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क्या 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ ही नहीं था?

manmahon gotala2G स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपी बरी हो गए हैं। लेकिन अब भी कई सवाल अनुत्तरित रह गए हैं। ये सवाल सीएजी की रिपोर्ट और सीबीआई की जांच से निकले हैं। 21 दिसंबर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 2G स्पेक्ट्रम घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि सीबीआई इस मामले में दोषियों के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रही है। लेकिन कुछ सवाल के जबाव अब भी नहीं मिले हैं।
1. क्या 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ ही नहीं था?
2. क्या CAG की इतने बड़े घोटाले की जांच निराधार थी?
3. CBI पिछले 10 वर्षों से किस बात की जांच कर रही थी?
4. अप्रैल 2011 में 80,000 पन्नों की चार्जशीट में CBI ने क्या लिखा था?
5. 125 गवाहों और 654 पेजों के दस्तावेज में किस बात का जिक्र किया गया है?
6. आखिर इतने सालों तक चले मामले में सीबीआई दलील, आरोप और सबूत में तालमेल क्यों नहीं बैठा पाई?
7. CBI ने चार्जशीट में स्वान टेलीकॉम और कलिंग्नार टीवी पर आरोप लगाया था कि स्पेक्ट्रम लाइसेंस पाने के लिए 200 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी फिर आरोप का क्या हुआ?
8. CAG टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में भारत सरकार के खजाने को 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने की बात कही थी? वो क्या थी?
9. ए राजा के टेलीकॉम मिनिस्टर रहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आवंटित सभी 122 लाइसेंस को रद्द कर दिया  था। अब ए राजा के बरी होने के बाद यह सवाल और बड़ा हो गया है कि ये लाइसेंस क्यों रद्द कर दिए गए थे?
10. CAG ने रिपोर्ट में कहा था कि स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में  पहले आओ- पहले पाओ की तर्ज पर नियम को पलट दिया गया था? CBI क्या ये भी साबित नहीं कर पाई?
11. और सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर घोटाला हुआ ही नहीं है तो फिर राजा, कणिमोझी और रिलायंस, यूनिनॉर जैसी कंपनियों के अधिकारियों ने जो कई साल जेल में काटे उनका हिसाब कौन देगा।
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