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बेंगलुरु में हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी, फायरिंग…3 लोगों की मौत

bengluru burnsबेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु  के कुछ इलाकों में मंगलवार देर रात  हिंसा  भड़क गई. इस दौरान फायरिंग में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा पुलिसवाले जख्मी बताए जा रहे हैं. कर्नाटक की राजधानी में बेखौफ हिंसा का आलम इतना खतरनाक था कि कई इलाके युद्धक्षेत्र की तरह दिखाई दे रहे हैं. कई इलाकों में जले हुए वाहन, टूटी हुई खिड़कियां और सूनी सड़कें खौफ की गवाही देती मिल जाएंगी.पुलिस सूत्रों ने कहा कि खुद को विधायक का रिश्तेदार बताने वाले आरोपी ने कथित रूप से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिससे एक समुदाय के लोग भड़क उठे। विधायक ने समुदाय के लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की।उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि मैं मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं कि कुछ उपद्रवियों की गलतियों के चलते हमें हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिये। लड़ने-झगड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हम सभी भाई हैं। हम कानून के अनुसार दोषियों को सजा दिलाएंगे। हम भी आपके साथ हैं। मैं अपने मुस्लिम दोस्तों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।अब कर्नाटक सरकार दंगाइयों के खिलाफ ऐक्शन मोड में आ गई है। दंगाइयों से उन्हीं की प्रॉपर्टी बेचकर नुकसान की भरपाई की जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे सीएए हिंसा के बवालियों से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वसूली की थी। गृह मंत्री बीएस बोम्मई ने बुधवार शाम इसकी घोषणा की है।कर्नाटक के पर्यटन मंत्री सीटी रवि ने कहा कि दंगे सुनियोजित थे। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए पेट्रोल बम और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। 300 से ज्यादा गाड़ियां जलाई गईं। हमारे पास कुछ संदिग्ध हैं, लेकिन जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकती है। हम यूपी की तरह दंगा करने वालों से नुकसान की वसूली करेंगे।

प्रत्यक्षदर्शी ने क्या कहा
एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से  खबर  है कि लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी जिसने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की. भीड़ ने आस-पास जो कुछ मिला उसे आग लगा दी. सड़कों पर जले हुए वाहन और संपत्ति इसकी गवाही दे रहे हैं.

कांग्रेस विधायक के कथित रिश्तेदार की विवादित पोस्ट
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उत्तरी बेंगलुरु के पुलकेशी नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के एक कथित रिश्तेदार ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट किया था, जिसकी प्रतिक्रिया में ये हिंसा हुई.विधायक की बहन जयंती ने रोते हुए कहा, ‘जब यह सब हुआ तब हम घर पर नहीं थे. राहत की बात यही है कि मेरा भाई और उनका परिवार सुरक्षित है.’ हिंसक भीड़ ने पुलिस के वाहनों को आग लगा दी और डीजे हल्ली थाने पर भी धावा बोल दिया.

विधायक ने लोगों से की शांति की अपील
इस हिंसा के बाद विधायक मूर्ति ने एक वीडियो मैसेज जारी कर लोगों से संयम बरतने की अपील की. विधायक ने कहा, ‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि कुछ उपद्रवियों की गलतियों के चलते हमें हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए. लड़ने-झगड़ने की कोई जरूरत नहीं है. हम सभी भाई हैं. हम कानून के अनुसार दोषियों को सजा दिलाएंगे. हम भी आपके साथ हैं. मैं अपने दोस्तों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं.’

कर्नाटक के कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवासमूर्ति ने राज्य की बीएस येदियुरप्पा सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों को खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर एक विधायक के साथ ऐसा हो सकता है तो दूसरों का क्या होगा।

क्या बोले सीएम
सीएम येडियुरप्पा ने कहा, ‘विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास और डीजे हाली पुलिस थाने पर हमला और दंगे निंदनीय हैं. अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. सरकार ने हिंसा पर काबू पाने के लिए हर संभव कार्रवाई की है. पुलिस, मीडियाकर्मी और आम नागरिक पर हमला अक्षम्य है. सरकार ऐसी हरकतें बर्दाशत नहीं करेगी.’

क्या है दंगाइयों से वसूली का यूपी मॉडल?
19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। योगी सरकार ने घोषणा की थी कि दंगे में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों की संपत्ति बेचकर ही की जाएगी। लखनऊ जिला प्रशासन ने पूरे शहर में दंगाइयों के पोस्टर लगवा दिए। हालांकि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपियों से वसूली के पोस्टर पर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने इसे राज्य और नागरिक के प्रति अपमान करार दिया था। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से झटके के बावजूद योगी सरकार नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुई हिंसा आरोपियों के पोस्टर पर अडिग रही। योगी सरकार उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश-2020 लेकर आई जिसे कैबिनेट से मंजूरी भी मिल गई। इसके तहत आंदोलनों-प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दोषियों से वसूली भी होगी और उनके पोस्टर भी लगाए जाएंगे। अब तक दिसंबर में हुई हिंसा के दर्जनों आरोपियों से वसूली की भी जा चुकी है।

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