Pages Navigation Menu

Breaking News

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

हरियाणा: 10 साल पुराने डीजल, पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध नहीं

सच बात—देश की बात

ओडिशा पंचायत चुनाव में बीजू जनता दल की शानदार जीत

Odisha Chief Minister Naveen Patnaik inaugurating the Product Application and Development Centreभुवनेश्वर,  ओडिशा में तीन स्तरीय पंचायत चुनाव में बीजू जनता दल (बीजद) की प्रचंड जीत के बाद, राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को कहा कि पार्टी को मिले भारी जनादेश ने लोगों की “सेवा” की उसकी प्रतिबद्धता में इज़ाफा किया है।बीजद ने 851 जिला परिषद क्षेत्रों में से 766 में जीत दर्ज की है और पार्टी सभी 30 जिलों की परिषद का गठन करेगी।पटनायक ने ट्वीट किया, “ बीजद को पसंद करने और बीजद उम्मीदवारों को समर्थन करने के लिए मैं तहे दिल से लोगों को धन्यवाद देता हूं। इस विशाल जनादेश ने लोगों की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। विजयी उम्मीदवारों और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की समर्पित सेवा ने बीजद को एक आंदोलन बना दिया है।”हालांकि पार्टी की प्रचंड जीत में पटनायक की लोकप्रियता को एक प्रमुख कारक माना जाता है। मगर विपक्षी दलों ने क्षेत्रीय पार्टी का ग्राफ बढ़ने को लेकर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।बीजद ने 2017 में हुए नुकसान की भरपाई कर ली है और विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के कब्जे वाले 10 जिलों को उनसे छीन लिया है। पार्टी ने इस बार बलांगीर, बरगढ़, देवगढ़, गजपति, कालाहांडी, मयूरभंज, संबलपुर, सोनपुर, रायगढ़ और झारसुगुड़ा पर अपनी पकड़ बनाई है।वर्ष 2017 में बीजद ने 476 सीटें जीती थी 20 जिलों की परिषद का गठन किया था जबकि भाजपा ने आठ जिलों और कांग्रेस ने दो जिलों में परिषदों का गठन किया था।भाजपा के वरिष्ठ नेता बिजॉय महापात्रा ने कहा कि पंचायत चुनाव के नतीजों पर आश्चर्य की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना तैयारी के चुनाव में गई थी।उन्होंने कहा, “भाजपा के पास न तो कोई स्पष्ट रणनीति थी और न ही चुनाव से पहले कोई बैठक हुई थी।”ओडिशा कांग्रेस समिति के प्रमुख निरंजन पटनायक ने हार स्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने चुनाव से पहले कल्याणकारी योजनाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जनता के धन का उपयोग किया।

मुख्य विपक्षी दल भाजपा को इन चुनावों में तगड़ा झटका लगा है. भाजपा 10 जिलों में तो खाता भी नहीं खोल पाई. कुछ ऐसा ही हाल कांग्रेस का भी है, वह 18 जिलों में खाता नहीं खोल सकी.

बीजद ने भाजपा के इलाके में किया बेहतर प्रदर्शन

राज्य की कुल 853 जिला परिषद सीटों में से आयोग ने 851 सीटों के लिए चुनाव कराया था जबकि एक सीट बीजद ने निर्विरोध जीती. बीजद को 15 फरवरी से 24 फरवरी के बीच पांच चरणों में हुए चुनावों में करीब 52.73 प्रतिशत वोट मिले हैं. भाजपा को 30.7 फीसदी और कांग्रेस को 13.57 फीसदी वोट मिले हैं. निर्दलीय उम्मीदवारों को केवल 1.33 प्रतिशत वोट मिले जबकि अन्य दलों को 2.79 फीसदी वोट मिले. सत्तारूढ़ बीजद ने इससे पहले 2017 में हुए पंचायत चुनाव में अपने प्रदर्शन की तुलना में इस बार 290 अधिक सीट जीती हैं, जबकि भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले 2022 में 255 सीट गंवाई. भगवा दल ने 2017 में 297 सीट जीती थीं और इस बार पार्टी मात्र 42 सीट ही जीत पाई.पर्यवेक्षकों ने कहा कि बड़ी जीत का मतलब है कि बीजद ओडिशा के ग्रामीण हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी, जिससे प्रतिद्वंद्वियों के लिए निकट भविष्य में चुनाव जीतना अधिक मुश्किल हो जाएगा. कांग्रेस ने 2017 में जिला परिषद की 60 सीट अपने नाम की थीं, लेकिन इस बार वह फिलहाल केवल 37 सीट तक सिमट कर रह गई. निर्दलीय उम्मीदवारों और अन्य ने 2017 में 17 सीट जीतीं थीं, लेकिन इस बार वे सात सीट पर ही जीत हासिल कर पाए. इस शानदार जीत के साथ राज्य में सत्तारूढ़ दल ओडिशा के सभी 30 जिलों में परिषद बनाने के लिए तैयार है. पिछली बार भाजपा ने आठ जिलों में परिषद बनाई थी जबकि कांग्रेस ने दो जिलों में परिषद बनाई थी.

10 में भाजपा, 18 जिलों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला

राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा 10 जिलों में कोई जिला परिषद सीट नहीं जीत पाई, तो कांग्रेस 18 जिलों में खाता नहीं खोल पाई. भाजपा भद्रक, देवगढ़, जगतसिंहपुर, जाजपुर, झारसुगुड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, मयूरभंज, नबरंगपुर और रायगढ़ जिलों में जिला परिषद की कोई भी सीट नहीं जीत सकी। कांग्रेस अंगुल, बरगढ़, भद्रक, बौद्ध, कटक, देवगढ़, ढेंकनाल, गंजम, जाजपुर, झारसुगुड़ा, केंद्रपाड़ा, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, नयागढ़, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ में कोई सीट नहीं जीत पाई.

बीजद ने की शानदार वापसी

ओडिशा में पंचायत चुनाव के लिए पांच चरणों में 16 फरवरी, 18 फरवरी, 20 फरवरी, 22 फरवरी और 24 फरवरी को मतदान हुआ था और मतगणना 26 फरवरी, 27 फरवरी और 28 फरवरी को की गई. बीजद ने 2017 में हुए नुकसान की भरपाई कर ली है और विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के कब्जे वाले 10 जिलों को उनसे छीन लिया है. पार्टी ने इस बार बलांगीर, बरगढ़, देवगढ़, गजपति, कालाहांडी, मयूरभंज, संबलपुर, सोनपुर, रायगढ़ और झारसुगुड़ा पर अपनी पकड़ बनाई है. वर्ष 2017 में बीजद ने 476 सीटें जीती थी 20 जिलों की परिषद का गठन किया था जबकि भाजपा ने आठ जिलों और कांग्रेस ने दो जिलों में परिषदों का गठन किया था.

सीएम पटनायक बोले- एक आंदोलन बन गया है बीजद

ओडिशा में तीन स्तरीय पंचायत चुनाव में बीजद की प्रचंड जीत के बाद, राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को कहा कि पार्टी को मिले भारी जनादेश ने लोगों की “सेवा” की उसकी प्रतिबद्धता में इज़ाफा किया है. पटनायक ने ट्वीट किया, ”बीजद को पसंद करने और बीजद उम्मीदवारों को समर्थन करने के लिए मैं तहे दिल से लोगों को धन्यवाद देता हूं। इस विशाल जनादेश ने लोगों की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है. विजयी उम्मीदवारों और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की समर्पित सेवा ने बीजद को एक आंदोलन बना दिया है.”

‘बिना तैयारी चुनाव में गई थी भाजपा, इसीलिए हारे’

भाजपा के वरिष्ठ नेता बिजॉय महापात्रा ने कहा कि पंचायत चुनाव के नतीजों पर आश्चर्य की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा बिना तैयारी के चुनाव में गई थी. उन्होंने कहा, ”भाजपा के पास न तो कोई स्पष्ट रणनीति थी और न ही चुनाव से पहले कोई बैठक हुई थी.” ओडिशा कांग्रेस समिति के प्रमुख निरंजन पटनायक ने हार स्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने चुनाव से पहले कल्याणकारी योजनाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जनता के धन का इस्तेमाल किया.

24 मार्च 2022 को शहरी स्थानीय निकाय चुनाव

पंचायत चुनाव के परिणाम महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसका शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा जो 24 मार्च 2022 को होने वाला है. कुल मिलाकर 2.2 लाख उम्मीदवार मैदान में थे और राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही 36,523 वार्ड सदस्यों, 126 सरपंचों, 326 समिति सदस्यों और एक जिला परिषद के उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर चुका है. पंचायत चुनाव में हार पर बारगढ़ से भाजपा सांसद सुरेश पुजारी ने कहा कि पार्टी को सभी जिलों में विशेष रूप से पश्चिमी क्षेत्र में जिला परिषद सीट हारने के कारणों का विश्लेषण करना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री ने बीजद पर लगाए आरोप

वहीं केंद्रीय मंत्री बिशेश्वर टुडू, जिन्होंने मयूरभंज जिले में भाजपा के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया था. उन्होंने बीजद पर सरकारी मशीनरी के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया. टुडू ने कहा ‘मैं पंचायत चुनाव के नतीजों से हैरान हूं. यह विश्वास करना मुश्किल है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हुए.’

बीजद के लिए स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड का वितरण फायदेमंद

बालासोर से भाजपा सांसद प्रताप सारंगी ने चुनाव परिणामों को धनबल का प्रतिबिंब बताया. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के तहत बीजद सरकार द्वारा स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड का वितरण इस साल के पंचायत चुनावों में बाजी पलटने वाला साबित हुआ है.

बीजद कार्यकर्ताओं को समर्पित किया ऐतिहासिक पंचायत चुनाव जनादेश

ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने हाल ही में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राज्य के ऐतिहासिक जनादेश को राज्य के लोगों और पार्टी सदस्यों को समर्पित किया.पार्टी सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और पर्यवेक्षकों के साथ एक आभासी सम्मेलन के दौरान, पटनायक ने पार्टी की बड़ी उपलब्धि के लिए ओडिशा के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने आगामी नगरपालिका चुनावों के लिए पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में भी बताया।”मैं पंचायत चुनावों में इस अविश्वसनीय और अद्वितीय जीत के लिए ओडिशा के सभी नागरिकों को धन्यवाद देता हूं।” पटनायक ने कहा, “ओडिशा के लोगों ने एक बार फिर हमारे नेतृत्व में अपना विश्वास दिखाया है और ये आशीर्वाद और प्यार हमें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।””अब शहरी चुनाव का समय है, और हम सभी को इस दौरान झूठी अफवाहों और गलत सूचनाओं के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए, जैसे कि पंचायत चुनावों के दौरान विपक्ष द्वारा फैलाई गई, जब उन्होंने झूठ बोला और सरकार को बदनाम किया, लेकिन लोगों को ओडिशा ने उन पर ध्यान नहीं दिया।”पटनायक ने कहा, बीजू जनता दल सकारात्मक राजनीति, परिवर्तनकारी सरकार और आम आदमी के सशक्तिकरण में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, “यह केवल सत्ता के बारे में नहीं है, लोकतंत्र में, सच्ची शक्ति उन लोगों से आती है जो आपका समर्थन करते हैं और आप पर भरोसा करते हैं। हमें सरकार की नीतियों/कार्यक्रमों को लोगों तक ले जाना चाहिए और राज्य के विकास के लिए अच्छा काम करना चाहिए।”उन्होंने कहा, “विपक्ष के झूठ और नकारात्मक अभियान का हमारे सकारात्मक और ईमानदार प्रयासों से मुकाबला किया जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि पंचायत चुनाव की तरह आप भी शहरी चुनाव में लगन से काम करना जारी रखेंगे।”उन्होंने कहा, “हम लोगों का विश्वास और आशीर्वाद हासिल कर सकते हैं, और अब विपक्ष को यह दिखाने का समय है कि ओडिशा में झूठ और धोखे से काम नहीं चलेगा और ओडिशा के लोग कभी भी खराब राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।”

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »