Pages Navigation Menu

Breaking News

अयोध्या विकास प्राधिकरण की बैठक में सर्वसम्मति से राम मंदिर का नक्शा पास

मानसून सत्र 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा, दोनों सदन अलग-अलग समय पर चलेंगे

  7 सितंबर से चरणबद्ध तरीके से मेट्रो सेवाएं होंगी शुरू, 12 सितंबर तक सभी मेट्रो लगेंगीं चलने 

पाकिस्तान में शिया- सुन्नी टकराव… शिया काफिर हैं लगे नारे

pakisthan siya Karachi-protestsपाकिस्तान में मुस्लिम धर्म के लोग आपस में लड़ाई पर उतर गए हैं जिसके तहत सुन्नी और शियाओं में टक्कर हो चली है। दरअसल, पाकिस्तान में शिया समुदाय के खिलाफ ईशनिंदा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पाकिस्तान के कराची शहर में तहरीक-ए-लबाइक पाकिस्तान (टीएलपी) और अहल-ए-सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे) ने अल्पसंख्यक शिया समुदाय के खिलाफ रैलियां निकालीं जिसमें हजारों की तादाद में लोगों ने हिस्सा लिया है। रैली के दौरान लोगों ने शिया समुदाय के खिलाफ ‘शिया काफिर हैं’ जैसे नारे लगाए और मुहर्रम के जुलूस पर बैन लगाने की भी मांग की।दरअसल, पिछले महीने मुहर्रम पर आशूरा जुलूस का टीवी चैनल पर प्रसारण किया गया। आरोप है कि शिया धर्म गुरुओं ने इस्लाम के खिलाफ कमेंट किया। इसके बाद देश में कई शिया मुस्लिमों पर धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने और आशूरा जुलूस में हिस्सा लेने के लिए हमला किया। शिया नेताओं के टीवी पर इस्लाम के खिलाफ बयान दिया था। जिसके बाद से विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

pakisthan siya oneपाकिस्तान में शिया समुदाय की आबादी 20 फीसदी है। 20वीं सदी के मध्य से शिया समुदाय के लोगों को सुन्नी चरमपंथी समूहों अहले-सुन्नत वल जमात, लश्कर-ए-जंघवी, सिपह-ए-सहावा पाकिस्तान के हमलों का निशाना बनना पड़ रहा है। ये सारे संगठन ईशनिंदा को लेकर शिया समुदाय के लोगों को टारगेट करते रहे हैं।हाल के दिनों में, शिया समुदाय के खिलाफ नफरत और हिंसा फिर से बढ़ती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने रैली का वीडियो शेयर किया है जहां पर लोगों को ‘शिया काफिर हैं’ जैसे नारे लगाते सुना जा सकता है। ट्विटर यूजर ने दावा किया कि इमामिया लाइन्स एरिया में इमामबाड़ा पर कट्टरपंथी सुन्नी पार्टी के सदस्यों ने हमला भी किया।सोशल मीडिया के एक अन्य यूजर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के हाथ में आतंकवादी संगठन ASWJ/SSP के बैनर्स थे। ये आतंकी संगठन ही पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों की हत्या के जिम्मेदार रहे हैं।पाकिस्तान में मुहर्रम की शुरुआत से ही शिया समुदाय के खिलाफ कैंपेन शुरू हो गए थे। जियारत-ए-आशुरा को पढ़ने की वजह से शिया समुदाय के लोगों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया जा रहा है। जियारत-ए-आशुरा में इमाम हुसैन के हत्यारों की निंदा की जाती है। शिया समुदाय के कुछ वक्ताओं को पैगंबर मोहम्मद के साथियों को लेकर दिए गए बयान को लेकर भी ईशनिंदा के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है।

pakisthan siya twoपाकिस्तान में एक महीने के भीतर ईशनिंदा के 42 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से ज्यादातर केस शिया समुदाय के लोगों के खिलाफ ही दर्ज हुए हैं। इन पर पैगंबर मोहम्मद के साथियों का अपमान करने के आरोप में पाकिस्तान दंड संहिता के सेक्शन 295-A और सेक्शन 298 के तहत केस दर्ज किया गया है।अहमदिया और ईसाई समुदाय के भी कुछ लोगों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है। पाकिस्तान में ईशनिंदा को लेकर मॉब लिचिंग, हत्याएं और प्रदर्शन होते रहे हैं।पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने धार्मिक और सांप्रदायिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ ईशनिंदा के बढ़ते मामलों कोलेकर चिंता जताई है। मानवाधिकार आयोग ने कहा कि पुलिस को भी ईशनिंदा के मामले जल्दबाजी में दर्ज नहीं करने चाहिए। आयोग ने कहा कि ऐसे मामले अक्सर निजी दुश्मनी निकालने के लिए और मनगढ़ंत होते हैं और ईशनिंदा का केस दर्ज करने के संवेदनशील नतीजों को समझना चाहिए।पाकिस्तान में पिछले 5 सालों में शिया मुसलमानों के खिलाफ हिंसा काफी बढ़ गई है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शिया मुसलमानों की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद हत्यारे खून से ही शियाओं के घर के बाहर ”शिया काफिर हैं” भी लिखते हैं।

मौलाना कल्बे जवाद ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, सिपह-ए-सहाबा को घोष‍ित क‍िया आतंकी संगठन

pakisthan siyaशिया समुदाय के खिलाफ बीते दिनों पाकिस्तान में लाखों लोगों ने सड़क पर उतर कर नारेबाजी की थी। जिसके बाद से पुरी दुनिया में पाकिस्तान हुकूमत को इसके बाद कड़ा विरोध झेलना पड़ा था। अब उसकी आंच लखनऊ तब पहुंच गई है। इमाम-ए-जुमा व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। साथ ही रैली निकालकर शिया समुदाय शियों को काफिर करार देने वाली तंजीम सिपह-ए-सहाबा को आतंकी संगठन करार दिया।मौलाना ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए सिपह-ए-सहाबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर शिया-सुन्नी द्वारा मिलकर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास का घेराव करने का एलान किया। चौक स्थित इमामबाड़ा गुफरानमआब में समुदाय को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह से शिया दुश्मनी और यजीज से दोस्ती बढ़ रही है। वह एक दिन पाकिस्तान से यजीदिस्तान में तब्दील हो जाएगा। शियों के खिलाफ रैली निकालकर आतंकी तंजीम सिपह-ए-सहाबा ने उनके कत्लेआम का एलान किया है।मौलाना ने कहा कि पाकिस्तान में रैली निकाल हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलेहिस्सलाम के कातिल यजीद की हिमायत में जिंदाबाद के नारे लगाकर शियों के कत्लेआम की धमकी दी गई। वह भी पाकिस्तानी हुकूमत को वार्निंग देकर। इसके बाद भी पाकिस्तानी सरकार ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे यह बात साफ हो जाती है कि सरकार भी उनके साथ है। मौलाना ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोग अमरीकी, इजराईली व सऊदी अरब हुकूमतों के आलाकार है, जो एक लंबे अरसे से शिया-सुन्नी फसाद फैलाकर पाकिस्तान में शियों के खून की होली खेल रहे हैं।

 शिया संगठन ने UN को पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग

ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड (AISHF) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को पत्र लिखकर पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों के खिलाफ हो रही ज्यादतियों को रोकने की गुजारिश की है। यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरस को लिखे पत्र में पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों पर हो रहे हमलों और सांप्रदायिकता को रोकने के लिए कहा गया है।यूएन महासचिव को लिखे पत्र में इसके लिए एक इंटरनैशनल कमिशन बनाने की भी मांग की गई है। यह पत्र AISHF की ओर से महासचिव सैयद हसन मेंहदी ने लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों के दौरान पाकिस्तान में करीब 30 हजार शियाओं को मौत के घाट उतार दिया गया।सैयद हसन ने कहा, ‘पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत इतनी खराब है कि वहां चाहे शिया हों या सिख, हिंदू और ईसाई…कोई भी सुरक्षित नहीं है। 2020 में ही आतंकियों ने सबसे ज्यादा शिया मुसलमानों को निशाना बनाया है। हर साल की तरह मुहर्रम के समय ये हमले और ज्यादा तेज हुए।’AISHF ने यूएन को पत्र ऐसे समय लिखा है जब पाकिस्तान के कराची में शुक्रवार को एंटी-शिया प्रदर्शन हुए थे। इस प्रदर्शन के बाद शिया मुसलमानों को सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में इजाफा होने का डर सता रहा है।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *