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राजस्थान में अराजकता, राजभवन को आतंकित करने की कोशिश ;भाजपा

bjp rajasthanजयपुर : राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मी अभी फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, तो इसपर दिन भर भारी हंगामा होता रहा. गहलोत ने जहां जयपुर के फेयरमोंट होटल में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक की, वहीं भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा.राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया और विपक्ष के नेता गुलाब चंद्र कटारिया के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल कलराज मिश्र से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा और कहा, राज्य में अराजक स्थिति बनी हुई है.भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा उसमें कहा, कुछ दिनों से सत्ताधारी दल के आंतरिक कलह के कारण राज्य में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गयी है. भाजपा ने राज्य में कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा, जिस प्रकार कुछ दिनों से मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों और विधायकों को साथ लेकर गतिविधियां और भाषा का प्रयोग किया है , उससे साफ लग रहा है कि राज्य में कानून नाम की कोई चीज नहीं है.भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से कहा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस प्रकार अपने सहयोगियों को उत्प्रेरित कर राजभवन को घेरने की धमकी दी और सरकार की ओर से राजभवन की सुरक्षा करने में असमर्थता व्यक्त की, उससे साफ हो जाता है कि यह राजभवन को आतंकित करने की कोशिश है और भारतीय दंड संहिता 124 का स्पष्ट उल्लंघन है.

भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से कहा, मुख्यमंत्री गहलोत 24 जुलाई को अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ नारेबाजी करते हुए राजभवन आये और अराजकता की स्थिति पैदा किया. साथ ही महामहिम पर अतिरिक्त दबाव बनाते हुए अपने पक्ष में निर्णय करवाने का प्रयास किया. राजभवन में एक साथ बड‍़ी संख्या में विधायकों का एकत्रित होना लॉकडाउन का स्पष्ट उल्लंघन है.राज्यपाल से मिलने के बाद राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा, हमने आज राज्यपाल को ज्ञापन दिया है जिसमें निवेदन किया है कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति कैसे नियंत्रण में आए, इसपर विचार करने की आवश्यकता है. 35000 से ज्यादा मामले हो गए हैं, कम से कम इस तरीके से राजस्थान को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता.राजस्थान विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक गुलाबचंद कटारिया ने कहा, हमने राज्यपाल जी को कहा है कि जिस प्रकार की राजस्थान में स्थिति बनी है और बन रही है, इस संवैधानिक पद पर आप विराजमान हैं इन सब मूल्यों की रक्षा के लिए हम आपको जिम्मेदारी देते हैं. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा सत्र की मांग की और विधायक दल की बैठक भी की. बैठक में उन्होंने राष्ट्रपति भवन मार्च और पीएम आवास घेराव की धमकी भी दी.

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