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नरेंद्र मोदी: मंदिर आंदोलन के एक आम सिपाही ….

ram advani with modiनई दिल्ली नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर बुधवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे तो उन्होंने भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उनकी एक 29 साल पुरानी एक और तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। तस्वीर में तब युवा नरेंद्र मोदी राम मंदिर आंदोलन  के एक कार्यक्रम में साधारण कार्यकर्ता के तौर पर भीड़ में बैठे दिखाई दे रहे हैं। उस तस्वीर और आज राम मंदिर के लिए भूमिपूजन की तस्वीर को शेयर करते हुए कोई उसे मोदी के शून्य से शुरुआत से शिखर तक के सफर का प्रमाण बता रहा है तो कोई इसे उनके समर्पण और निरंतरता का का जीता-जागता सबूत बता रहा है।वायरल हो रही तस्वीर 1991 की है। तब दिल्ली के बोट क्लब में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद की तरफ से आयोजित रैली में नरेंद्र मोदी भीड़ के बीच में बैठे दिखाई दे रहे हैं। काली घनी मूंछ-दाढ़ी के साथ वह काला चश्मा लगाए हुए हैं और भगवा रंग के अंगोछा अपने सिर पर लपेटे हुए हैं।नरेंद्र मोदी तब ‘राम जन्मभूमि आंदोलन’ के कार्यकर्ता की हैसियत से मौजूद हैं। तब कहां किसी को पता था कि 29 साल बाद उस भीड़ में बैठा यह शख्स बतौर प्रधानमंत्री एक दिन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन करता दिखाई देगा।

29 साल बाद ‘संकल्प’ पूरा हुआ तो अयोध्या पहुंचे मोदी
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और पुरानी तस्वीर वायरल हुई थी। वह तस्वीर भी 29 साल पुरानी थी और अयोध्या में खींची गई थी। उसमें वह बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के साथ दिख रहे हैं। तस्वीर को खींचने वाले पत्रकार महेंद्र त्रिपाठी की माने तो जब उन्होंने तब मोदी से पूछा था कि वह अब फिर अयोध्या कब आएंगे तो उन्हें जवाब मिला था कि जब मंदिर बनेगा तब।अप्रैल 1991 में नरेंद्र मोदी तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के अयोध्या दौरे में उनके साथ थे। तब फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी से उनका परिचय गुजरात के बीजेपी नेता के तौर पर कराया गया था।मोदी की एक और तस्वीर भी चर्चित है, जिसमें वह लाल कृष्ण आडवाणी की बहुचर्चित रथ यात्रा के दौरान उनके साथ थे। कहा तो यहां तक जाता है कि मोदी ने ही आडवाणी की रथ यात्रा की रूपरेखा और रणनीति तय की थी। सितंबर 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक 10 हजार किलोमीटर लंबी रथ यात्रा निकाली। उस दौरान नरेंद्र मोदी गुजरात बीजेपी के संगठन महासचिव थे।कई तस्वीरों में वह आडवाणी के साथ रथ पर सवार दिख रहे हैं। उस रथ यात्रा का मकसद मंदिर आंदोलन के लिए जनसमर्थन जुटाना था। मंदिर आंदोलन के लिए यह रथ यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुआ और इससे सियासी माहौल ऐसा बदला कि 1984 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 2 सीट जीतने वाली बीजेपी नवंबर 1989 के लोकसभा चुनाव में 89 सीटों पर पहुंच गई।

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