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सच बात—देश की बात

अमेरिका के हवाई हमले में 200 से अधिक तालिबानी आतंकवादी मारे गए

अफगानिस्तान से भले ही अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो गई हो लेकिन अमेरिका किसी भी सूरत में तालिबानियों को बख्शने के मूड में नहीं दिख रहा है और लगातार अफगान सेना की मदद कर रहा है। अमेरिका के बी-52 बमवर्षक विमानों ने अफगानिस्तान के जवज्जान प्रांत की राजधानी शेबरगन में आतंकवादी संगठन तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिनमें 200 से अधिक आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमान ने शनिवार देर रात ट्वीट कर बताया कि अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने आज शाम जवज्जान प्रांत की राजधानी शेबरगन में तालिबानी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें 200 से अधिक आतंकवादी मारे गए। हवाई हमले में बड़ी मात्रा में आतंकवादियों के हथियार, गोला-बारूद और 100 से अधिक वाहन नष्ट हो गए।उन्होंने बताया कि अमेरिकी विमानों को निमरूज, जवज्जान, कंधार, हेरात, लश्करगाह और हेलमंद प्रांतों पर तालिबान की पकड़ कमजोर करने के लिए भेजा गया है।गौरतलब है कि तालिबान ने शनिवार को घोषणा की कि उसने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत निमरूज और उत्तरी प्रांत जवज्जान पर कब्जा कर लिया है। निमरूज की राजधानी जरंज वर्ष 2016 के बाद पहला ऐसा प्रांतीय केंद्र बन गई है, जिस पर तालिबान ने कब्जा किया है।

बाइडन ने B-52 और AC-130 से बमबारी का दिया आदेश

वॉशिंगटन अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते हमलों को देखते हुए जो बाइडन ने अमेरिकी वायु सेना को खुली छूट दे दी है। उन्होंने अफगानिस्तान में तीन प्रमुख शहरों की ओर बढ़ रहे तालिबान आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए बी-52 बमवर्षक और स्पेक्टर गनशिप से हमला करने का आदेश दिया है। जिसके बाद अफगानिस्तान और आसपास के अमेरिकी एयरबेस पर मौजूद ये विध्वंसक विमान तालिबानी आतंकियों के ऊपर काल बनकर मंडराने लगे हैं।

 बेहद खतरनाक है बी-52 बॉम्बर
शीत युद्ध के जमाने के बी-52 बमवर्षक विमान ने अपनी पहली उड़ान 1950 के दशक में भरी थी। जिसके बाद इसके कई अपग्रेडेड वर्जन आज भी अमेरिकी वायु सेना में बमबारी की कमान संभाले हुए हैं। इस विमान ने अपनी सटीक बमबारी से इराक, सीरिया, अफगानिस्तान और वियतनाम के युद्धों में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। बी-52 बॉम्बर एक बार में 70,000 पाउंड के पेलोड को लेकर 12874 किलोमीटर तक की दूरी तक उड़ान भर सकता है। यह विमान अपने एक हमले से किसी बड़े शहर को तबाह करने की क्षमता रखता है।
AC-130 स्पेक्टर गनशिप भी कम ताकतवर नहीं
लॉकहीड मॉर्टिन की बनाई गई AC-130 स्पेक्टर गनशिप भी आसमान से सटीक गोलीबारी कर जमीन पर मौजूद दुश्मनों का खात्मा करने की ताकत रखती है। यह गनशिप 25 मिमी गैटलिंग गन, 40 मिमी बोफोर्स तोप और 105 मिमी एम 102 तोप से लैस हैं। ऐसे में दुश्मन के पक्के निर्माण, लड़ाकों की भारी भीड़ जैसे निशाने आसानी से तबाह किए जा सकते हैं। इसकी पहली उड़ान 1966 में आयोजित की गई थी, जिसके बाद इसके कई वर्जन आज भी अमेरिकी वायु सेना में कार्यरत हैं।
अब्दुल रशीद दोस्तम की मिलिशिया का कमांडर मारा गया
उधर तालिबान के साथ जारी युद्ध में अफगान सेना और अब्दुल रशीद दोस्तम की मिलिशिया को भी नुकसान उठाना पड़ा है। उत्तरी प्रांत जोज्जान में तालिबान के साथ झड़प में कम से कम 10 अफगान सैनिक और दोस्तम की मिलिशिया समूह से संबंधित एक कमांडर की मौत हो गई। जोवजान प्रांत के डिप्टी गवर्नर अब्दुल कादर मालिया ने कहा, कि तालिबान ने इस हफ्ते (प्रांतीय राजधानी) शेबरघन के बाहरी इलाके में हिंसक हमले किए और भारी झड़पों के दौरान दोस्तम के प्रति वफादार सरकार समर्थक मिलिशिया बलों का कमांडर मारा गया।
अफगान सैनिकों ने 385 तालिबान लड़ाकों को किया ढेर
सरकारी मीडिया निदेशक की हत्या के बाद तालिबान के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए अफगानिस्तान की सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बीते 24 घंटे में सैनिकों ने 385 लड़ाकों को मार गिराया। वहीं सैन्य कार्रवाई में 210 आतंकी घायल हुए हैं।रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमान ने ट्वीट में कहा, अफगानिस्तान की सेना ने नानगढ़हार, लोगार, गजनी, पक्तिका, कंधार, मैदानवरदक, हेरात, फराह, समनगन, ताखर, हेलमंद, बगलान व कपीसा प्रांत में तालिबान लड़ाकों पर कड़ी कार्रवाई की है। सेना ने फैजाबाद, बदकशां व तालिकन में तालिबान हमले को निष्क्रिय कर दिया।सेना ने कुंदूज के बाहरी इलाकों में तालिबान के बंकरों को हवाई हमला कर निशाना बनाया। यहां संघर्ष में 11 नागरिकों की मौत हुई है जबकि 41 घायल हुए हैं हेलमंद प्रांत में तालिबान के ठिकानों पर लश्करगाह शहर में हुए हवाई हमले में 112 आतंकी मारे गए। इनमें 30 पाकिस्तानी मारे गए हैं। यह सभी अल-कायदा के सदस्य थे।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हिंसा में इस वर्ष की पहली तिमाही में 1659 लोग मारे गए व 3254 घायल हुए। उधर, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन प्साकी ने नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, तालिबान अगर ऐसा सोचता है कि इस तरह वह वैश्विक मान्यता हासिल कर लेगा तो यह उसकी भूल है।

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