Pages Navigation Menu

Breaking News

 अपने CM को शुक्रिया कहना कि मैं जिंदा लौट पाया; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर

सच बात—देश की बात

मायावती पर जातिवादी कमेंट : एक्टर रणदीप हुड्डा को गिरफ्तार करने की मांग

mayawati-71647एक्टर रणदीप हुड्डा का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें वो उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर सेक्सिस्ट’ और जातिवादी कमेंट करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को लेकर रणदीप हुड्डा को गिरफ्तार करने की मांग चल रही है. #arrestRandeepHooda ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है.दरअसल, रणदीप हुड्डा का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह एक कार्यक्रम में स्टेज पर बैठे हैं. आसपास और भी कई सारे गेस्ट मौजूद हैं, इसी दौरान दर्शकों की तरफ देखते हुए रणदीप हुड्डा कहते हैं कि मैं एक ‘डर्टी जोक’ सुनाना चाहता हूं. आगे रणदीप कहते हैं,‘मिस मायावती 2 बच्चों के साथ गली में जा रही थीं. वहां एक शख्त था, उसने उनसे पूछा- क्या ये दोनों बच्चे जुड़वां हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा- नहीं, यह 4 साल का है और वह 8 साल का है. इसके बाद उस आदमी ने कहा- मुझे विश्वास नहीं होता कि कोई आदमी वहां दो बार भी जा सकता है.’रणदीप हुड्डा कr इसी भद्दी बात से सोशल मीडिया पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. हालांकि अबतक रणदीप हुड्डा ने इस वीडियो को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है

रणदीप हुड्डा के बयान पर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. CPIML लीडर और सोशल एक्टिविस्ट कविता कृष्णन ने भी वीडियो पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि हुड्डा की टिप्पणी ”जातिवादी, नारी विरोधी” है.इसी तरह जाति आधारित यौन हिंसा ने हमेशा काम किया है, साथ ही साथ दलित, आदिवासी महिलाओं को “बदसूरत, गंदी, घृणास्पद” के रूप में पेश किया है. यह दोहरी रणनीति कैसे काम करती है, इसके एक उदाहरण के रूप में सूर्पणखा के बारे में सोचें.एक ट्विटर यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा- ये दलित महिलाओं के खिलाफ समाज के रवैये को दिखाता है.

रणदीप हुड्डा  कॉमेडियन नहीं. उनकी बात को कौन गंभीरता से लेता है. लेकिन कहने को वो कह गए, जो उन्हें कहना था. मायावती पर सेक्सिस्ट जोक मार दिया. मायावती, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हैं, उनकी जाति आप जानते ही हैं. इसके बावजूद रणदीप मजाक कर गए. लोग हंस भी दिए. जोक्स का क्या है… करके भुला दिए जाते हैं. अक्सर लोग कहते हैं, जोक्स को जोक्स की तरह लेना चाहिए. लेकिन ऐतराज जोक पर नहीं, उसके कंटेंट पर है. रणदीप के जोक का कंटेंट कास्ट है, और कास्ट को लेकर जोक्स और कमेंट्स की भरमार है.

वैसे मायावती पर जोक करना कोई नई बात नहीं. इससे पहले अतुल खत्री और अबीश मैथ्यू जैसे कॉमेडियन उनका मजाक उड़ाते हुए ट्वीट कर चुके हैं. ऐसा मजाक किसी अपरकास्ट नेता के साथ नहीं किया जा सकता. लोग हंसेंगे ही नहीं. निवेल शाह जैसे स्टैंडअप कॉमेडियन आरक्षण और कोटा को अपना कंटेंट बना चुके हैं. युवराज सिंह, सलमान खान, मूनमून दत्ता, युविका चौधरी जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं. यह फेहरिस्त लंबी है, और हो सकता है कि इसमें किसी का नाम आने से छूट गया हो. लेकिन यह आम है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »