Pages Navigation Menu

Breaking News

सीबीआई कोर्ट ;बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित घटना नहीं थी सभी 32 आरोपी बरी

कृष्ण जन्मभूमि विवाद- ईदगाह हटाने की याचिका खारिज

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

16 वर्षीय कमर गुल ने आतंकवादियों को सिखाया सबक

kamar gulदुनियाभर में अपने खूंंखार आतंकवादियों के लिए कुख्‍यात अफगानिस्‍तान में एक 16 वर्षीय लड़की का इंतकाम चर्चा का विषय बन गया है। अफगानिस्‍तान के घोर प्रांत में रहने वाली कमर गुल ने तालिबान आतंकवादियों को ऐसा सबक सिखाया कि उनकी रूह भी कांप गई। कमर गुल अपने माता-पिता की हत्‍या करने वाले तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ शेरनी बन गईं और AK-47 उठाकर तीन आतंकियों को भून डाला। उनका यह इंतकाम अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है। आइए जानते हैं कमर गुल के साहस की पूरी कहानी…

40 आतंकवादियों के हमले से नहीं डरीं कमर गुल

पाकिस्‍तान में तालिबान आतंकवादियों की गोली का शिकार होने के बावजूद पूरी बहादुरी से अपनी जिंदगी संवारने वाले मलाला यूसुफजई के बारे में तो आपने काफी कुछ सुना होगा। अब हम आपको बताते हैं कमर गुल की कहानी जिन्होंने न सिर्फ तालिबान का सामना किया बल्कि उसके तीन लड़ाकों को अपने पिता की AK-47 राइफल से भून डाला। तालिबान आतंकवादियों ने सरकार का समर्थन करने पर गुल के घर में घुसकर उनके माता-पिता को मार डाला था जिसका गुल ने पूरा इंतजकाम लिया। गांव पर 40 से अधिक आतंकवादियों ने हमला किया था।

तालिबान के साथ एक घंटे तक भीषण गोलीबारी

बताया जा रहा है कि 17 जुलाई को रात एक बजे अफगानिस्तान के घोर प्रांत में पिछले हफ्ते ये तालिबान आतंकवादी गुल के घर में घुस गए उनके माता-पिता को मार डाला। इसके बाद कमर गुल बाहर निकलीं और AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। कमर गुल के साथ उनका भाई भी मौजूद था। करीब एक घंटे तक चली गोलीबारी में तीन आतंकवादी मारे गए। बाद में दूसरे लड़ाके भी गुल के घर आए लेकिन गांववालों की मदद से सरकार के समर्थकों ने गनफाइट के बाद उन्हें भगा दिया। अफगान सुरक्षाबल अब कमर गुल और उनके भाई को सुरक्षित स्थान पर लेकर चले गए हैं।

कमर गुल की बहादुरी को दुनिया का सलाम

कमर गुल के तालिबान को मुंहतोड़ जवाब देने की घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी बहादुरी को सलाम किया जा रहा है। इतनी कम उम्र में कमर गुल ने जिस हिम्‍मत से तालिबान का सामना किया, उसके लिए हर कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। इस घटना के बाद कमर गुल और उनके भाई दो दिनों तक बेहद सदमे में रहे और कुछ ज्‍यादा बातचीत नहीं की। इस जवाबी कार्रवाई पर कमर गुल ने कहा कि यह उनका अधिकार था, क्‍योंकि हमें अपने माता-पिता के बिना नहीं जीना है। गांव में उनके सौतेले भाई के अलावा और ज्‍यादा रिश्‍तेदार नहीं हैं। तालिबान आतंकवादी अक्सर ही अफगान सरकार और सुरक्षाबलों का समर्थन करने वाले लोगों को मार डालता है। हाल के महीनों में काबुल के साथ शांतिवार्ता के बावजूद तालिबान ने हमले तेज कर दिए हैं।

राष्‍ट्रपति गनी ने की तारीफ, आने का न्‍यौता दिया

अफगानिस्‍तान सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में कमर गुल के साहस की जोरदार प्रशंसा की है। राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने कमर गुल और उनके भाई को राष्‍ट्रपति भवन में आमंत्रित किया है। जिले के गवर्नर मोहम्‍मद रफीक आलम ने कहा, ‘जब मैंने उस रात दोनों को देखा तो वे सदमे में थे लेकिन सम्‍मानित महसूस कर रहे थे।’ कमर गुल की हाथों में AK-47 लिए तस्‍वीर अब सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है। बता दें कि वर्ष 2001 में शुरू हुए संघर्ष में अब तक एक लाख अफगान लोग मारे जा चुके हैं।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *