Pages Navigation Menu

Breaking News

जेपी नड्डा बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

जिनको जनता ने नकार दिया वे भ्रम और झूठ फैला रहे है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान; मोहन भागवत

नरेन्द्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं; गृह मंत्री अमित शाह

amitजोधपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून  के पक्ष में राजस्थान के जोधपुर में जनसभा के बाद पाकिस्तान  से आए हिन्दू शरणार्थियों से मुलाकात की. इस दौरान अमित शाह ने शरणार्थियों को सुरक्षा का भरोसा दिया.रैली में शाह ने लोगों से बीजेपी के द्वारा सीएए का समर्थन जताने के लिए जारी किए गए टोल-फ्री नंबर पर मिस्ट कॉल भी कराई। इस दौरान शाह ने कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा। साथ ही शाह ने कांग्रेस पर सावरकर के अपमान का आरोप भी लगाया।

जनसभा में राहुल गांधी पर साधा निशाना
जनसभा में अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने ऐलान किया कि जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लें लेकिन बीजेपी इस कानून पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगर राहुल गांधी ने कानून पढ़ा है तो वह उनसे बहस कर सकते हैं.

राहुल गांधी को दी ये चुनौती
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस, ममता दीदी, एसपी, बीएसपी, केजरीवाल एंड कंपनी सभी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, इन सभी को मैं चुनौती देता हूं कि वो साबित करें इससे किसी अल्पसंख्यक को नुकसान होगा. अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा ने अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए. अगर नहीं पढ़ा है तो मैं आपको इटली भाषा में इसका ट्रांसलेशन भेजने के लिए तैयार हूं.

‘कांग्रेस ने सावरकर का किया अपमान’
शाह ने रैली के दौरान कांग्रेस पर स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के अपमान का आरोप लगाते हुए हमला बोला। शाह ने कहा, ‘वीर सावरकर जैसे इस देश के महान सपूत और बलिदानी का भी कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है। कांग्रेसियों शर्म करो-शर्म करो। वोट बैंक के लालच की भी हद होती है। वोट बैंक के लिए कांग्रेस ने वीर सावरकर जैसे महापुरुष का अपमान किया है।’

नागरिकता देने का कानून है सीएए
शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि आज कांग्रेस, ममता दीदी, एसपी, बीएसपी, केजरीवाल और कम्युनिस्ट सारे लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं। मैं इन सारी पार्टियों को चुनौती देता हूं कि कहीं पर भी इस कानून पर चर्चा करने के लिए आ जाओ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई लोग, जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर आए हैं, उन्हें नागरिकता देने का कानून है। विपक्षी इसके खिलाफ एकजुट हो जाएं, लेकिन बीजेपी इस फैसले पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।

शाह ने पूछा- क्या नेहरू थे सांप्रदायिक?

शाह ने कहा, ‘शरणार्थियों पर जो प्रताड़ना हुई है, इससे बड़ा मानवाधिकार का उल्लंघन कभी नहीं हुआ। वहां ये शरणार्थी भाई करोड़पति थे और आज उनके पास रहने की जगह नहीं है। हम इस कानून के द्वारा उन्हें राहत दे रहे हैं। जो शरणार्थी अत्याचार झेलकर भारत आए हैं, जिनकी संपत्ति, रोजगार छीन लिया गया। जिसका परिवार छिन गया, और उनके लिए विपक्षी कहते हैं कि इन्हें नागरिकता नहीं दी जाए। उन देशों से जो शरणार्थी आए हैं वो भारत के ही हैं।’ उन्होंने कहा कि शरणार्थियों को अपनाने का वादा महात्मा गांधीजी का भी था, क्या वह सांप्रदायिक थे? जवाहरलाल नेहरू ने भी संसद में कहा था कि जो हिन्दू या सिख आए हैं , हम उन्हें नागरिकता देंगे, क्या वह सांप्रदायिक थे? सरदार पटेल, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद जैसे लोगों ने भी यही बात कही थी।

टोल फ्री नंबर पर मिस्ट कॉल की अपील
रैली के दौरान अमित शाह ने लोगों से मोबाइल निकालकर बीजेपी के द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन जताने के लिए जारी किए गए टोल-फ्री नंबर 8866288662 पर मिस कॉल करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा, ममता दीदी, केजरीवाल की टोली को जवाब देने के लिए अपने मोबाइल से 88662-88662 पर मिस्ट कॉल करके नरेन्द्र मोदी को नागरिकता संशोधन कानून के लिए अपना समर्थन दीजिए। शाह ने आगे कहा कि ये नरेन्द्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। बेशुमार अत्याचार के बाद जो यहां आए हैं, मोदी सरकार आप सभी को नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करने जा रही है।

धर्म के आधार पर कानून नहीं करता भेदभाव: शाह
शाह ने कहा कि विपक्ष के लोग देश को गुमराह कर रहे हैं कि इससे भारत के मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी, लेकिन मैं आप सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये क़ानून नागरिकता देने का है, किसी की नागरिकता छीनने का नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गुमराह कर रही है कि ये कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करेगा। हमने किसी भी धर्म को बाकी नहीं रखा है, इन 3 देशों जो अल्पसंख्यक हैं, चाहे वे हिन्दू हों, सिख हों, जैन, बौद्ध, पारसी या ईसाई हों इन सभी को हम नागरिकता दे रहे हैं।

जोधपुर में अमित शाह के भाषण की खास बातें

– धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं होना चाहिए था, कांग्रेस पार्टी ने धर्म के आधार पर बंटवारा किया. पाकिस्तान, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक तेजी से घट रहे हैं, प्रताड़ना की पराकाष्ठा के शिकार बने शरणार्थियों की किसी ने चिंता नहीं की.

– 56 इंच के सीने वाले आदमी ने दिखाई हिम्मत, शरणार्थियों के मानवाधिकारों की चिंता की. मैं डंके की चोट पर कहता हूं, भारत आए शरणार्थियों के लिए भारत अपना है.
– मोदी सरकार वोट बैंक की राजनीति नहीं करती, भारत ने अल्पसंख्यकों को बहुत मान सम्मान से रखा, अफगानिस्तान में तो महज 500 अल्पसंख्यक ही बचे हैं.
– कांग्रेस नेताओं के वचन का पालन कांग्रेस ने नहीं किया, लेकिन हम करेंगे.
– देश में आए विस्थापितों में से 70 फीसदी दलित. सपा और बसपा पर साधा निशाना. नागरिकता संशोधित कानून का विरोध कर दलितों का विरोध कर रहे.
-इस कानून के आने के बाद दंगे करवाये गए, विरोध करने वालो को कहना चाहता हूं, इतना आसान नहीं होता लोगों को गुमराह करना.
– भाजपा देशव्यापी जनजागरण शुरू कर रही है, 500 सभाएं कर कानून के बारे में बताएंगे.
– कांग्रेस को देशहित के मुद्दों का विरोध करने की आदत पड़ गई, ट्रिपल तलाक, अनुच्छेद-370, राम मंदिर, एयर स्ट्राइक का विरोध किया.
– वोटबैंक के लिए वीर सावरकर को अपमानित किया.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *