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अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना हो; पीएम नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

BRICS सम्मेलन में आतंकवाद पर चर्चा, नई दिल्ली घोषणा पत्र को मंजूर

MODIप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज  BRICS देशों का सम्मेलन हुआ। वर्चुअल तरीके से हुए इस सम्मेलन में आतंकवाद पर चर्चा की गई है। BRICS देशों ने नई दिल्ली घोषणा पत्र को मंजूर किया है। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ जंग पर सहमति भी बनी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने  अफगानिस्तान का मुद्दा उठाया। 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका के जाने से नया संकट पैदा हो गया है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के सामने सुरक्षा की चुनौतियां हैं। आतंक और नशे के कारोबार पर नियंत्रण जरुरी हो गया है। आतंकवाद पर नियंत्रण जरुरी है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत के रूप में अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र दी ने काउंटर टेररिज्म एक्शन प्लान का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब ब्रिक्स ने मल्टीलिटरल सिस्टम की मजबूती और सुधार पर एक पोजिशन लिया है। पीएम ने कहा कि ब्रिक्स ने काउंटर टेररिज्म एक्शन प्लान को अडॉप्ट किया है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो।

पीएम ने आगे कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुना है, वह यही प्राथमिकता दर्शाता है। अफगानिस्तान संकट के समय आयोजित इस अहम बैठक में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के जरिए नेताओं ने देश में स्थिरता, नागरिक शांति, कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक समावेशी अंतर-अफगान वार्ता के माध्यम से अफगानिस्तान में हिंसा से बचने और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को निपटाने का आह्वान किया।

इस वर्ष भारत तब ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जब ब्रिक्स का 15वां स्थापना वर्ष मनाया जा रहा है। ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देश हर साल शिखर सम्मेलन आयोजित करते हैं और इसके सदस्य देश बारी बारी से इसकी अध्यक्षता संभालते हैं। भारत इस साल ब्रिक्स का अध्यक्ष है। इस बैठक में ब्राजील के राष्ट्रपति जाइर बोलसोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी शामिल हुए।चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और 2022 में समूह के 14वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ ने बताया कि शी ने वीडियो लिंक के जरिये 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। शी ने कहा कि चीन सभी क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने, आम चुनौतियों का सामना करने के वास्ते अधिक परिणाम-उन्मुखी साझेदारी बनाने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए ब्रिक्स भागीदारों के साथ काम करने को तत्पर है।

उल्लेखनीय है कि इस बार शिखर सम्मेलन की विषयवस्तु ” निरंतरता, एकजुटता और सहमति के लिए अंतर-ब्रिक्स सहयोग है। प्रधानमंत्री मोदी दूसरी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। इसके पहले वर्ष 2016 में उन्होंने गोवा शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

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