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जेपी नड्डा बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

जिनको जनता ने नकार दिया वे भ्रम और झूठ फैला रहे है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान; मोहन भागवत

देश में अशांति और आगजनी के पीछे कांग्रेस और सहयोगियों का हाथ; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

modi dumkaदुमका: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने नागरिकता संशोधन कानून पर बवाल खड़ा कर दिया है और देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति और आगजनी के पीछे विपक्षी पार्टियों का ही हाथ है. पीएम मोदी ने झारखंड के दुमका में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास झारखंड को विकसित करने का कोई रोडमैप या इच्छा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगी नागरिकता अधिनियम को लेकर आग भड़का रहे हैं लेकिन पूर्वोत्तर के लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन को अस्वीकार कर दिया है. कांग्रेस के कृत्य साबित करते हैं कि संसद में लिए गए सभी निर्णय सही हैं.” मोदी ने दावा किया कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने केवल अपने लिए महलों का निर्माण किया और उन्हें लोगों की समस्याओं के बारे में कोई चिंता नहीं थी. केन्द्र और राज्य में jpnadda-21-02-2016-1456072853_storyimageभाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्य में हमारी पार्टी द्वारा किये गये विकास कार्यों का लेखा-जोखा रखने यहां आया हूं.”पीएम मोदी ने कहा, ‘JMM और कांग्रेस के पास झारखंड के विकास का कोई न रोडमैप है और न इरादा है और न कभी भूतकाल में कुछ किया है. अगर वो जानते है तो उनको एक ही बात का पता है, भाजपा का विरोध करो, मोदी को गाली दो. भाजपा का विरोध करते-करते इन लोगों को देश का विरोध करने की आदत हो गई है.’ उन्‍होंने कहा, ‘हमारे देश की संसद ने नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया. इस बदलाव के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जो वहां कम संख्या में थे, जो अलग धर्म का पालन करते थे, इसलिए वहां उन पर जुल्म हुए.  उन्होंने कहा कि उनका वहां जीना मुश्किल हो गया. ये तीन देशों से हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध उनको वहां से अपना गांव, घर, परिवार सबकुछ छोड़कर भारत में भाग कर यहां शरणार्थी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. उनके जीवन को सुधारने के लिए, इन गरीबों को सम्मान मिले इसलिए भारत की दोनों सदनों में भारी बहुमत से इन गरीबों के लिए नागरिकता का निर्णय किया. कांग्रेस और उसके साथी तूफान खड़ा कर रहे हैं, उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं. ये जो आग लगा रहे हैं, ये कौन है उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है. देश का भला करने की, देश के लोगों का भला करने की इन लोगों से उम्मीद नहीं बची है. ये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचते हैं.’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं असम के भाइयों-बहनों का सिर झुकाकर अभिनंदन करता हूं कि इन्होंने हिंसा करने वालों को अपने से अलग कर दिया है. शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं. देश का मान-सम्मान बढ़े ऐसा व्यवहार असम, नार्थ ईस्ट कर रहा है. कल्पना कीजिए, अगर बाबा तिलका मांझी सिर्फ अपना हित ही सोचते तो क्या समाज के लिए इतना कुछ कर पाते? अगर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, सिर्फ अपना लाभ ही देखते तो क्या अंग्रेजों का मुकाबला कर पाते. ये तमाम सेनानी, ये तमाम शहीद, परिवार हित से ऊपर उठकर, समाज के हित में, राष्ट्र के हित में खड़े हुए. भाजपा ऐसे ही संस्कारों को धारण करती है, उनको सम्मान देती है.’

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के पार्टी प्रदेश अध्यक्षों को एक निर्देश दिया है। पार्टी द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि भाजपा इन छह राज्यों में कांग्रेस, टीएमसी और कम्युनिस्ट पार्टियों का विरोध करे। ये पार्टियां नागरिकता अधिनियम 2019 के बारे में अफवाहें फैला रही हैं।भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की ओर से फैलाई जा रहीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे। लोगों को विधेयक की वास्तविक जानकारी देने के साथ उसके फायदे बताकर उनके मन में उपजे संदेह का निराकरण करेंगे। उत्तर प्रदेश और बिहार के भाजपा कार्यकर्ताओं को नागरिकता संशोधन विधेयक की बारीकी से जानकारी देने के लिए शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला आयोजित हुई।कार्यशाला के बाद मीडिया से मुखातिब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.अनिल जैन ने कहा कि विभाजन की विभीषिका के चलते पड़ोसी देशों में जो लोग सांप्रदायिक भेदभाव का शिकार होने के साथ नारकीय जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं, यह विधेयक उनके लिए मददगार साबित होगा। विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए मोदी सरकार ने ढाई सौ से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से वार्ता की। यह विधेयक न तो संविधान के अनुच्छेद-14 की भावना के विरुद्ध है, न ही सामाजिक तानेबाने को तोड़ने वाला और न ही मुसलमानों के खिलाफ। कुछ लोग सियासी कारणों से विधेयक को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। लोगों के बीच इन भ्रांतियों के निराकरण के लिए भाजपा देश में छह कार्यशालाएं आयोजित करेगी, जिसमें से पहली लखनऊ में हुई है। विधेयक को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के जरिये लोगों के बीच जाएगी। बुद्धिजीवियों के साथ हॉल मीटिंग भी करेगी।

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