Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

नॉर्थ कोरिया पहुंचा तो लोगों की आंखों में आंसू थे – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

843083-trump-kimअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके उत्तर कोरिया में कदम रखने पर कई कोरियाई लोगों की आंखे भर आई थीं. दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया को बांटने वाले असैन्यकृत क्षेत्र में किम जोंग-उन से ऐतिहासिक मुलाकात से पहले ट्रंप ने दोनों देशों के बीच की कंक्रीट सीमा पार कर उत्तर कोरिया में कदम रखा था.ट्रंप उत्तर कोरिया की धरती पर पहुंचने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. किम के साथ मुलाकात के बाद ‘ओसान एयर बेस’ पर अमेरिकी सैनिकों से ट्रंप ने कहा, ‘मैंने उत्तर कोरिया में कदम रखा और वे कहते हैं कि यह ऐतिहासिक क्षण था.’उन्होंने कहा, ‘मैंने देखा कि कई लोगों की आंखें भर आई थीं. ‘ ट्रंप इस ऐतिहासिक मुलाकात के बाद रविवार को व्हाइट हाउस लौट आए थे. दूसरी ओर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ से इस मुलाकात को ‘बहुत बड़ी नौटंकी ‘ करार दिया है.

जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शुक्रवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को दोनों कोरिया को बांटने वाले असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में अनौपचारिक मुलाकात के लिए ट्वीटर निमंत्रण भेजा, तो दोनों नेताओं के पास पाने और खोने के लिए बहुत कुछ था। अगर किम मिलने के लिए नहीं आते, भले उनके पक्ष को साजिश दिख रही थी, तो ट्रंप को शर्मिंदा होना पड़ता और अपनी अप्रत्याशित कूटनीति के लिए उन्हें और आलोचनाएं सुननी पड़तीं। यह वियतनाम के हनोई में उनके शिखर सम्मेलन की नाटकीय विफलता से जुड़ जाता, जिसे ट्रंप ने अचानक बंद कर दिया था। लेकिन उत्तर कोरिया के नेता नियत समय पर पहुंच गए। इस ऐतिहासिक मुलाकात से कई बातें स्पष्ट हुईं।दोनों की मुलाकात के दौरान कई बार अव्यवस्था दिखी। वीडियो फुटेज में पत्रकार और कैमरामैन इन दोनों नेताओं के आसपास चिल्लाते, सुरक्षा अधिकारियों के साथ नोक-झोंक करते और इस मुलाकात को कवर करने के लिए सही जगह बनाते हुए एक-दूसरे को कोहनी मारते हुए दिखे। जबकि उत्तर कोरिया के सुरक्षा बलों ने अमेरिकी पत्रकारों को धक्का दिया। पत्रकारों से मिली जानकारी और वीडियो फुटेज के अनुसार व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव स्टीफनी ग्रिशम को उस वक्त काफी मशक्कत करनी पड़ी, जब वह अमेरिकी टीवी के क्रू मेंबरों को फ्रीडम हाउस में प्रवेश दिलाना चाह रही थीं।असैन्यीकृत इलाके में अप्रत्याशित भेंट और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को अतिरंजित नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि उस समय किम के सुरक्षाकर्मी अपने नेता को पूरी तरह से सुरक्षा देने के लिए तनावग्रस्त दिख रहे थे। वे पश्चिमी पत्रकारों, कैमरामैनों और अमेरिका, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के लोगों से घबराए हुए लग रहे थे। ट्रंप के अप्रत्याशित आमंत्रण ने उनके कूटनीतिक सहयोगियों को भी हैरान कर दिया, क्योंकि उस समय ट्रंप जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन में थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस आमंत्रण का अगर तत्काल ठोस लाभ न हो, तो भी इसका प्रतीकात्मक महत्व है। एक ट्वीट हाथ मिलाने और बीस कदम चलने की ऐतिहासिक घटना के तौर पर परिणत हो गया।

ट्रंप अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बन गए, जिन्होंने उत्तर कोरिया की सीमा में अपने कदम रखे। इस दौरान उन्होंने कई बार किम की पीठ थपथपाई और इसे ‘बड़ा अवसर -बड़ा अवसर’ कहा। असैन्यीकृत क्षेत्र में दुभाषिये के माध्यम से किम ने ट्रंप को कहा, ‘आपसे फिर से मिलना अच्छा है। मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि आपसे यहां मुलाकात होगी।’ अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों की खातिर तस्वीरों के लिए पोज देने के बाद दोनों नेता दक्षिण कोरिया की विपरीत दिशा में चले गए और फ्रीडम हाउस में लगभग एक घंटे तक द्विपक्षीय वार्ता की। अंत में ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाने के लिए लंबे समय से टलते आ रहे समझौते के लिए आखिरकार दोनों अपने वार्ताकारों को वार्ता की मेज पर भेजने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह किम को व्हाइट हाउस आने के लिए आमंत्रित करेंगे।

मुलाकात के दौरान की वीडियो फुटेज ने सीमा की रंगीन झलक दिखाई, जिसे कभी-कभी पिछले शीतयुद्ध का सीमांत कहा जाता है। दर्शकों ने लोगों को मोटी पीले रंग की रस्सी पकड़े हुए देखा, जो शायद पत्रकारों को रोकने के लिए लगाई गई थी। वहां नीले हट्स भी थे। ढाई मील चौड़े असैन्यीकृत इलाके की, जो दशकों से उत्तर और दक्षिण कोरिया को अलग करता है, निगरानी अमेरिकी नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र कमान और उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त रूप से की जाती है। सीमांकन रेखा पर बने इन हट्स को संयुक्त राष्ट्र के नीले रंग में रंगा गया है।

कैमरे ने पंमुजोम के युद्धविराम गांव के बैरियरों और सीमाओं को निकट से दर्शाया-जो दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल से 32 मील और उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 91 मील दूर स्थित है। यहीं पर अधिकारियों ने 1953 में तीन वर्ष से चल रहे युद्ध को रोकने के लिए युद्धविराम संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यह क्षेत्र खानों और कांटेदार तारों से अटा पड़ा है, हालांकि मुलाकात के दिन (रविवार) को वे नहीं दिखाई पड़ रहे थे। दूसरी ओर युद्ध के लिए तैयार सैनिक घातक हथियारों से अभ्यास करते हैं। लेकिन रविवार को वहां पत्रकारों की भारी भीड़ जमा थी। हालांकि जब ट्रंप उत्तर कोरिया में प्रवेश के लिए बैरियर पार कर रहे थे, तो यह कम भयावह लग रहा था। लेकिन दर्शकों ने मारे जाने के डर से सीमा पार करने का दुस्साहस नहीं किया।

दोनों नेताओं ने पुराने दोस्तों की तरह एक-दूसरे को प्रशंसा करते हुए बधाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने किम की सराहना की, जिसे विशेषज्ञ क्रूर, चंचल तानाशाह कहते हैं और जिसने अपने परिवार के लोगों की हत्या कर दी। किम ने पत्रकारों को बताया कि ‘इस मुलाकात का मतलब है कि हम एक अप्रिय अतीत को खत्म करना चाहते हैं और नए भविष्य की रचना की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए यह बहुत ही साहसिक और दृढ़ कार्य है।’ बाद में फ्रीडम हाउस में उन्होंने ट्रंप से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि आपके और हमारे बीच उत्कृष्ट व्यक्तिगत संबंधों के बिना ऐसी अप्रत्याशित बैठक हो पाती।’ उधर ट्रंप ने कहा कि ‘अगर आप नहीं आते, तो मीडिया मेरी खिल्ली उड़ाता, इसलिए आपने हम दोनों के लिए अच्छा काम किया और मैं इसकी सराहना करता हूं।’

भले ही सुलह के लिहाज से यह प्रतीकात्मक मुलाकात हुई, पर ट्रंप चाहेंगे कि उत्तर कोरिया के साथ रुकी हुई परमाणु वार्ता का समाधान निकल जाए, क्योंकि अगले वर्ष उन्हें चुनाव का सामना करना है। उन्हें निश्चित रूप से उम्मीद है कि इससे उन्हें प्रचार अभियान में मदद मिलेगी। लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियां और विश्लेषक कहते हैं कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार शायद ही छोड़े। किम ने हाल ही में मिसाइलों और प्रक्षेपास्त्र लांच कर अंतरराष्ट्रीय संकट को बढ़ावा दिया है तथा और परमाणु हथियारों के परीक्षण की धमकी दी है। बेशक ट्रंप ने किम की काफी प्रशंसा की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह मुलाकात और भी ऐतिहासिक होती, अगर इसका कुछ नतीजा निकलकर सामने आता।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *