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काबुल में आत्मघाती हमला, 102 की मौत

kabulकाबुल । अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आत्मघाती हमलावर ने शनिवार को भीड़भाड़ वाले राजनयिक इलाके में विस्फोटक भरी एंबुलेंस को उड़ा दिया। इससे कम से कम 102 लोगों की मौत हो गई और लगभग 200 अन्य घायल हो गए। यह हाल के वर्षो में काबुल में हुए बड़े विस्फोटों से शामिल है। आतंकी संगठन तालिबान ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। काबुल में एक हफ्ते में उसका यह दूसरा हमला है। भारत ने इस आतंकी हमले को बर्बर और नृशंस करार देते हुए कड़ी निंदा की है।

अफगान सरकारी मीडिया सेंटर के निदेशक बारयालाई हिलाली ने कहा कि मृतकों संख्या बढ़ सकती है क्योंकि घायलों में कई की हालत गंभीर है। विस्फोट इतना जबर्दस्त था कि आसपास की कम ऊंचाई वाली इमारतें ध्वस्त हो गई। जबकि दो किमी दूरी पर स्थित इमारतों की खिड़किया हिल गई और 100 मीटर के दायरे में स्थित इमारतों के शीशे चटख गए। इलाके में भारतीय काउंसलर ऑफिस, स्वीडन एवं हालैंड के दूतावास और योरपीय यूनियन (ईयू) के कार्यालय हैं।

अफगान गृह मंत्रालय के उपप्रवक्ता नसरत रहीमी ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने चेकप्वाइंट से बचने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल किया। एक चेकप्वाइंट पर मरीज को अस्पताल ले जाने की बात कहकर वह निकल गया। दूसरे चेकप्वाइंट पर पकड़े जाने पर उसने एंबुलेंस को विस्फोट से उड़ा दिया। रहीमी ने हमले के लिए लिए तालिबान समर्थक हक्कानी नेटवर्क को जिम्मेदार बताया और कहा कि चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।

पिछले साल मई में जर्मन दूतावास के नजदीक विस्फोट के बाद यह दूसरा ब़़डा हमला है। उस हमले में 150 लोग मारे गए थे। अफगान तालिबान ने एक सप्ताह पहले काबुल के एक होटल पर हमला किया था, जिसमें 22 लोग मारे गए थे। इनमें अधिकतर विदेशी थे। गौरतलब है कि शनिवार सुबह ही विदेशी नागरिकों के लिए जारी अलर्ट में कहा गया था कि आतंकी संगठन आईएस बाजारों, दुकानों और विदेशियों द्वारा अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले होटलों को निशाना बना सकता है।

अब ज्यादा सख्ती से पेश आएगा अमेरिका

– काबुल में ब्लास्ट के बाद अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रैक्स टिलरसन खुद मीडिया के सामने आए। आमतौर पर इस तरह के बयान व्हाइट हाउस या पेंटागन की तरफ से ही जारी किए जाते रहे हैं।
– टिलरसन ने कहा- जितने भी देश अफगानिस्तान और बाकी दुनिया में अमन चाहते हैं, उन्हें अब साथ आना होगा। हम ये अपील भी करते हैं। अब ये जरूरी हो गया है कि तालिबान जैसी आतंकी संगठन के खिलाफ आखिरी जंग शुरू हो।
– टिलरसन ने आगे कहा- इन आतंकियों की जहां भी पनाहगाहें मौजूद हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा।

नजर पाकिस्तान पर

– टिलरसन का बयान साफतौर पर पाकिस्तान के लिए वॉर्निंग है। अमेरिका और अफगानिस्तान आरोप लगाते रहे हैं कि तालिबान के तमाम बड़े नेता पाकिस्तान में मौजूद हैं। यहां उनकी पनाहगाहें हैं। लेकिन, पाकिस्तान आर्मी इन नेताओं को बचाती आई है। ये अमेरिका को ब्लैकमेल करने की साजिश है।
– अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान में ड्रोन हमले किए हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका अब पाकिस्तान में इस तरह के हमले ज्यादा करेगा।

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