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अयोध्या में बनने वाली मस्जिद में नमाज पढ़ना हराम, बनाने वाले ज़ालिमों चुल्लू भर पानी में डूब मरो…

owaisiनई दिल्ली; एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को लेकर कहा है कि 5 एकड़ में बनने वाली इस मस्जिद में नमाज पढ़ना हराम है। उन्होंने यह भी कहा है कि मस्जिद के लिए चंदा देना भी गलत है और इस मस्जिद को बनाने वालों को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए।ओवैसी ने कहा, ‘जो लोग बाबरी मस्जिद की जगह पर पांच एकड़ जमीन लेकर मस्जिद बना रहे हैं.हकीकत में वो मस्जिद नहीं बल्कि ‘मस्जिद-ए-ज़ीरार है..ऐ ज़ालिमों चुल्लू भर पानी में डूब मरो..मैंने हर तरह के उलेमाओं से पूछा..तो सबने कहा कि उस मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती..उसमें नमाज पढ़ना हराम है…उसमें पैसा देना गलत है।’

 

ये बयान दिया था असदुद्दीन ओवैसी ने
आपको बता दें की असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को ayodhya mosqueलेकर कहा था कि, “मुनाफ़िक़ों की जमात जो बाबरी मस्जिद के बदले 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद बनवा रहे हैं, हकीकत में वो मस्जिद नहीं बल्कि ‘मस्जिद-ए-ज़ीरार’ है. पैगंबर मुहम्मद के ज़माने में मुनाफ़िक़ों ने मुसलमानों की मदद करने के नाम पर एक मस्जिद बनवाई थी. हकीकत में उसका मक़सद उस मस्जिद में नबी  का खात्मा और इस्लाम को नुकसान पहुंचाना था, (क़ुरान में उसे ‘मस्जिद -ए- ज़ीरार’ कहा गया है) ऐसी मस्जिद में नमाज़ पढ़ना और चंदा देना हराम है”

असदुद्दीन ओवैसी पर भड़के इकबाल अंसारी

ansari vs owasiअयोध्या: जिले के धन्नीपुर में 5 एकड़ जमीन पर बन रही मस्जिद को लेकर एआईएमआईएम  के चीफ असदुद्दीन ओवैसी  के कर्नाटक में दिए विवादित बयान पर अयोध्या से कड़ी प्रतिक्रिया आई है. बाबरी मस्जिद के पक्षकार हो या फिर अयोध्या के साधु-संत सभी ओवैसी से नाराज हैं. उनका कहना है कि ऐसे भड़काऊ बयान देकर ओवैसी हमेशा लोगों को लड़ाने की राजनीति करते रहते हैं. इसलिए उनकी बात पर ध्यान ना दिया जाए और ऐसे बयान देने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि, जो 5 एकड़ जमीन मिली है, उसमें स्कूल बन रहा है.मस्जिद बन रही है. हॉस्पिटल बन रहा है. उन्होंने फतवा जारी किया है कि कोई उसमें नमाज ना पढ़े, चंदा ना दें! कौम को चाहिए कि उनकी बात पर बिल्कुल ध्यान ना दें.

मंदिर-मस्जिद की राजनीति बंद होनी चाहिए:इकबाल अंसारी
उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश कर दिया है वह काम हो रहा है, उसको होने दें. अब सारे विवाद खत्म हो चुके हैं. हिंदू मुसलमानों में एकता है. अमन चैन और विकास की बात हो रही है. मस्जिद और मंदिर की राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. ओवैसी को चाहिए कि ऐसा फतवा ना दें और मुसलमानों को चाहिए कि उनकी बात पर ध्यान ना दें.

ओवैसी को बताया गद्दार
तपस्वी छावनी के महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि “एक सांसद होकर इस तरह के गैर जिम्मेदाराना और असंवैधानिक भाषण देना निश्चित रूप से देशद्रोह की श्रेणी में आता है. ओवैसी देश का ऐसा गद्दार व्यक्ति है, जो हमेशा भड़काऊ भाषण देकर लड़ाने की बात करता रहता है. जब सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है और सर्वोच्च न्यायालय के जजमेंट पर धन्नीपुर में जो निर्माण हो रहा है उसको लेकर अगर यह प्रश्न खड़ा किया जा रहा है तो यह न्यायपालिका पर प्रश्न चिन्ह है! न्यायपालिका पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करने का किसी को अधिकार नहीं है”.

‘ऐसे नेताओं को करना चाहिए नजरअंदाज’
जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि, यह संवैधानिक,अमर्यादित और भड़काऊ भाषण है. असदुद्दीन ओवैसी के भाषण पर रासुका लगना चाहिए. इनको सलाखों के पीछे होना चाहिए . जब देखो तब हमेशा देश को तोड़ने की बात करते हैं. हमेशा लड़ाने की बात करते हैं.असदुद्दीन ओवैसी का भाषण हमेशा भड़काऊ होता है. कभी इन्होंने देश हित की बात नहीं की. अपने निजी स्वार्थ में हमेशा लोगों को लड़ाने की बात करते हैं. देश के मुसलमानों को इनसे सावधान रहना चाहिए. इनको देश का गद्दार समझकर इन को दरकिनार करने की आवश्यकता है.

 

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