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अयोध्या विकास प्राधिकरण की बैठक में सर्वसम्मति से राम मंदिर का नक्शा पास

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मुस्लिम पक्ष के वकील ने कोर्ट में ही रामजन्मभूमि का नक्‍शा फाड़ दिया

Ayodhya-Verdict-Supreme-Courtनई दिल्ली।अयोध्‍या केस की 40वें दिन सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बेहद आपत्तिजनक व्यवहार दिखाया और हिंदू पक्ष के वकील विकास सिंह द्वारा कोर्ट के सामने पेश किए गए नक़्शे की कापियां फाड़ दीं। दरअसल हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने विवादित जगह पर मन्दिर की मौजूदगी साबित करने के लिए पूर्व IPS किशोर कुणाल की एक किताब  ‘अयोध्या रिविज़िटेड’ का हवाला देना चाहा। राजीव धवन ने इसे रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बताकर विरोध किया।विकास सिंह ने इसके बाद एक नक्शा रखा और उसकी कॉपी राजीव धवन को दी। धवन ने इसका भी विरोध करते हुए अपने पास मौजूद नक्शे की कॉपी फाड़ना शुरू कर दी। चीफ जस्टिस ने धवन के इस तरीके पर नाराजगी के अंदाज़ में कहा- आप चाहे तो पूरे पेज फाड़ सकते हैंं चीफ जस्टिस ने इस तौर-तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर इसी तरह का माहौल जारी रहा तो वह अभी सुनवाई पूरी कर देंगे और फिर जिस supreme-court rajeevभी पक्ष को जो दलील देनी होगी वह लिखित में लेंगे।हिंदू महासभा की ओर से जो नक्शा कोर्ट में पेश किया जा रहा था दरअसल वह किशोर कुणाल की पुस्तक में था। जो यह समझाने के लिए लगाया गया था कि अयोध्या में रामजन्मभूमि की स्थिति क्या है। पर राजीव धवन ने इस नक्शे को ही फाड दिया।किशोर कुणाल की किताब ‘अयोध्या रिविज़िटेड’ के नक्शे को दूसरे दस्तावेजों से मिला कर हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह अपनी बात रखना चाहते थे |धवन ने किताब को रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बताया और वह भड़क उठे | पहला नक्शा 1810 में फ्रांसिस बुकानन ने बनाया था | उस नक्शे और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर यह नक्शा किशोर कुणाल ने बनाया | दोनों नक्शे उनकी किताब में हैं | राम जन्मस्थान के दोनों नक्शों को कोर्ट में रखा गया था | हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने कहा कि अंग्रेज़ों ने इमारत के बाहर रेलिंग लगा दी | हिंदू वहीं तक जाते और पूजा कर लौट आते थे | यह ठीक ऐसा ही है जैसे तिरुपति में भी आपको देवता के बिल्कुल करीब नहीं जाने दिया जाता | लोग एक सीमा से पूजा करते है | इसलिए रेलिंग से आस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ा |

पैग़ंबर मोहम्मद ने कहा था कि किसी को मस्ज़िद उसी ज़मीन पर बनानी चाहिए जिसका वह मालिक है

ram-mandir-ayodhya-shaurya-diwasइससे पहले जब आज सुनवाई शुरू हुई तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्‍पष्‍ट किया कि किसी नए दस्‍तावेज पर विचार नहीं किया जाएगा. दरअसल हिंदू महासभा की हस्‍तक्षेप संबंधी एप्‍लीकेशन को खारिज करते हुए मुख्‍य न्‍यायाधीश ने कहा कि हर हाल में आज शाम 5 बजे तक इस मामले में सुनवाई खत्‍म हो जाएगी। बस बहुत हुआ…रामलला विराजमान के सीएस वैद्यनाथन ने अपनी जिरह में कहा कि पैग़ंबर मोहम्मद ने कहा था कि किसी को मस्ज़िद उसी ज़मीन पर बनानी चाहिए जिसका वह मालिक है. सुन्नी वक्फ बोर्ड जगह पर मालिकाना हक साबित करने में नाकाम रहा और सिर्फ नमाज़ पढ़ने को आधार बना कर ज़मीन दिए जाने की मांग कर रहा है. अयोध्या मामले में पहले याचिकाकर्ता रहे स्वर्गीय गोपाल सिंह विशारद की तरफ से वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि इमारत में मूर्ति रखने का केस अभिराम दास पर दर्ज हुआ. वही वहां पुजारी थे. वह निर्वाणी अखाड़ा के थे. सेवादार होने का निर्मोही अखाड़ा का दावा गलत है.

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