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मोदी मंत्रिमंडल : 43 मंत्रियों की शपथ, 36 नए चेहरे, 12 का इस्तीफा

 

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उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 67 जिलों में लहराया जीत का परचम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम फहरा दिया है। बीजेपी ने शानदार जीत हासिल करते हुए 67 सीटों पर कब्जा जमाया है। इस बंपर जीत पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को बधाई दी है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएम योगी और बीजेपी संगठन को जीत के लिए शुभकामनाएं दी हैं।उत्तर प्रदेश जिला पंचायत अध्यक्षों की 75 में से 67 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं जिनमें इटावा जिले को छोड़कर 21 निर्वाचित अध्यक्ष सत्तारूढ़ भाजपा के हैं। इटावा में समाजवादी पार्टी को जीत मिली है।

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पीएम ने सीएम योगी को दिया जीत का क्रेडिट
प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी को जीत पर बधाई देते हुए ट्वीट किया, ‘यूपी जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की शानदार विजय विकास, जनसेवा और कानून के राज के लिए जनता जनार्दन का दिया हुआ आशीर्वाद है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी जी की नीतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम को जाता है। यूपी सरकार और भाजपा संगठन को इसके लिए हार्दिक बधाई।’

मोदी के योगी के सिर जीत का सेहरा बांधने के क्या हैं मायने?
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ को जीत का श्रेय देने से उन सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है, जिसे लेकर कुछ दिन पहले यूपी के सियासी हलकों में तूफान मचा था। इस जीत की बधाई ने कहीं न कहीं सीएम योगी को एक बार फिर खुश होने का मौका दे दिया है। बता दें कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी के भीतर ही डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों ने पार्टी ने अंदर ही हलचल पैदा कर दी थी।

गृह मंत्री अमित शाह ने योगी और स्वतंत्र देव सिंह को दी बधाई
वहीं, भारतीय जनता पार्टी की जीत पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री योगी समेत यूपी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि उत्तर प्रदेश पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की भव्य जीत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह व सभी कार्यकर्ताओं को बधाई। नरेंद्र मोदी व योगी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रदेश के किसान, गरीब व वंचित वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा कर प्रगति के नए मापदंड स्थापित करती रहेगी।

सीएम योगी ने जीते हुए उम्मीदवारों को दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना दी हैं। सीएम योगी ने अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था की ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला पंचायत के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में विकास के महत्वपूर्ण कार्य संचालित होते हैं।” उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्षों से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण भाव से अपने पद के दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को करना है मजबूत -योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसान की मदद करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने इन समस्त नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से कोरोना कालखण्ड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्थानीय प्रशासन को सहयोग प्रदान करते हुए मानवता की सेवा में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

अखिलेश बोले- बीजेपी ने बनाया चुनाव का मजाक
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बीजेपी पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों पर चुनाव का मजाक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने मतदाताओं का अपहरण कर किया और उन्हें वोट डालने से रोकने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सभी लोकतांत्रिक मानदंडों का मजाक बनाया है, जो पहले कभी नहीं देखा गया था।उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह अजीब है कि जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में अधिकांश नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में रहे, लेकिन बीजेपी को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में फायदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। एसपी प्रमुख ने कहा कि राज्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल की तानाशाही साफ दिखाई दे रही है।

टिकैत बंधुओं के गढ़ मुजफ्फरनगर में भी बीजेपी का जलवा

पिछले एक साल से देश भर में किसान आंदोलन की अगुआई कर रहे टिकैट बंधुओं (राकेश और नरेश टिकैट) के गढ़ मुजफ्फरनगर में भी बीजेपी ने अपना जलवा दिखाया है। जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के चुनाव में मुस्लिम जिला पंचायत सदस्य बीजेपी (BJP) के लिए बैसाखी बन गए। दस मुस्लिम सदस्यों ने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर पलड़ा इतना भारी कर दिया कि विपक्ष के पैर उखड़ गए और उन्‍होंने मतदान स्थल ही छोड़ दिया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्‍या किसान आंदोलन कमजोर पड़ गया है?मुस्लिम वोट बैंक को बीजेपी का धुरविरोधी माना जाता है। मुस्लिम मतदाता वहां वोट करता है, जहां पर बीजेपी प्रत्याशी को हराया जा सके। मुजफ्फरनगर में इसका बिल्कुल उलट हो गया, जहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मुस्लिम जिला पंचायत सदस्यों का वोट ही बीजेपी प्रत्याशी के लिए संजीवनी बन गया। 43 जिला पंचायत सीटों में 13 सीट जीतने वाली बीजेपी के पक्ष में 30 सदस्यों ने मतदान किया, जिनमें से 10 सदस्य मुस्लिम हैं।

इन मुस्लिम प्रत्याशियों ने किया बीजेपी के पक्ष में मतदान
बीजेपी के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी वीरपाल निर्वान के पक्ष में हुसनो, शौकीन, रिहान अली, सबा, फरहाना, शाहनवाज, सादिका, जरीन, जूली जाटव और सुरेशना ने मतदान किया। बता दें कि जूली जाटव और सुरेशना वैसे तो हिंदू हैं, लेकिन दोनों ने शादी मुस्लिम युवकों से की हुई है और उनका वोट भी विपक्ष का कट्टर वोट माना जा रहा था।

मुजफ्फरनगर के जिला पंचायत चुनाव में केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान उस समय धर्म संकट में फंस गए थे, जब विपक्ष ने उनके भाई सतेन्द्र बालियान को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित कर दिया था। संजीव बालियान के सामने इस समय कड़ी चुनौती थी कि वह अपने भाई का साथ निभाए या फिर उस पार्टी का जिसके बल पर वह आज केंद्रीय राज्य मंत्री बने हुए हैं।बीजेपी में संजीव बालियान को लेकर अंदरखाने विरोध के स्वर उठने लगे थे। विरोधी स्वरों पर उस समय विराम लग गया जब संजीव बालियान ने विपक्ष के ऐसे वोट भी बीजेपी के खेमे में लाकर डाल दिए, जिनके बारे में कभी सपने में भी नहीं सोचा जा सकता था।विपक्ष ने केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के भाई सतेन्द्र बालियान को प्रत्याशी घोषित कर दांव तो खेला, लेकिन वह बीजेपी की गुगली के सामने क्लीन बोल्ड हो गए। बीजेपी ने विपक्ष के प्रत्याशियों को अपने पक्ष में लामबंद कर उसकी कमर तोड़ दी। बीजेपी ने वार्ड 43 की जिला पंचायत सदस्य जरीन के जाति प्रमाणपत्र पर सवाल उठाए तो विपक्ष उसके समर्थन में खडा हुआ, लेकिन बीजेपी की रणनीति के चलते जरीन बानो ने अपना प्रमाण पत्र संजीव बालियान को सौंप दिया और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी।

सोनिया गांधी के गढ़ में भाजपा ने लगाई सेंध

सोनिया गांधी का गढ़ कहे जाने वाली रायबरेली सीट भी भाजपा ने अपने कब्जे में कर ली है। वहीं सपा का गढ़ मैनपुरी में भी बीजेपी प्रत्याशी का परचम लहराया है। रायबरेली में भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह को आठ वोटों से पराजित कर दिया है। वहीं मैनपुरी में भी भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष बनाया है। बुंदेलखंड में भी भाजपा ने सातों सीटों अपने पाले में कर ली हैं। सात सीटों पर चार पर भाजपा के निर्विरोध प्रत्याशी चुनाव जीते। बाकी तीन सीटें भी भाजपा ने कब्जा लीं। देवरिया जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। अभी तक केवल यूपी के तीन जिलों में सपा प्रत्याशी के जीतने की खबर आई है। बलिया, एटा और आजमगढ़ में सपा ने जिला अध्यक्ष बनाया है। आजमगढ़ में सपा की एकतरफा जीत बताई जा रही है।

-बुंदेलखंड की सात सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। सात में से तीन सीटों पर मतदान हुआ था। जबकि चार सीटों पर निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। 

-सोनिया गांधी के गढ़ कहे जाने वाले रायबरेली जिले में भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष बनाया है। यहां भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी को आठ वोटों से हरा दिया। भाजपा प्रत्याशी को 30 तो कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह को 22 वोट मिले हैं।

-लखनऊ में भाजपा की आरती रावत बनीं जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। आरती ने 14 मत पाकर सपा की विजय लक्ष्मी को हराया। उन्हें 11 मत मिले। कुल 25 जिला पंचायत सदस्य ने वोट डाले।

-सिद्धार्थनगर जिले में भी भाजपा का कब्जा। शीतल सिंह बनी जिला पंचायत अध्यक्ष। यहां भाजपा प्रत्याशी ने सपा की पूजा यादव को हराया। 

-बस्ती में भाजपा के संजय चौधरी बने जिला पंचायत अध्यक्ष। संजय ने सपा के वीरेंद्र चौधरी को हराया।  

-ब्रज में पांच जगह भाजपा का कब्जा। एक पर पर सपा ने फहराया परचम। आगरा में भाजपा की डॉ. मंजू भदौरिया पहले ही निर्विरोध निर्वाचित। मथुर में भाजपा के किशन सिंह ने रालोद के राजेंद्र सिकरवार को हराया। फिरोजाबाद में भाजपा की हर्षिता सिंह ने सपा की रुचि यादव को हराया। मैनपुरी में भाजपा की अर्चना भदौरिया ने सपा की मनोज यादव को हराया। एटा में सपा की रेखा यादव ने भाजपा की विनीता यादव को हराया। कासगंज में भाजपा के रत्नेश कश्यप ने सपा की समर्थ यादव को हराया।

-मिर्जापुर में भाजपा के राजू कनौजिया 36 मतों से विजयी घोषित किए गए। भाजपा उम्मीदवार को 40 मत मिले। वहीं सपा की आशा गौतम को मात्र 4 मतों से संतोष करना पड़ा।

–चंदौली में भाजपा प्रत्याशी दीनानाथ शर्मा अध्यक्ष बने। दीनानाथ शर्मा को  30 वोट मिले। सपा के तेजनारायण यादव मात्र 05 वोट पर सिमटे। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहली बार भाजपा को जीत मिली है।

–आज़मगढ़ में सपा की एकतरफा जीत। ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा के विजय यादव 79 वोटों से जीते। भाजपा प्रत्याशी संजय निषाद को 5 वोट मिले।

–भदोही के भाजपा विधायक रविन्द्र त्रिपाठी के भाई अनिरुद्ध त्रिपाठी जीते। उन्हें 20 मत मिले। भाजपा की ओर से मैदान में उतरे अमित सिंह को चार वोट मिले। हालांकि अमित से भाजपा ने समर्थन वापस ले लिया था।

-सोनभद्र में भाजपा समर्थित अपना दल की राधिका पटेल जीतीं। उनको 19 और सपा के जय प्रकाश को 12 मत मिले। पहली बार अपना दल ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।

-बलिया में सपा प्रत्याशी आनन्द चौधरी की जीत। सपा को 33 और भाजपा प्रत्याशी सुप्रिया को 24 वोट मिले। यहां एक वोट नहीं पड़ा।

-कासंगंज में भाजपा की समर्पित उम्मीदवार रत्नेश कशयप विजयी घोषित। रत्नेश कश्यप को मिले 14 मत। सपा के उम्मीदवार समर्थ यादव को 9 वोट मिले।

–अलीगढ़ में भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह 30 वोटों से जीतीं। विजय सिंह को 38 वोट मिले। जबकि सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी अर्चना यादव को 8 वोट से ही संतोष करना पड़ा।

–भाजपा ने समाजवादी किले में लगाई बड़ी सेंध। भाजपा को मिले 18 वोट, सपा के खाते में 11 वोट। जेल में बंद एक सदस्य नहीं डाल सका वोट।

-बरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा। भाजपा की रश्मि पटेल ने सपा की विनीता गंगवार को हराया। भाजपा को 40 तो समाजवादी पार्टी को 19 वोट मिले।

-हाथरस में सीमा उपाध्याय बनीं जिला पंचायत अध्यक्ष। प्रतिद्वंदी शशि को दो वोटों से हराया। सीमा को मिले 13 वोट।

– 22 जिलों में निर्विरोध हो चुका है चुनाव
प्रदेश के 22 जिलों में मतदान नहीं होगा क्योंकि इन जिलों में से हर जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मैदान में एक ही उम्मीदवार बचा है और उसे निर्विरोध विजेता घोषित किया जा चुका है। इनमें से 21 जिलों में भाजपा और इटावा में सपा के उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित हुए हैं। यह जिले हैं-सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, पीलीभीत, शाहजहांपुर, आगरा, इटावा, ललितपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, बहराइच, श्रावस्ती, बलमरामपुर, गोण्डा, गोरखपुर, मऊ और वाराणसी। इन जिलों में कुल 32 नामांकन दाखिल हुए थे जिनमें से छह खारिज हुए, जबकि चार उम्मीदवारों ने पर्चे वापस ले लिए। बाकी 22 उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित कर दिए गए।

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