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भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी : ‘अजेय भारत – अटल भाजपा’ का नारा

bjp-national-executive-meet-1536475977अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का रुख तय करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘अजेय भारत, अटल भाजपा’ का नारा दिया और कहा कि 2019 के चुनाव में भाजपा को कोई चुनौती नजर नहीं आती क्योंकि पार्टी सत्ता को कुर्सी के रूप में नहीं देखती बल्कि सत्ता को जनता के बीच में काम करने का उपकरण समझती है । केंद्रीय मंत्री रविशंकार प्रसाद ने राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी के समापन संबोधन के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात में भाजपा दो दशकों से अधित समय से सत्ता में हैं क्योंकि पार्टी सत्ता को सेवा करने का साधन मानती है। रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अटल जी ने भाजपा के विचार, संस्कार और नेतृत्व को एक नई ऊंचाई दी। उन्होंने कहा कि आज पार्टी का सूरज तो चला गया लेकिन उनके जैसे कार्यकर्ताओं के रूप में जो सितारें हैं, उन्हें अपनी चमक बढ़ाकर विचारधारा के प्रकाश को आगे फैलाना है।  मोदी ने राष्ट्रीय कार्यकारणी में अपने भाषण में ‘अजेय भारत – अटल भाजपा’ का नारा दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ” हम सत्ता को कुर्सी के रूप में नहीं देखते बल्कि सत्ता को जनता के बीच में काम करने का उपकरण समझते है। विपक्ष के महागठबंधन की अवधारणा को लेकर मोदी ने विपक्ष पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, ” जो लोग एक दूसरे को देख नहीं सकते, एक साथ चल नहीं सकते, आज वो गले लगने को मजबूर हैं क्योंकि पार्टी की लोकप्रियता बढ़ी है और काम की स्वीकार्यता बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने 2019 के लोकसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए कहा, ” हमें चुनौती कहीं नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष होना चाहिए लेकिन उन्हें दुख है कि जो लोग सत्ता में विफल रहे, वे लोग विपक्ष में भी विफल रहे। मोदी ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछना चाहिए, जवाबदेही के बारे में चर्चा करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दिक्कत यह है कि वे न तो मुद्दों पर लड़ते हैं, न काम के विषय पर लड़ते हैं, वे झूठ पर लड़ते हैं । ”झूठ बोलना, झूठ गढ़ना और झूठ दोहराना ही उनका काम रह गया है। उन्होंने कहा, ‘ हमारी समस्या यह है कि हमें झूठ के साथ लड़ना नहीं आता। लेकिन अब एक रणनीति के साथ हम उनके झूठ से भी लड़ेंगे।मोदी ने कहा कि आजकल महागठबंधन की चर्चा है। जो लोग एक दूसरे को देख नहीं सकते, एक दूसरे के साथ चल नहीं सकते, आज एक दूसरे को गले लगाने को मजबूर हैं। उनकी यही मजबूरी हमारी सफलता है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के बारे में कहा कि आज छोटे-छोटे दल भी कांग्रेस के नेतृत्व को नहीं स्वीकार कर रहे हैं। कई दल तो कांग्रेस के नेतृत्व को बोझ समझते हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पहली बार हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिवसीय बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव में जीत के फॉर्मूले का जिक्र हुआ. वहीं इस बैठक में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं द्वारा मुख्‍य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और संभावित महागठबंधन पर भी जमकर हमला बोला गया.भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के खिलाफ बन रहे संयुक्त विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महागठबंधन में नेतृत्व का पता नहीं, नीति अस्पष्ट है और नीयत भ्रष्ट है.प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वे 2019 में किसी भी तरह की चुनौती नहीं देखते. लोकतंत्र में विपक्ष का होना जरूरी है, उन्हें प्रश्न पूछने चाहिए. लेकिन जो सरकार चलाने में असफल रहें, वे विपक्ष की भूमिका में भी असफल रहें.

रविवार की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जिसमें कहा गया है कि 2022 तक देश से जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म होगा. प्रस्ताव के मुताबिक केंद्र सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और इसकी वजह से उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ रहा है. भाजपा के प्रस्ताव के मुताबिक कार्यकारिणी में एनआरसी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई जिसमें कहा गया कि घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है. अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के सिख, बौद्ध, क्रिश्चियन, हिंदू शरणार्थी अगर देश में आते हैं तो उनकी मदद की जाएगी.बाद में प्रेस क्रांफ्रेंस कर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजनाथ सिंह ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखा जिसको कार्यसमिति ने पास किया गया. इस प्रस्ताव में विश्वास जताया गया है कि न्यू-इंडिया का सपना पूरा होकर ही रहेगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ना कोई नेता है, ना कोई नीति है और ना ही कोई रणनीति है. इसीलिए विपक्ष हताश है और नकारात्मकता की राजनीति कर रहा है.बैठक में कहा गया कि 2014 से भाजपा ने 15 राज्यों में चुनाव जीते हैं और 20 राज्य में सरकार में है. विपक्ष 10 राज्यों में है और कांग्रेस सिर्फ 3 राज्यो में सिमट के राह गई है. इसलिए सत्ता पाने के लिए विपक्ष परेशान है और महागठबंधन जैसा विकल्प ढूंढ रहा है. विपक्ष के पास मोदी जैसा कोई नेता नहीं. विपक्ष का एक मात्र लक्ष्य “मोदी रोको”. इसलिए विपक्ष अनैतिक गठबंधन की बात कर रहा है.

आर्थिक प्रस्तावों पर चर्चा

बैठक में कहा गया कि चार वर्ष पहले एक कमजोर अपारदर्शी और पूर्णतः पूंजीवादी अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी. हमारी सरकार ने इसमें मूलभूत सुधार किए और कड़े कदम उठाए. नोटबंदी, जीएसटी ने अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार किए हैं. पार्टी का कहना है कि थोड़ी सी परेशानियों के बाद अर्थव्यवस्था अब तेजी से बढ़ रही है. जीडीपी में बढ़ोतरी इसका उदाहरण है.

 आंतरिक सुरक्षा

भाजपा ने कहा कि एनआरसी देश की सुरक्षा के लिए महान कार्य हुआ है. भारत आने वाले अल्पसंख्यक शरणार्थियों के हितों की रक्षा के लिए भी कदम उठाएंगे. लेकिन रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करेंगे. जम्मू कश्मीर में कड़े कदम उठाने की वजह से आतंकवाद कम हुआ है.बता दें कि शनिवार से भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक शुरू हुई थी. पहले दिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव आसानी से जीतने का फॉर्मूला बताया.इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत भाजपा के अन्य दिग्गज नेता शामिल रहे.

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