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राम जन्मभूमि पर मस्जिद का निर्माण ऐतिहासिक गलती थी ; हिन्दू पक्ष

Ayodhya-Verdict-Supreme-Courtनई दिल्ली। अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुनवाई अब अंतिम दौर में चल रही है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीलें रखी गईं।मंगलवार को हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रखी।39वें दिन की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्षकार के वकील के.परासरण ने कहा कि मुस्लिम कहीं भी नमाज पढ़ सकते हैं। अयोध्या में 56-60 मस्जिद हैं।अयोध्या भगवान राम का जन्मस्थान है यह भी दुनिया भर के मुसलमान भी जानते हैं।इसलिए हम भगवान राम का जन्मस्थान नहीं बदल सकते। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान पूछा कि अगर सूट प्रॉपर्टी नष्ट हो गई है, तो फैसला किस पर दिया जाएगा? इस पर परासरण ने कहा कि मैं नहीं मानता मस्जिद हमेशा मस्जिद रहती है, लेकिन मेरी दलील है कि मंदिर हमेशा मंदिर रहता है। फिर चाहे वहां पर भवन, मूर्ति हो या नहीं।

राम जन्मभूमि पर मस्जिद का निर्माण ऐतिहासिक गलती थी — हिन्दू पक्ष
39वें दिन परासरण ने अपनी दलील में कहा कि मुगल सम्राट बाबर ने 433 साल से अधिक समय पहले भारत पर विजय के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर एक मस्जिद का निर्माण कर एक ऐतिहासिक गलती की थी, जिसे अब ठीक करने की जरूरत है. इस पर मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन उठे और हस्तक्षेप किया. धवन ने जस्टिस एस ए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस ए नजीर की पीठ से कहा, ‘‘यह पूरी तरह से एक नई दलील है. उनके द्वारा अन्य मुकदमों में भी यह तर्क दिया जा सकता था. मैं प्रत्युत्तर देने का हकदार हूं.’’इस पर पारासरण ने एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता सी एस वैद्यनाथन के साथ आपत्ति जताई कि दूसरे पक्ष की तरफ से बहुत रोकटोक हो रही है और कोर्ट को सही व्यवस्था बनानी चाहिए क्योंकि यह सार्वजनिक अधिकार का मामला है. पीठ ने कहा कि धवन को प्रत्युत्तर देने की अनुमति दी जाएगी.इससे पहले जब वैद्यनाथन महंत सुरेश दास की तरफ से दलील दे रहे थे, तब दूसरे पक्ष के वकीलों की तरफ से टोकने पर उन्होंने कहा, “इस तरह लगातार टीका-टिप्पणी के बीच बहस नहीं कर सकता हूं.” उनके ऐसा कहने पर धवन ने तेज आवाज में कहा, “ये सब क्या है. वह कैसे कह सकते हैं कि मैं टीका-टिप्पणी कर रहा हूं.”धवन ने चिल्लाकर कहा, “इसे बंद कीजिए” और इस पर वैद्यनाथन की तरफ से भी तीखी टिप्पणी आई. वैद्यनाथन ने कहा, “ये (धवन) मुझसे ऐसा कैसे कह सकते हैं” और उन्होंने कोर्ट से इस बात को संज्ञान में लेने के लिए कहा. मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शांत करने की कोशिश की और कहा कि “ये व्यवधान हैं … आप (वैद्यनाथन) देखें, आप कितने उत्तेजित दिख रहे हैं.”इसके बाद जब धवन ने एक बार फिर वैद्यनाथन की दलील के बीच में टिप्पणी की तो कोर्ट ने उन्हें चुप करा दिया. पीठ 39वें दिन इस मामले की सुनवाई कर रही थी. पीठ ने कहा, “कल 40वां दिन होगा और हम चाहते हैं कि यह (दलील) पूरी हो जाए.” सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने रामलला के वकील सीएस वैधनाथन से कहा कि वे बुधवार को 45 मिनट बहस कर सकते हैं. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि क्या मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ पर भी कल ही बहस होगी? कोर्ट ने कहा कल एक घंटा मुस्लिम पक्षकार जवाब देंगे. चार पक्षकारों को 45-45 मिनट मिलेंगे.अयोध्या मामले की सुनवाई बुधवार को ही खत्म होने की उम्मीद है. मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर भी कल ही सुनवाई हो सकती है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जब रामलला विराजमान के वकील वैद्यनाथन अपनी दलीलें रख रहे थे तब मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने उन्हें कई बार टोका. इसको लेकर वैद्यनाथन के आपत्ति जताने पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट में बहसों के दौरान ऐसा होता है. बाद में जब फिर धवन ने टोका तो सीजेआई ने उन्हें जमकर फटकार लगाई. इस पर धवन ने माफी मांगी.

मंगलवार को क्या हुआ?

 मंगलवार को हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रख रहा था तो बेंच की ओर से लगातार सवाल दागे गए, तभी चीफ जस्टिस ने मुस्कुराते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन से पूछा कि क्या हम हिंदू पक्ष से सही सवाल पूछ रहे हैं? क्या आप इन सवालों से संतुष्ट हैं, मिस्टर धवन?इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में ठहाके गूंजे और के. परासरण बोले कि मुझे सवालों से कोई ऐतराज़ नहीं हैं, मैं सभी सवालों के जवाब दूंगा.

आज की सुनवाई में क्या-क्या हो सकता है?

* सभी मुख्य पक्षों को जिरह पूरी करने के लिए जो समय दिया गया है उसमें साढ़े तीन से चार घंटे का वक्त लग सकता है.
* ऐसे में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ यानी राहत के बारे में चर्चा के लिए डेढ़ से दो घंटे होंगे.
* अगर यह भी इतने समय में पूरा हो गया और लंबे समय से अपनी बात रखने की प्रतीक्षा कर रहे छोटे पक्षों को कोर्ट ने मौका दिया और उनकी भी बात आज पूरी हो गई तो सुनवाई आज ही खत्म हो सकती है.
* थोड़ी संभावना इस बात की है कि सुनवाई कल यानी गुरुवार को भी कुछ समय चले. हालांकि, इसका पता आज की सुनवाई के बाद ही चलेगा. अभी ज़्यादा गुंजाइश इसी बात की लग रही है कि सुनवाई आज पूरी हो सकती है.

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