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मराठा आरक्षण: प्रदर्शनकारियों से बातचीत को तैयार महाराष्ट्र सरकार

maraa_072518084624महाराष्ट्र में मराठा समुदाय आरक्षण की मांग तो लंबे समय से करता आ रहा है, लेकिन एक प्रदर्शनकारी द्वारा नदी में कूदकर खुदकुशी की घटना के बाद आंदोलन और भी उग्र हो गया है.वैसे तो इस पूरे आंदोलन की शुरुआत 13 जुलाई 2016 को अहमदनगर के गांव कोपरडी में हुई थी. जहां लड़की की रेप करके हत्या कर दी गई. पीड़ित लड़की मराठा समुदाय से थी. जबकि गिरफ़्तार होने वाले तीन युवा दलित थे.इस घटना को लेकर मराठा समाज सड़कों पर आ गया. पहला मोर्चा औरंगाबाद में हुआ. धीरे-धीरे यह आग पूरे महाराष्ट्र में फैली और बड़े स्तर पर लोग जुटने लगे.मोर्चे में मराठों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को ख़त्म करने की मांग की गई. उनका तर्क था कि दलित इस क़ानून का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.इसके बाद मराठा समुदाय ने महाराष्ट्र में ओबीसी दर्जे की मांग उठाई. मराठा नेताओं ने मांग की कि उनके समुदाय को ओबीसी कैटेगरी में शामिल किया जाए.

उनका कहना है कि अगर बिना ओबीसी कैटेगरी में शामिल किए उन्हें आरक्षण दिया जाता है तो ये कोर्ट कचहरी के मुकदमों में फंस जाएगा और राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ऊपर चला जाएगा. इससे मराठा आरक्षण को कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी. फिलहाल, संवैधानिक व्यवस्था के तहत किसी भी राज्य में 50 फीसदी से ऊपर आरक्षण देना संभव नहीं है.मराठा समुदाय की मुख्य मांग सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण है. इस मांग ने भी जोर तब पकड़ा जब देवेंद्र फडणवीस सरकार ने 72 हजार सरकारी नौकरियों पर भर्ती निकाली.मराठा समुदाय ने यह मांग की है कि मराठाओं के लिए सरकार आरक्षण की ऐसी व्यवस्था करे, जिसे कोर्ट खारिज न कर पाए और तब तक 72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती पर रोक लगे.

शिवसेना सांसद से धक्कामुक्की…

शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा जब वह शिंदे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औरंगाबाद के कायगांव गए थे.

पुलिस ने बताया कि भीड़ ने उनके साथ धक्का – मुक्की की. उन्हें स्थान छोड़ना पड़ा. पुलिस ने बताया कि सांसद की गाड़ी पर भी पथराव हुआ था.

लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दागे…

औरंगाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि भीड़ को संभालने मौजूद पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. एक अधिकारी ने बताया कि जलना के घनसांगवी थाने पर प्रदर्शनकारियों के पथराव में आठ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए

उन्होंने बताया कि कायगांव में प्रदर्शनकारियों ने दमकल की एक गाड़ी को भी आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने लातूर जिले के निलांगा तहसील में हैदराबाद-लातूर बस पर भी पथराव किया.

आरक्षण पर कोर्ट करेगी फैसला…

सांगली में राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मराठा आरक्षण को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने जो भी उसके बस में था किया. अब इस मामले पर अदालत फैसला करेगी. मंत्री ने कहा कि कुछ ‘पेड’लोग मराठा आंदोलन में घुस गए हैं.

cm1_1532518508_618x347महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा राज्यव्यापी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के विरोध का संज्ञान लिया है और इसपर कई फैसले लिए हैं. सरकार उनसे बात करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के आरक्षण के लिए कानून बनाया था लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसपर स्टे लगा दिया था.राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मामला बेहद विवादास्पद मुद्दा है. राज्य की आबादी में करीब 30 फीसदी मराठा हैं. इसके पहले समुदाय के नेता अपनी मांगों को लेकर विभिन्न जिलों में रैलियां निकाल चुके हैं. पिछले साल मुंबई में मराठा क्रांति मोर्चा ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था.

 

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