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लाल क़िला में ज्यादातर उपद्रवियों के पास हथियार थे

India Republic Dayनई दिल्ली: लाल क़िला पर हुई हिंसा को लेकर सुप्रिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट दिल्ली सर्कल ने दिल्ली पुलिस के एसएचओ कोतवाली के नाम लेटर लिखा है. इसमें गणतंत्र दिवस के दिन लाल क़िला में हुई हिंसा के बारे में पूरी जानकारी दी गई. लेटर में बताया गया कि लाल क़िला में उपद्रवियों ने कितनी और कहां-कहां तोड़फोड़ की.सुप्रिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट दिल्ली सर्कल ने लेटर में लिखा, ‘मैं 26 जनवरी को लाल क़िला पर हुए नंबर ऑफ सीरीज इंसिडेंट्स पर रिपोर्ट करना चाहता हूं. आप इस बात से भली भांति वाकिफ होंगे कि लाल किला  यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट (UNESCO World Heritage Monument) है और एंसीएंट मॉन्यूमेंट्स एंड आर्कियोलॉजिकल साइट्स एंड रिमेन्स एक्ट, 1958 (Ancient Monuments and Archaeological Sites And Remains Act, 1958) के अंडर प्रोविजन में आता है.

लाल क़िला पर हमले के दिन क्या-क्या हुआ था़

farmer1- करीब 12 बजकर 10 मिनट पर करीब 25 ट्रैक्टर और 200 से 300 आंदोलनकारी नेताजी सुभाष मार्ग से ज्ञानपथ एरिया में घुसे और लाहौरी गेट की तरफ से लाल क़िला के अंदर घुसने के लिए पुश करके अपना रास्ता बनाया. उस समय रिपब्लिक डे सेलेब्रेशन खत्म होने के बाद सीआईएसएफ कमांडेंट रेड फोर्ट यूनिट, कन्वर्सेशन असिस्टेंट और एएसआई  रेड फोर्ट एरिया राजपथ से आने वाली झखियों को रिसीव करने में व्यस्त थे.

2- इस ग्रुप की कोशिश को दिल्ली पुलिस  और सीआईएसएफ  ने न्यूट्रिलाइज्ड कर दिया था. फिर लाहौरी गेट के तीनों गेट को बंद करके लॉक कर दिया गया और ह्यूमन बैरियर्स को भी बंद गेट के सामने खड़ा कर दिया गया.

3- इसके तुरंत बाद लाहौरी गेट से एंट्री करने के लिए उपद्रवियों द्वारा दो से तीन प्रयास और किए गए लेकिन उन्हें कामयाब नहीं होने दिया गया.

4- इसके बाद करीब 1 बजे सुभाष मार्ग से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी लाल क़िला की तरफ बढ़ने लगे. इन उपद्रवियों को मोटर साइकिल और ट्रैक्टर्स पर सवार लोग लीड कर रहे थे. इस ग्रुप ने भी लाहौरी गेट के पास मॉब को ज्वाइन कर लिया. इसके बाद ये जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश करने लगे.

5- इसके बाद मॉब ने टिकट काउंटर, डोर फ्रेम, मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर को डेमेज करना शुरू कर दिया और पूरे टिकट काउंटर कॉम्प्लेक्स को तबाह कर दिया.

7- इनको रोक पाना संभव नहीं था. सुरक्षाकर्मी मॉब को नहीं हटा पा रहे थे. इनमें से ज्यादातर लोगों के पास हथियार थे. इस दौरान इन्होंने अंदर का दरवाजा भी तोड़ दिया.

8- इसके बाद अंदर उपद्रवियों ने इम्युनेशन लाइट्स की फिटिंग को तोड़ा और उस तरफ पत्थरबाजी की.

9- सीआईएसएफ ने ट्रैक्टर्स को रोकने के लिए एक बस खड़ी की थी, मॉब ने उसे भी डेमेज किया. तीन ट्रैक्टर लाल क़िला में प्रवेश करने में कामयाब हो गए.

10- इसके बाद बड़ी संख्या में भीड़ लाल क़िला की प्राचीर की तरफ भागी. फिर उन्होंने वहां जबरन एक झंडा उस पोल पर फहराया. जिस पोल पर प्रधानमंत्री 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस को तिरंगा फहराते हैं.

11 – इसके बाद भीड़ को किले की दीवार की तरफ ले जाया गया, यहां वो एक्सिस्टिंग इलेक्ट्रिकल केबल के जरिए और साथ लाई हुई नॉटेड रोप के जरिए चढ़ने लगे.

12 – दीवार पर चढ़कर, दो से तीन लोगों ने पोल पर दो झंडे लगाए, इसी दौरान सात में से 2 छोटे बुर्ज (Domes) निकाल लिए गए.

13 – इसके बाद मॉब नीचे आई और इनमें से कुछ नौबत खाना पर चले गए. एक ग्रुप इंटरप्रिटेशन की तरफ चला गए और फर्स्ट फ्लोर के पैनल को डेमेज करना शुरू कर दिया.

14 – 5 बजे के आसपास पूरी मॉब को लाल क़िला के कॉम्पलेक्स के अंदर के एरिया से निकाला गया.

15 – इसके बाद पाया गया कि दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, जुगराज सिंह और अन्य लोग अवैध मॉब का हिस्सा थे. इनकी वजह से लाल क़िला पर 26 जनवरी को ये सब डैमेज किया गया.

ASI की प्रॉपर्टी जो डेमेज की गई

1- दो बुर्ज, 90cm × 60cm का एक छज्जा (Below And Seven Domes) और ब्रॉस मटका रेलिंग.

2-  इलेक्ट्रिकल लाइट्स एंड फिटिंग्स.

3 – टिकट काउंटर, सभी फिटिंग और फिक्सचर्स.

उपरोक्त घटनाएं एंसीएंट मॉन्यूमेंट्स एंड आर्कियोलॉजिकल साइट्स एंड रिमेन्स एक्ट, 1958 (Ancient Monuments And Archaeological Sites And Remains Act 1958) अंडर सेक्शन 30(I) और (iii) एक्ट के तहत उल्लंघन है. ये इंडियन पैनल कोड 1860 के कई प्रोविजन का भी उल्लंघन है. तोड़फोड़ की फोटो और साइट प्लान जो तोड़फोड़ की लगभग साइट्स की डिटेल्स साथ में अटैच है.

सुप्रिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट दिल्ली सर्कल ने दिल्ली पुलिस के एसएचओ से गुहार लगाई कि इस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करके कानून के मुताबिक एक्शन लिया जाए.

 

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