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स्कूल में हिजाब पहनने की जिद गलत, कुरान में हिजाब नहीं’; आरिफ मोहम्मद खान

arifनई दिल्ली: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कर्नाटक में हिजाब विवाद के बीच शुक्रवार को कहा कि कुरान में हिजाब शब्द का किसी भी संदर्भ में इस्तेमाल  नहीं किया गया है। उन्होंने साथ ही कहा कि आप कहीं भी कुछ भी पहनने के लिए आजाद हैं लेकिन जब आप किसी संस्था से संबद्ध होते हैं तो आपको उसके अनुशासन और उसके ड्रेस कोड को मानना चाहिए। इंडिया टीवी से बात करते हुए गवर्नर खान ने कहा कि यदि छात्राओं के ऐडमिशन के बाद स्कूल या कॉलेज ने इस तरह की शर्तें लगाईं हों तो उस पर एक बार जरूर ऐतराज हो सकता है।

  • हिजाब डे’ मनाने वालों को आरिफ मोहम्मद खान की नसीहत
  • ‘कुरान में लिबास के रूप में हिजाब का इस्तेमाल नहीं’
  • स्कूल में हिजाब पहनने की जिद गलत- केरल गवर्नर

‘हर संस्था का एक अनुशासन और एक ड्रेस कोड होता है’

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘मैं यही कह सकता हूं कि यह बहुत अफसोसनाक है। जब भी आप धार्मिक आस्था को लेकर, शिक्षण संस्थाओं को लेकर ऐसे विवाद पैदा करने की कोशिश करेंगे, तो उसके परिणाम स्वस्थ नहीं हो सकते। कोई क्या पहनना चाहता है, यह उसकी मर्जी है। यह कोई तरीका नहीं है उसपर रोक लगाई जाए। लेकिन जब आप किसी संस्था से संबद्ध होते हैं, तो फिर उस संस्था का अपना एक अनुशासन और एक ड्रेस कोड होता है।’

‘…तो इस बात पर एक बार ऐतराज हो सकता है’
खान ने कहा, ‘भारतीय पुलिस सेवा में कितनी मुस्लिम महिलाएं काम करती हैं? क्या धर्म में कोई चीज जरूरी है तो उनके लिए नहीं है? उन्होंने जानते समझते हुए सर्विस एग्रिमेंट पर दस्तखत किए हैं, क्या उनमें से आज तक किसी ने छूट की मांग की है? अब तो मिलिट्री में भी मुस्लिम महिलाएं हैं। और जहां तक बच्चों की बात है, आप उन्हें किसी भी कॉलेज में भेजेंगे, तो आपको अनुशासन तो मानना होगा। हां, अगर बच्चियों के ऐडमिशन के बाद कुछ इस तरह कि शर्त लगाई हो तो उसपर एक बार ऐतराज हो सकता है।’

‘कुरान में लिबास के रूप में हिजाब का इस्तेमाल नहीं’
केरल के गवर्नर ने कहा, ‘ऐडमिशन के वक्त जब फॉर्म पर दस्तखत किया जाता है तो वह एक लीगल कॉन्ट्रैक्ट होता है कि आप संस्था का अनुशासन मानेंगे। आजकल तो कुछ ऐसा माहौल है, जहां एक मौका खोजा जाता है जिससे सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर सकें, समाज में दीवारें खड़ी करने की कोशिश कर सकें। जहां तक कुरान का सवाल है, हिजाब का लफ्ज उसमें महिलाओं के लिबास को लेकर किसी भी संदर्भ में इस्तेमाल ही नहीं हुआ है। उसमें खिमार की बात कही गई है। कुरान की आयत में कहा गया है कि अपने खिमार (चुनरी) को अपने जलबाब (कमीज) के ऊपर डाल लो।’

 

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