वारा कोई कार्रवाई ना करने की वजह से 20 से अधिक लोग मारे गए। दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल की भी मौत हो गई। एक पत्रकार समेत सैकड़ों लोग अस्ताल में भर्ती हैं। कांग्रेस की ये समिति सब परिवारों के साथ अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस समिति का मानना है कि दिल्ली में मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र सरकार खासतौर पर गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। दोनों सरकारों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, इसलिए राजधानी में ये स्थिति बनी।बैठक से पहले कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा. चिदंबरम ने अपनी ट्वीट में कहा कि चाहे गृह मंत्री हो या फिर गृह मंत्रालय, सरकार का कर्तव्य है कि वह हिंसा को रोके. हिंसा सोमवार से जारी है और अब भी हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. यह दिल्ली पुलिस की भारी विफलता को दिखाता है.

हिंसा का राजनीतिकरण कर रही कांग्रेस: जावड़ेकर
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और आलोचना के लायक है। जिस समय में हर पार्टी को एकजुट होकर दिल्ली में शांति लाने के बारे में कदम उठाने चाहिए, उस समय कांग्रेस की ओर से सरकार पर ऐसे आरोप लगाना गंदी राजनीति है। हिंसा का राजनीतिकरण करना बिल्कुल गलत है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी कांग्रेस ने ऐसे ही सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा कि अमित शाह कहां थे। उन्होंने कल सभी पार्टियों के साथ एक बैठक की, जिसमें कांग्रेस नेता भी मौजूद थे। गृह मंत्री ने पुलिस को जरूरी दिशा-निर्देश दिए और पुलिस संख्या भी बढ़ाई। कांग्रेस का बयान पुलिस के मनोबल को तोड़ने वाला है।जावड़ेकर बोले कि सबका काम है कि हिंसा पूरी तरह से रुके और शांति स्थापित हो। चर्चा के लिए संसद का सत्र है। चर्चा कर सकते हैं। जिनके हाथ सिखों के नरसंहार से रंगे हों, वह अब यहां हिंसा को रोकने की सफलता और असफलता की बात करते हैं। उस समय हिंसा का समर्थन किया था। कांग्रेस पीएम ने तो यहां तक कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। ऐसी पार्टी सरकार से जवाब पूछने के लिए आती है तो आश्चर्य होता है। एक दूसरे पर दोषारोपण करने का काम जो कांग्रेस ने किया है उसकी हम निंदा करते हैं। भर्त्सना करते हैं।

रविशंकर प्रसाद ने भी किया पलटवार
दिल्ली हिंसा पर कांग्रेस के बयान का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद बोले कि तनाव पर कांग्रेस राजनीति कर रही है। कांग्रेस विपक्ष में नहीं है। परिवार के सामने उसे कुछ दिखाई नहीं देता है। राहुल गांधी को दूसरी लाइन में बैठा दिया गया था तो कांग्रेस ने बवाल मचाया, लेकिन भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष को यूपीए सरकार ने आठवीं लाइन में बैठाया था। इनके सामने देशहित भी छोटा होता है। कांग्रेस ऐसी सस्ती और हल्की राजनीति बंद करें।

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