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बुलेट ट्रेन के बहाने मुंबई को तोड़ने की साजिश ….

rajप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे ने जोर-शोर के साथ देश के पहले बुलेट ट्रेन की नींव रखी है. इस प्रोजेक्ट को 2022 तक पूरा करने का टार्गेट रखा गया है. लेकिन प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों ने बुलेट ट्रेन के बहाने बीजेपी पर आरोपों का सिलसिला शुरू कर दिया है. राज ठाकरे के पार्टी एमएनएस ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है.बुलेट ट्रेन के खिलाफ एक वीडियो जारी कर राज ठाकरे ने कहा कि बुलेट ट्रेन तो सिर्फ बहाना है, दरअसल, मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने रची है. अपने आरोप को साबित करने के लिये राज ठाकरे ने दलील दी कि इस बुलेट ट्रेन से मुंबई के व्यापारी अहमदाबाद नहीं जायेंगे बल्कि गुजरात के व्यापारी कम वक्त में देश की आर्थिक राजधानी में पहुंचेंगे और यहां व्यापार कर करोड़ों रुपये कमाएंगे. बुलेट ट्रेन से फायदा सिर्फ गुजरात के लोगों को होने वाला है.

अखंड महाराष्ट्र की लड़ाई में मिली हार को पचा नहीं पाया है गुजरात
राज ठाकरे का दावा है कि मुंबई को गुजरात में शामिल करने के लिये वहां के नेताओं ने बड़ी कोशिश की. लेकिन महाराष्ट्र के मराठी लोग गुजरातियों के सामने झुके नहीं और मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं होने देने के लिये सैकड़ों मराठी क्रांतिकारियों ने अपना लहू बहाया था. तब जाकर मुंबई महाराष्ट्र की झोली में आया. राज के मुताबिक, पीएम मोदी और अमित शाह उस दर्द को अब तक भुला नहीं पाये हैं और इसलिए बुलेट ट्रेन के बहाने मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.वहीं बीजेपी प्रवक्ता माधव भंडारी ने राज ठाकरे के आरोपों को बेबुनियाद और बकवास बताते हुए कहा कि अपने काल्पनिक साम्राज्य में रहने वाले लोगों के काल्पनिक डर को हम अहमियत नहीं देते हैं.

शिवसेना ने मोदी की बुलेट ट्रेन परियोजना की आलोचना की है। शिवसेना ने कहा है कि बुलेट ट्रेन आम आदमी का सपना नहीं हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना बताया है। शिवसेना की मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में उन्होंने जानना चाहा कि क्या हाई स्पीड वाली अहमदाबाद-मुंबई ट्रेन परियोजना की वास्तव में देश को आवश्यकता है।शिवसेना ने कहा कि हमें बिना मांगे बुलेट ट्रेन मिल रही है। जबकि वास्तव में किसी को नहीं पता कि इस परियोजना से कौन सी समस्या सुलझेगी। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने भाखड़ा नांगल से लेकर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र तक कई परियोजनाओँ की नींव रखी, ताकि देश तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सके। देश के लिए इन परियोजनाओं की आवश्यकता थी। क्या यह बुलेट ट्रेन राष्ट्रीय जरूरतों में फिट बैठती है। संपादकीय में कहा गया है कि 1,08,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के लिए कम से कम 30,000 करोड़ रुपये महाराष्ट्र सरकार से लिए जा रहे हैं।शिवसेना ने कहा, ‘किसानों के ऋण माफ करने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। बुलेट ट्रेन की मांग किसी ने नहीं की। मोदी का सपना आम आदमी का सपना नहीं है, बल्कि यह अमीरों एवं उद्योगपतियों का सपना है। जो लोग यह कह रहे हैं कि यह परियोजना रोजगार पैदा करेगी, वे झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि मशीनरी से लेकर श्रमिकों तक परियोजना के लिए आवश्यक हर चीज जापान लेकर आएगा। अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली हाई स्पीड की इस ट्रेन परियोजना के वर्ष 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है।

ऐसी उम्मीद है कि यह ट्रेन मौजूदा छह घंटे की यात्रा को तीन घंटे से भी कम समय में पूरा करेगी। बुलेट ट्रेन के 508 किलोमीटर के इस मार्ग में 12 स्टेशन होंगे, जिनमें से महाराष्ट्र में 120 किलोमीटर के मार्ग में चार स्टेशन पड़ेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जापान ने रियायती ऋण दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के एक स्टेशन के लिए यहां बांद्रा-कुर्ला परिसर में निश्चित शर्तों के साथ 0.9 हेक्टेयर की भूमि आवंटित करने पर सहमति जताई है।

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