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दिल्ली में अप्रैल में 10 हजार मौतें रजिस्टर

 नई दिल्ली राजधानी में कोरोना अब काबू में नजर आ रहा है, लेकिन आंकड़े बयां कर रहे हैं कि कि कोरोना ने इस बार दिल्ली को काफी गहरे जख्म दिए हैं। पिछले साल की पहली लहर कीतुलना में वायरस इस साल अधिक जानलेवा साबित हुआ है। एमसीडी की डेथ रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल डेथ रजिस्ट्रेशन के आंकड़े पिछले साल की तुलना में ढाई गुना ज्यादा हैं।

इस साल कोरोना संक्रमण इतना घातकऔर जानलेवा रहा कि सभी रेकॉर्ड तोड़ टूट गए। पिछले साल अप्रैल में नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी एरिया में कुल 4,441 डेथ रजिस्ट्रेशन हुए थे। इसमें नॉर्थ में 2388, साउथ में 1383 और ईस्ट एमसीडी में 670 डेथ रजिस्टर हुई थीं। वहीं इस साल तीनों एमसीडी एरिया में अप्रैल महीने में पिछले साल की तुलना में ढाई गुना अधिक डेथ रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

अप्रैल 2021 में 10,750 मौतों का रजिस्ट्रेशन किया गया। अफसरों का कहना है कि पिछले साल और इस साल के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों में इतना अंतर इसलिए है कि इसमें करीब 60-70 प्रतिशत मृतक ऐसे हैं, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है।बीते कुछ सालों के डेथ रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों की तुलना करें, तो दिल्ली में एक महीने में कभी भी 10 हजार मौतें रजिस्टर नहीं हुई हैं।

अफसरों का कहना है अप्रैल के आखिरी दिनों में दिल्ली में कोरोना का पीक माना जा रहा था। 28 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल के बीच कोरोना से मौत के मामले भी सबसे अधिक थे। अप्रैल के आखिरी दिनों में एमसीडी के श्मशानों में एक दिन में 700 से अधिक कोविड डेड बॉडीज का अंतिम संस्कार हो रहा था। वहीं अब यह संख्या सिमटकर 250-300 तक आ गई है। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लोग कोविड से बचाव के नियमों को पालन करना छोड़ दें। अभी भी लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने जैसे नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

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