Pages Navigation Menu

Breaking News

31 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन

 

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना हो; पीएम नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

राम मंदिर भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग खारिज

ram-mandir-ayodhya-shaurya-diwasअयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस भूमि पूजन को रोकने के लिए दायर याचिका को ठुकरा दिया है।अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रस्तावित भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज  कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याचिका सिर्फ आशंकाओं पर आधारित है इसमें कोई तथ्य नहीं है।साकेत गोखले की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने कहा है कि याचिका कल्पनाओं पर आधारित है। फिर भी कोर्ट ने आयोजकों व राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि वे सोशल व शारीरिक दूरी बनाए रखने के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम करेंगे।

कोर्ट ने कहा है कि कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने की आशंका का कोई आधार नहीं है और याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस ने लेटर पिटीशन को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए भूमि पूजन के कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका की सुनवाई की।
दिल्ली के पत्रकार साकेत गोखले की ओर से भेजी गई लेटर पीआईएल में कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाला भूमि पूजन कोविड-19 के अनलॉक- 2 की गाइडलाइन का उल्लंघन है। कहा गया था कि भूमि पूजन में लगभग 300 लोग एकत्र होंगे, जो  कोविड-19 के नियमों के विपरीत होगा।

लेटर पिटीशन के माध्यम से भूमि पूजन के कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने की मांग की गई थी। कहा गया था कि भूमि पूजन का कार्यक्रम होने से कोरोना के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा। यह भी कहा गया था कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र की गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती। कोरोना संक्रमण के कारण ही बकरीद पर सामूहिक नमाज़ की इजाजत नहीं दी गई है और सैकडों लोगो की उपस्थिति में कार्यक्रम होने जा रहा है।

राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन का विरोध?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी  के करीबी एक एनजीओ एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका भेजकर 5 अगस्त को प्रस्तावित भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग की है. गोखले का कहना है कि जब बकरीद पर सामूहिक नमाज की इजाजत नहीं दी गई तो भूमि पूजन कैसे हो सकता है. गोखले ने कहा कि भूमि पूजन से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.बता दें कि श्री अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक के बाद 3 या 5 अगस्त की तारीख तय की थी. ट्रस्ट ने भूमि पूजन करने के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजा था, जिसे उन्होंने स्वीकर कर लिया. पीएम मोदी 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं. इस दौरान वो सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अयोध्या में रहेंगे. मंदिर के भूमि पूजन के लिए दोपहर 12:15 बजे का शुभ मुहूर्त  तय किया गया है. इस ऐतिहासिक मौके का साक्षी बनने के लिए महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत करीब 300 लोग अयोध्या में मौजूद रहेंगे. गोखले ने इस चिट्ठी को जनहित याचिका मानने का आग्रह करते हुए कहा कि यह भूमि पूजन केंद्र सरकार की अनलॉक-2 नियमावली का उल्लंघन है. यूपी सरकार केंद्र की नियमावली में छूट नहीं दे सकती. गोखले ने कहा कि बकरीद पर सामूहिक नमाज की भी इजाजत नहीं दी गई. ऐसे में भूमि पूजन की अनुमति कैसे दी जा सकती है. उन्होंने इससे कोरोना संक्रमण फैलने का अंदेशा भी जताया.साकेत गोखले कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी के करीबी हैं. साकेत गोखले की राहुल गांधी के साथ कई तस्वीरें हैं. साकेत गोखले ने राहुल गांधी के कई ट्वीट्स को रिट्वीट भी किया है.

 

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »