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अब दक्षिण पर नजर, चेन्नई में पैदल चले अमित शाह

amit-shah-1नई दिल्ली।पांच-छह सालों के दौरान भाजपा ने कई राज्यों में अपना विस्तार किया है। लेकिन तमिलनाडु अभी भी भाजपा के लिए कठिन बना हुआ है। तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति में भाजपा अकेले या सहयोगियों के दम पर खुद को खड़ी कर पाने में कामयाब नहीं हुई। लेकिन पार्टी की बागडोर जिन हाथों में है, वे कभी हार नहीं मानते हैं। इसलिए आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व के सहारे राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिशों में है।सही मायने में अमित शाह के तमिलनाडु दौरे से पहले ही भाजपा की विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पार्टी कई स्तरों पर कार्य कर रही है। नेताओं, पूर्व नौकरशाहों एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों की पार्टी में भर्ती का अभियान चल रहा है। अगले एक सप्ताह के भीतर करीब डेढ़ सौ लोगों को पार्टी में शामिल होने की संभावना है। पार्टी राज्य में सूचना प्रौद्यौगिकी के जरिये केंद्र सरकार के कामकाज को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान छेड़े हुए है।

पार्टी ने हिन्दुत्व के मुद्दे पर जनता के बीच जाने के लिए वेत्रीवेल यात्रा शुरू की है, जिसे लेकर सहयोगी अन्नाद्रुमक सहज नहीं है। इस मुद्दे पर खटपट यहां तक है कि कहा जा रहा है कि शायद ही भाजपा और अन्नाद्रमुक मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ें। हालांकि दोनों तरफ से गठबंधन जारी रहने की बातें भी कही जा रही हैं। लेकिन हाल में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनती श्रीनिवासन ने स्पष्ट कहा कि द्रविड़ राजनीति ने हिन्दुत्व को सही मायने में नुकसान पहुंचाया।राज्य में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा को 12-20 लाख तक वोट मिले हैं। यदि प्रतिशत में देखें तो 2016 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 2.86 फीसदी वोट मिले लेकिन सीट नहीं जीत पाई। 2014 के लोकसभा चुनावें में 5.5 फीसदी वोट मिले और एक सीट जीती। जबकि 2019 के लोकसभा चुनावों में वोट 3.66 फीसदी मिले लेकिन सीट नहीं जीती। लेकिन सूबे में भाजपा के खाते में कुछ उपलब्धियां भी हैं। 2001 में भाजपा ने विधानसभा की चार और उससे पहले 1996 में एक सीट जीती। हाल में निकाय चुनावों में भाजपा के 80 उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे। राज्य भाजपा का दावा यहां तक है कि आगामी विधानसभा चुनावों में वह ठीक से तैयारी करे तो कम से कम 60 सीटें हासिल कर सकती है।भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने कहा कि तमिलनाडु को लेकर पार्टी अत्यधिक गंभीर है। दूसरे, आने वाले दिनों में कई हस्तियां पार्टी में शामिल हो सकती हैं। इन हस्तियों में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं करुणानिधि के बेटे एम.के. अल्हागिरी तथा रजनीकांत तक के नामों की चर्चा है। लेकिन अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन जारी रहेगा या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।

चेन्नई में समर्थकों के लिए सड़क पर पैदल चले अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अगले चार-पांच महीनों के दौरान होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पूर्व राज्य के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को चेन्नई पहुंचे। हाल में संपन्न बिहार के चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सफलता में अमित शाह की रणनीति को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी सफलता को तमिलनाडु में दोहराने की मंशा से बीजेपी शाह के दौरे को मजबूत आधार प्रदान करने तथा चुनाव में अपनी छाप छोड़ने के लिए काफी अहम मान रही है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को चेन्नई में अपने समर्थकों का अभिवादन करने के लिए प्रोटोकॉल को तोड़ दिया। वे वाहन से बाहर निकले और हवाई अड्डे के बाहर व्यस्त जीएसटी रोड पर पैदल चलने लगे। उन्होंने महानगर के लोगों को उनके प्यार के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनके लिए तमिलनाडु में होना बड़ी बात है।अमित शाह के चेन्नई पहुंचने पर राज्य के मुख्यमंत्री एवं सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के सह संयोजक ई के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री एवं अन्नाद्रमुक के संयोजक ओ पन्नीरसेल्वम एवं वरिष्ठ मंत्रियों के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एल मुरुगन, पार्टी के वरिष्ठ नेता एल गणेशन और पार्टी के प्रभारी सी टी रवि ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।राज्य के मुख्य सचिव के शंमुगम, पुलिस महानिदेशक जे के त्रिपाठी, चेन्नई के पुलिस आयुकत महेश कुमार अग्रवाल तथा अन्य अधिकारी भी शाह की इस दौरान मौजूद थे। शाह का हवाईअड्डा से लेकर सड़क के दोनों किनारों पर मौजूद अन्नाद्रमुक एवं भाजपा कार्यकतार्ओं ने भव्य स्वागत किया। इससे अभीभूत हो अमित शाह उनके अभिवादन को स्वाकार करने के लिए अपने वाहन से उतर कर काफी दूर तक पैदल भी चले।मुरुगन के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह का राज्य में पहला दौरा है। अमित शाह का हवाई अड्डा से लेकर होटल, जहां उन्हें रुकना है, तक के मार्ग में उनके स्वाग्त का विशेष इंतजाम किया गया था।

अमित शाह ने तमिलनाडु में रखी कई परियोजनाओं की आधारशिला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज तमिलनाडु के चेन्नई शहर की पेयजल आपूर्ति को पूरा करने के लिए 380 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए पांचवें जलाशय को शहर को समर्पित किया और राज्यभर में 67,000 करोड़ रुपये से अधिक के कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी।शाह ने जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखीं उनमें 61,843 करोड़ रुपये की लागत वाले चेन्नई मेट्रो रेल का दूसरा चरण, कोयम्बटूर में एलिवेटेड राजमार्ग जिसकी अनुमानित लागत 1,620 करोड़ रुपये है, करूर जिले में कावेरी नदी के पार एक बैराज और यहां 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की आईओसीएल की परियोजनाएं शामिल हैं।आधारशिला रखने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु के 1.42 करोड़ परिवार हैं, जो गांव में रहते हैं। उनमें से सिर्फ 15% के पास ही अपने घर में पीने के पानी का कनेक्शन था। अब प्रधानमंत्री मोदी एक नई योजना लेकर आए हैं कि 2024 तक हर घर में पीने के पानी का कनेक्शन देना है। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार ने 2024 तक 100% परिवारों तक पीने का पानी पहुंचाने की योजना बनाई है। अब तक 9 लाख परिवारों तक पीने के पानी का कनेक्शन पहुंचाया भी जा चुका है।कोरोना पर बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि दूसरे देशों में कोरोना के खिलाफ सरकारी मशीनरी लड़ती थी। लेकिन भारत में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और देश की 130 करोड़ जनता कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ती रही।इसके अलावा अमित शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। विपक्ष पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज कांग्रेस और डीएमके के नेताओं से कहता हूं कि 10 साल तक आपकी केंद्र में सरकार थी, तब आपने राज्य के लिए क्या-क्या किया? इसका हिसाब लेकर आ जाइए। हम आपको जवाब देने के लिए तैयार हैं कि हमने तमिलनाडु की ज्यादा मदद की है या आपने।कृषि कानून की बात करते हुए भी गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी देशभर के किसानों को उनकी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आजादी देने के लिए कई रिफॉर्म लाए हैं। तमिलनाडु ने इन रिफॉर्म का समर्थन किया है। तमिलनाडु के किसानों को भी इन रिफॉर्म का बहुत लाभ मिलेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के किसानों को उनकी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आजादी देने के लिए कई रिफॉर्म लाए हैं। तमिलनाडु ने इन रिफॉर्म का समर्थन किया है। तमिलनाडु के किसानों को भी इन रिफॉर्म का बहुत लाभ मिलेगा।शाह ने तिरुवल्लूर जिले में थेरवईकांडिगाइ जलाशय को समर्पित किया और यहां कालीवनार आरंगम से इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम भी मौजूद थे।

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