Pages Navigation Menu

Breaking News

जेपी नड्डा बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

जिनको जनता ने नकार दिया वे भ्रम और झूठ फैला रहे है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान; मोहन भागवत

अयोध्या: रिव्यू पिटीशन नहीं देगा सुन्नी वक्फ बोर्ड

ayodhya-sunniअयोध्या मसले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक हुई. बोर्ड की मीटिंग में 7 में से 6 सदस्यों ने रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने की बात कही. एक सदस्य ने इसका विरोध किया. बहुमत में फैसला लिया गया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करेगा. हालांकि, इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन ली जाएगी या नहीं.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य अब्दुल रज्जाक ने ‘आजतक’ से कहा, बोर्ड रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करेगा. बैठक में केवल अब्दुल रज्जाक ही ऐसे थे जिन्होंने याचिका दाखिल करने के पक्ष में बात की थी लेकिन बोर्ड ने 6-1 के बहुमत से अपना फैसला लिया. मस्जिद की जमीन को लेकर बैठक में कोई बातचीत नहीं हुई. अगली बैठक में बोर्ड इस पर चर्चा करेगा. अब्दुल रज्जाक ने कहा कि जमीन के मामले पर अभी फैसला नहीं हुआ, जब सरकार ऑफर करेगी तब फैसला होगा.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी पहले ही अपनी राय रख चुके हैं कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान लेना चाहिए. हालांकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रिव्यू पिटीशन में जाने के बाद अब सुन्नी वक्फ बोर्ड भी दो खेमों में बंट चुका है. एक खेमा खुलकर पिटीशन दाखिल करने के पक्ष में है, जबकि दूसरे कई लोग इस मामले को आगे ले जाने के पक्ष में नहीं हैं.जफर फारूकी की बात से अब्दुल रज्जाक खान और दूसरे सदस्य इत्तेफाक नहीं रखते. इनके मुताबिक सुन्नी वक्फ बोर्ड को रिव्यू में जरूर जाना चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कई विरोधाभास हैं. साथ ही पांच एकड़ जमीन भी नहीं ली जानी चाहिए क्योंकि मस्जिद के एवज में दूसरी मस्जिद नहीं बनाई जा सकती. मस्जिद हमेशा के लिए होती है.

अखाड़ा परिषद ने किया सुन्नी बोर्ड के फैसले का स्वागत

अयोध्या जमीन विवाद पर 9 नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मुस्लिमों के सबसे बड़े पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड  ने रिव्यू पिटिशन दायर न करने का फैसला लिया है. इसी क्रम में मंगलवार को साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने स्वागत किया है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि  ने सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ रिव्यू पिटीशन दाख़िल नहीं करने और पांच एकड़ जमीन को लेने का निर्णय स्वागत और सम्मान के योग्य है.महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि  इस फैसले से सामाजिक समरसता बढ़ेगी और साथ ही पूरी दुनिया में एक अच्छा संदेश भी जाएगा. उन्होंने कहा है कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने के अपने वायदे को भी पूरा किया है. महंत नरेन्द्र गिरी ने एक बार फिर से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा और देश में शान्ति भी बनी रहेगी.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *