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सेंट्रल जीएसटी के रडार पर 10 राज्यों के 180 व्यापारी, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

gst691 करोड़ रुपये के जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बिल के जरिए 100 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की धोखाधड़ी के बाद देश के 10 राज्यों के 180 से ज्यादा व्यापारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। आगरा के आवास विकास कालोनी सेक्टर 3 ए से गिरफ्तार किए गए जालसाल चंद्र प्रकाश कृपलानी ने जो जानकारियां दी है, उससे फर्जी इनवॉइस जारी करने वाले व्यापारी सेंट्रल जीएसटी के रडार पर आ गए हैं। इनके खिलाफ भी स्टेट जीएसटी से ब्यौरा मांगकर कार्रवाई के लिए कहा गया है।करीब डेढ़ साल पहले कंपनी का पंजीकरण हुआ और देखते ही देखते हर तिमाही रिटर्न में टर्न ओवर बढ़ता चला गया। जीएसटी टीम ने जालसाज चंद्र प्रकाश को गिरफ्तार करने के बाद अब जब कागजातों की जांच शुरू की है तो चौंकाने वाले कारनामे सामने आ रहे हैं।

गुजरात से भी एक व्यापारी गिरफ्तार

100 करोड़ रुपये से ज्यादा की आईटीसी क्लेम कर चुके जालसाज के साथ जिन व्यापारियों ने अपनी फर्म से खरीद-बिक्री दिखाई, उन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। गुजरात में एक व्यापारी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वहीं प्रदेश के चार शहरों के व्यापारियों पर भी जल्द कार्रवाई होनी है। हर दिन कागजों की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनकेआधार पर राज्यों के जीएसटी विभागों को कार्रवाई के लिए आगरा के अधिकारी लिख रहे हैं।सीजीएसटी के डिप्टी कमिश्नर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि फर्जी इनवाइस मामले में कागजातों की जांच पड़ताल की जा रही है। जो व्यापारी इस फर्जी नेटवर्कसे जुड़े हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। दूसरे राज्यों में फर्जीवाड़े की जांच जारी है।

आगरा में फर्जीवाड़े का यह तीसरा बड़ा मामला

फुटवियर, सोना, बुलियन, हैंडीक्राफ्ट के बड़े बाजार आगरा में फर्जीवाड़े का यह तीसरा बड़ा मामला है। कमला नगर के घर से वैट फार्म फर्जी छापकर टैक्स की चोरी का मामला बीते साल जीएसटी ने खोला था। फर्जी वैट फार्म छापने का मामला 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का था, जिस पर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच टीम बनाई। इसके बाद सेंट्रल जीएसटी ने बीते साल ही मई में फर्जी इनवॉइस के जरिए 12 करोड़ रुपये वसूलने का मामला पकड़ा था। कबाड़ की फर्जी खरीद बिक्री दिखाकर जीएसटी की चोरी की गई थी। अब आगरा से यह तीसरा बड़ा टैक्स चोरी का यह मामला खुला है
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