Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

कलकत्‍ता हाई कोर्ट ; ममता बनर्जी का फैसला रद्द

mamata politicsकोलकाता: मुर्हरम के जुलूस के साथ दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर राज्‍य सरकार की रोक के संबंध में कलकत्‍ता हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए ममता सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि मुहर्रम के दिन भी रात 12 बजे तक मूर्ति विसर्जन हो सकेगा. हाई कोर्ट ने इस संबंध में ममता बनर्जी सरकार के सभी आदेश खारिज किए. हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा कि विसर्जन और मुहर्रम के लिए रूट फाइनल करे. इससे पहले इस मामले में कोलकाता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने ममता सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था, ‘कुछ भी गलत होने की आशंका के आधार पर धार्मिक मामलों पर बंदिश नहीं लगा सकते हैं. आपके पास अधिकार हैं, पर असीमित नहीं. आप सभी नागरिकों को बराबरी की नजरों से देखें.’

राज्‍य सरकार का निर्णय
ममता बनर्जी ने कहा था कि चार दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा उत्सव की समाप्ति के बाद 30 सितंबर को होने वाले दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए शाम 6 बजे तक की अनुमति दी जाएगी और इसके बाद यह सीधे 2 अक्टूबर को, मुहर्रम की समाप्ति के बाद, फिर से शुरू किया जा सकेगा. 1 अक्टूबर को मुहर्रम के चलते ताज़िए निकाले जाएंगे. उन्होंने कहा था- कुछ लोग धार्मिक आधार पर दिक्कत पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं. हर धर्म हमारा है. लेकिन यदि किसी पूजा पंडाल के पास से गुजरते हुए जुलूस के चलते समस्या हो सकती है तो इससे हम प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि जब ममता के आदेश को लेकर विवाद बढ़ा तो उन्होंने ट्विटर पर सफाई दी कि  “मुहर्रम के दिन 24 घंटे की अवधि को छोड़कर, विसर्जन 2 , 3 और 4 अक्टूबर को हो सकता है.”

बता दें पिछले साल भी इसी तरह राज्य सरकार ने मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध जारी किया था. पिछले साल 11 अक्टूबर को दशहरा था और 13 अक्टूबर को मुहर्रम. ममता के इस फैसले के खिलाफ कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई के दौरान कोलकाता हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी.

ममता के लिए न कानून बड़ा न हाई कोर्ट
मुहर्रम के जुलूस के साथ दुर्गा मूर्ति विसर्जन के मसले पर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर कलकत्‍ता हाई कोर्ट की सख्‍त टिप्‍पणी के बाद बीजेपी ने राज्‍य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है. ममता बनर्जी के लिए केवल 27 प्रतिशत वोट ही अहम हैं. बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने जी न्‍यूज से बातचीत करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के लिए न कानून बड़ा है और न ही हाई कोर्ट बड़ा है.संबित पात्रा ने कहा, ‘ममता बनर्जी तुष्टिकरण की राजनीति को कब छोड़ेंगी. उन्हें मुस्लिम वोट बैंक की चिंता है, पर उन्हें पश्चिम बंगाल की संस्कृति से कोई मतलब नहीं है.’ उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जिस तरह से पश्चिम बंगाल में सरकार चला रही हैं, मानो वह कानून और हाई कोर्ट से ऊपर हो गई हैं. ममता सरकार को पहले भी हाई कोर्ट से ऐसे मामलों में फटकार मिलती रही है, पर ये आदतों से बाज नहीं आ रही हैं.

दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन और मोहर्रम के जुलूस का समय निर्धारित करने को लेकर विरोधियों के निशाने पर आईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने जमकर पलटवार किया. इतना ही नहीं, दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर ममता बनर्जी ने कहा, ‘कोई मेरा गला काट सकता है, लेकिन मुझे यह नहीं बता सकता है कि क्या करना है.’

गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मूर्ति विसर्जन और मोहर्रम जुलूस को लेकर ममता सरकार के आदेश को रद्द कर दिया. अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे मनमाने आदेश नहीं दिए जा सकते हैं. इससे पहले ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के पॉम एवेन्यू में एक पूजा पंडाल में अपने भाषण में विरोधियों पर जमकर हमला बोला.ममता ने कहा कि जब मैं दुर्गा पूजा या गणेश उत्सव का शुभारंभ करती हूं तो तुष्टिकरण का आरोप नहीं लगता लेकिन ईद की नमाज अदा कर लूं तो विरोधी ऐसा आरोप लगाने लगते हैं. ममता ने कहा कि अगर ये तुष्टिकरण है तो मैं जब तक जीवित हूं, ऐसा करती रहूंगी. अगर कोई मेरे माथे पर गन भी रख दे तब भी मैं यही करूंगी. मैं किसी से भेदभाव नहीं करती. ये बंगाल की संस्कृति है, ये मेरी संस्कृति है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *