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कोरोना वायरस किसे खतरा ? सवालों का जवाब……

Dr randeep Guleriaभारत और कई देशों में कोरोना वायरस से लोग घबराए हुए हुए हैं, हल्की खांसी और छींक आने पर लोग टेंशन में आ जाते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना वायरस ने तो नहीं घेर लिया. डर, टेंशन और घबराहट को दूर करने के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने बातचीत की. उन्होंने लोगों के मन में कोरोना वायरस को लेकर उठ रहे तरह-तरह के सवालों का जवाब दिया है.

सवाल: कोरोना वायरस कितना खतरनाक है, इससे कितना डरना चाहिए और क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) एक नया वायरस है, जो तेजी से सारी दुनिया में फैल रहा है, इसके लिए अभी कोई दवाई नहीं बनी है. ऐसे में इसका कोई इलाज भी नहीं मिला है. हालांकि भारत इस वायरस को रोकने में सफल हुआ है. इसलिए भारत में यूरोप, चीन, अमेरिका की तुलना में कोरोना पीड़ितों के केस कम हैं. इससे घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आप चीन का डेटा देखें तो 80 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना वायरस इंफेक्शन या हल्का इंफेक्शन होता है. जो आम दवाई लेने से ठीक हो जाते हैं

सवाल- भारत में कोरोना की स्थिति कैसी है?

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया- कोरोना वायरस से पीड़ित शुरुआत में तीन केस भारत में आए थे. उन्हें ठीक कर लिया गया है. तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह सभी अपने घर पर हैं. कोरोना वायरस की वजह से 20 प्रतिशत लोगों को अस्पताल की जरूरत पड़ सकती है. जिनमें से 5 से 10 प्रतिशत को ICU की जरूरत पड़ सकती है.

सवाल – कोरोना वायरस से किन्हें सबसे ज्यादा खतरा है?

जवाब- ये समझने की जरूरत है कि ये इतनी खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन जो बुजुर्ग हैं, जिन्हें हार्ट प्रॉब्लम, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारी हैं. उन्हें इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

इसी के साथ हम सभी को सावधानियां बरतनी हैं. यदि कोरोना के केस अधिक बढ़ने लगे तो हेल्थ फैसिलिटी को पूरी तरह से तैयार रहने की जरूरत है. ताकि हम इस वायरस से पीड़ित होने वाले लोगों को रोक सके.

सवाल- कोरोना वायरस की वजह से तमाम जगहों पर जाने पर रोक लगा दी गई है, ऐसी स्थिति में क्या करें.

जवाब अगर कोरोना वायरस को लेकर ग्लोबल डेटा देखें तो घबराना लाजिमी है, क्योंकि यूरोप, इटली, अमेरिका में केस तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में लोगों के मन में डर पैदा होना सामान्य बात है, लेकिन अगर हम भारत की बात करें तो यहां कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं, पर आहिस्ता- आहिस्ता. ऐसे में ज्यादा घबराने की बजाए ज्यादा सतर्क रहें.साथ ही हम सभी को कुछ यात्राएं स्थगित कर देनी चाहिए. भीड़- भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें. इसी के साथ अगर मार्किट में जाने की जरूरत है जाए और दिनचर्या के काम करते रहें. अपने हाथ धोते रहें. ये सबसे ज्यादा जरूरी है.खांसी और छींक आ रही है तो रूमाल का इस्तेमाल करें. यदि रूमाल नहीं है तो छींकते समय हाथ की बाजू, मुंह व नाक पर भी रख सकते हैं. वहीं बुखार, जुकाम जैसे लक्षण हैं तो घर पर ही रहें और बाहर न जाएं.

सवाल- जुकाम, खांसी होने का मतलब कोरोना वायरस है?

जवाब- ये समझने की जरूरत है कि मौसम बदल रहा है, ऐसे में बुखार, नजला जुकाम, खांसी, गले में खराश हो सकती है. ये कोरोना वायरस के लक्षण होने के साथ- साथ आम लक्षण भी हैं.जिसको भी इस तरह के लक्षण हैं, वह घरबराएं नहीं और ये न समझे कि वह कोरोना वायरस के शिकार हो गए हैं. अभी हमारे देश में कोरोना वायरस का कोई आउटब्रेक नहीं हैं, ये आम फ्लू के लक्षण हैं, जिसमें कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है.

सवाल – मास्क लगाना जरूरी है या नहीं?

जवाब- दो टाइप के मास्क होते हैं. पहला सर्जिकल मास्क और दूसरा N95 मास्क. सर्जिकल मास्क सब लोगों को लगाने की जरूरत नहीं है. कोरोना वायरस के डर से सब लोग सोच रहे हैं कि हम जब भी बाहर जाएं मास्क लगा लें. लोग घर के अंदर भी मास्क लगा रहे हैं. लेकिन कोई डेटा ऐसा नहीं जो ये बता सके कि मास्क लगाने से आपकी सुरक्षा होगी और कोरोना से पूरी तरह से बचा जा सकता है.अगर आपको जुकाम, खांसी है तो मास्क लगा सकते हैं, ताकि छींकते और खांसते समय इंफेक्शन न फैलें. जब आप मार्केट में जा रहे हैं तो इंफेक्शन को आगे फैलने से रोक सकते हैं. लेकिन अगर आपको जुकाम और खांसी नहीं है तो कोई मास्क लगाने की जरूरत नहीं है.N95 वाला मास्क उन लोगों के लिए जरूरी है जो अस्पताल में काम कर रहे हैं. ऐसे डॉक्टर जो कोरोना वायरस के पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं उन्हें मास्क लगाना अनिवार्य है. क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने के ज्यादा चांस रहते हैं.

सवाल- कैसा खाना खाना चाहिए?

जवाब- अच्छी खुराक लेनी चाहिए. अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी खुराक लें. ताजी फल-सब्जियां खाएं, लेकिन इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कोई खास दवाई लेने की जरूरत नहीं है.

सवाल – क्या नॉनवेज से फैलता है कोराना?

जवाब- कोरोना वायरस एक ह्यूमन वायरस है. ये वायरस जानवर से इंसान में आया है. जिसकी वजह से ये वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में ड्रॉपलेट्स से फैल रहा है. जैसे कोई खांसता है तो ये वायरस हवा में आ जाता और दूसरे व्यक्ति की श्वास नली के माध्यम से उसके अंदर चला जाता है. इसी के साथ ये वायरस कुर्सी, टेबल, हाथ, नाक , मुंह में बैठ सकता है. अगर आप किसी भी चीज तो छूते हैं तो वायरस वहां पर मौजूद हो सकता है. वहीं नॉनवेज और अंडा खाने से ये वायरस नहीं फैलता. नॉनवेज और कोरोना वायरस का कोई लेना- देना नहीं है. नॉनवेज खाना चाहते तो खा सकते हैं. ध्यान रहे वह अच्छे से पका हुआ हो.बता दें, भारत में कोरोना वायरस के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. जबकि दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र से सामने आ रहे हैं. कोरोना वायरस के कारण जहां स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं. वहीं कई संस्थानों में अब कर्मचारियों को वर्क फॉर्म होम दे दिया गया है.

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