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काठमांडू दौरे से भारत-नेपाल के रिश्ते होंगे मजबूत : आर्मी प्रमुख नरवाने

naravane1-1579072442-1599113241नई दिल्ली। सेना प्रमुख जरनल एमएम नरवाने ने मंगलवार को कहा कि उनके काठमांडू दौरे से भारत और नेपाल के संबंध पहले ज्यादा मजबूत होंगे। इसका फायदा दोनों देशों की सेनाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा, मैं अपनी नेपाल यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हूं। वहां मेरी मुलाकात वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ ही अन्य लोगों से भी होगी जिससे दोनों देशों के संबंधों में और प्रगाढ़ता आएगी। वह बुधवार को अपने तीन दिवसीय दौरे पर नेपाल जा रहे हैं। इस दौरान उन्हें नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भारती द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।

भारतीय सेना प्रमुख नेपाल के सेना प्रमुख जनरल थापा से कई मुद्दों पर करेंगे वार्ता

सेना प्रमुख नेपाल के अपने समकक्ष जनरल पूर्ण चंद्र थापा सहित नेपाल के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से दोनों देशों से लगती लगभग 1,800 किलोमीटर लंबी सीमा के प्रबंधन सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए गए हैं नेपाल

नेपाल द्वारा एक नया राजनीतिक नक्शा जारी किये जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया है। इसके बाद से भारत की ओर से यह पहला उच्च स्तरीय दौरा है। नए नक्शे में नेपाल ने उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों को अपना बताया गया है। सेना प्रमुख एमएम नरवाने रक्षा क्षेत्र सहित समग्र संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस यात्रा पर गए हैं।  ऐसे माना जा रहा है कि उनके इस दौरे से काठमांडू के साथ सीमा विवाद के चलते रिश्तों में आई तल्खी को सामान्य करने की दिशा में मदद मिलेगी। खासकर, पारंपरिक रूप से दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य सबंधों के आधार पर। पूरे मामले से वाकिफ सूत्र ने हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को इस बारे में मंगलवार को बताया।नरवणे 4 नवंबर से लेकर 6 नवंबर तक नेपाल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नेपाल के अपने समकक्षीय जनरल पुर्नचंद्र थापा और शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी एक समारोह के दौरान नेपाली आर्मी के जनरल रैंक से नरवणे को सम्मानित करेंगी।दोनों देशों के रिश्तों में उस वक्त खटास आ गई थी जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लिपुलेख में एक बॉर्डर को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन करने गए थे, जिस पर नेपाल ने अपना दावा किया।इसके बाद काठमांडू ने एक नया पॉलिटिक मैप जारी करते हुए भारत के नियंत्रण वाले हिस्से कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा बता दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया था। अधिकारियों ने बताया कि नवरणे के दौरे से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर बहुप्रतीक्षित बातचीत के एक जमीनी आधार तैयार हो जाएगा।नरवण ने नेपाल यात्रा की पूर्व संध्या पर कहा- “नेपाल दौरे पर जाने को लेकर मैं खुश हूं और मैं वहां पर अपने समकक्षीय जनरल पूर्णचंद्र थामा से मुलाकात करूंगा। मुझे भरोसा है कि यह यात्रा से दोनों सेनाओं को संजोने वाले बंधन और मित्रता को मजबूत करने में एक लंबा रास्त तय करेगी।”

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