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अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं

afganistan pakकाबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों ने जोर पकड़ लिया है। दरअसल अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में आने के लिए मदद करने के खिलाफ पाकिस्तान के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क रहा है। इस बीच काबुल में पाकिस्तान विरोधी रैली हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग उमड़े। भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी। टोलो न्यूज के मुताबिक प्रदर्शनकारी इस दौरान हाथों पर तख्तियां लिए नारे लगा रहे थे- ‘पाकिस्तान- पाकिस्तान, छोड़ दो अफगानिस्तान।’ प्रदर्शनकारी काबुल के सेरेना होटल की ओर मार्च कर रहे थे, जहां पाकिस्तानी ISI चीफ रह रहे हैं।

इस प्रदर्शन की वजह से तालिबान के ऊपर पाकिस्तानी दबाव देखने को मिला, जिसका नतीजा ये हुआ कि तालिबान ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं. इस दौरान प्रदर्शन में ISI चीफ की मौत की दुआएं भी मांगी गईं. इस प्रदर्शन में 70 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें अधिकतर महिलाएं थीं. इन प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया. इन लोगों ने पाकिस्तानी दखलअंदाजी को लेकर बैनर्स के साथ विरोध जताया. इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की गई. प्रदर्शन के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ और ‘पंजशीर जिंदा रहे’ जैसे नारे लगाए गए. इस दौरान महिलाओं ने कहा, ‘किसी को भी पंजशीर में घुसपैठ करने की इजाजत नहीं है. फिर वो तालिबान हो या फिर पाकिस्तान. रेजिस्टेंस फोर्स अमर रहे.’

पाकिस्तान और ISI के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी

pak 2तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान के कई शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतर पर चरमपंथी संगठन के खिलाफ प्रदर्शन किया है. मंगलवार को जैसे ही आंदोलन तेज हुआ प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने पाकिस्तान और ISI के खिलाफ नारे लगाए. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों द्वारा साझा किए गए वीडियो में सैकड़ों अफगान पुरुषों और महिलाओं को पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए और काबुल की सड़कों पर बैनर्स लिए हुए देखा गया. जैसे ही गुस्सा बढ़ा अफगान प्रदर्शनकारियों ने ‘आजादी, आजादी’ और ‘पाकिस्तान की मौत’, ‘ISI की मौत’ जैसे नारे लगाए गए. वहीं, नकाब और बुर्का पहनी हुईं महिलाओं ने काबुल की सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की.

पाकिस्तान को दूसरा घर कह चुका है तालिबान

तालिबान ने सोमवार को दावा किया कि उसने पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया है, जहां से तालिबान के खिलाफ प्रतिरोध बल कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. वहीं, तालिबान पर खासा प्रभाव रखने वाली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख ने शनिवार को काबुल का दौरा किया. अफगानिस्तान में अमेरिकी युद्ध के 20 वर्षों के दौरान पाकिस्तान तालिबान का प्रबल समर्थक रहा है. तालिबान ने पाकिस्तान को अपना ‘दूसरा घर’ भी कहा है. साथ ही तालिबान ने पाकिस्तान को जल्द ही होने वाली सरकार गठन समारोह के लिए आमंत्रित किया है. तालिबान कह चुका है कि पाकिस्तान उसके लिए खासा महत्वपूर्ण है.

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ फूटा गुस्सा, काबुल की सड़कों पर उतरी महिलाएं

काबुल में बीती रात महिलाओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. दरअसल यह दावा किया जा रहा है कि पंजशीर में तालिबान के जीत के पीछ पाकिस्तान का सहयोग भी शामिल है.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीती रात अफगानिस्तान की महिलाएं आईएसआई चीफ और पाकिस्तान के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगीं. इस प्रोटेस्ट में महिला प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आईएसआई चीफ फैज हमीद के वापस जाने की मांग की.अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने लिमिट क्रॉस कर दी है. पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान और फाइटर ड्रोन ने पंजशीर घाटी  में बेतहाशा बम बरसाए हैं, जिस पर ईरान ने कड़ा ऐतराज जताया है और पाकिस्तान के इस एक्शन के बाद तालिबान ने पंजशीर पर कब्जे का दावा किया है.

 

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