Pages Navigation Menu

Breaking News

लव जेहाद: उत्तर प्रदेश में 10 साल की सजा का प्रावधान

पाकिस्तान संसद ने माना, हिंदुओं का कराया जा रहा जबरन धर्मातरण

जम्‍मू-कश्‍मीर में 25 हजार करोड़ का भूमि घोटाला

राजस्थान; संकट में गहलोत सरकार ?

ashok-gehlot-and-sachin-pilotराजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जहां जयपुर में अपनी सरकार बचाने में लगे हुए हैं, वहीं डिप्टी सीएम सचिन पायलट दिल्ली प्रवास पर हैं. ऐसी नाजुक घड़ी में जब खुद सीएम कह रहे है कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराना चाहती है, डिप्टी सीएम का जयपुर में न होना कई सवाल खड़े कर रहा है.कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी एक्शन में आ गईं हैं.सोनिया गांधी ने अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे को जयपुर जाने को कहा है. तीनों नेता कांग्रेस विधायकों से बात करेंगे. अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे रविवार रात जयपुर के लिए रवाना होंगे. इस बीच कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट को भी निर्देश गए हैं. सचिन पायलट आज रात जयपुर पहुंच सकते हैं. पायलट कांग्रेस के भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों के साथ मीटिंग करेंगे और कल विधायक दल की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं.

दिल्ली में हैं डिप्टी सीएम सचिन पायलट

शनिवार को सीएम अशोक गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, बतौर डिप्टी सीएम सरकार के दूसरे बड़े नेता होने के बावजूद सचिन पायलट इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के लगभग 10 विधायक भी दिल्ली में हैं. ये विधायक कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर अपनी पीड़ा पार्टी अध्यक्ष को बताना चाहते हैं. बताया जा रहा है कि ये विधायक गुरुग्राम के आसपास रुके हुए हैं. जयपुर में कांग्रेस के विधायक जितेंद्र सिंह ने ये जानकारी दी है. हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि ये विधायक सचिन पायलट के समर्थन में गोलबंद हुए हैं.सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री है. 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों ही सीएम पद की रेस में थे, लेकिन पार्टी हाईकमान ने अशोक गहलोत को सीएम पद की जिम्मेदारी दी और सचिन पायलट को उनका डिप्टी बनाया गया. गहलोत और पायलट के बीच सत्ता संतुलन बिठाने के लिए सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया.सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन राज्य में दो शीर्ष नेतृत्व के बीच टकराव की खबरें आती रहती हैं. शनिवार को जब सीएम अशोक गहलोत से राज्य कांग्रेस में गुटबाजी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार किया और कहा कि सीएम कौन नहीं बनना चाहता है, लेकिन जब एक व्यक्ति सीएम बन जाता है तो सभी उसके साथ हो लेते हैं.

फोन रिकॉर्डिंग में CM-Dy CM के बीच झगड़े की बात

बता दें कि सरकार गिराने को लेकर राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जो FIR दर्ज की है, उसमें इस बात का जिक्र है कि SOG को एक कॉल रिकॉर्डिंग के दौरान पता चला कि राज्य में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री में झगड़ा चल रहा है, ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी और निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए. इस बाबत SOG ने दो बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार भी किया है.

क्या सचिन पायलट छोड़ेंगे कांग्रेस?

राजस्थान में गहलोत सरकार को लेकर सियासी खेल पेचीदा होता जा रहा है. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है. सचिन पायलट दिल्ली में बताए जाते हैं. वह पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की कोशिश में हैं. सचिन पायलट का आरोप है कि अशोक गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. उन्हें सरकार के फैसलों में अहमियत नहीं दी जाती है. उधर गहलोत खेमे का आरोप है कि सचिन पायलट बीजेपी के संपर्क में हैं.

इस बीच, राजस्थान से बीजेपी सांसद ओम माथुर ने कहा है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही सत्ताधारी पार्टी में कलह शुरू हो गई थी. सीएम अशोक गहलोत को बीजेपी पर आरोप मढ़ने से पहले अपने घर में झांकना चाहिए. क्या सचिन पायलट पाला पलटेंगे? इस पर ओम माथुर ने कहा कि जिसने (सचिन पायलट) पांच साल मेहनत की उसे मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, जो दिल्ली में थे (अशोक गहलोत) उन्हें सीएम बना दिया गया. उसी दिन से यह साफ हो गया कि मेहनत किसी और ने की और फल कोई और खा रहा है. इनकी (कांग्रेस) अंतर्कलह पहले दिन से ही शुरू हो गई थी.

ओम माथुर ने ‘आजतक’ से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के बीच अक्सर कलह की खबरें आती रहती हैं. अशोक गहलोत तो इसका आरोप जबरदस्ती बीजेपी पर डाल रहे हैं. बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने कहा कि राजस्थान में अभी के सियासी हालात के लिए कांग्रेस को बीजेपी को दोष नहीं देना चाहिए. उन्हें अपना घर देखना चाहिए. जब गहलोत सरकार का गठन हुआ था, तब से यह संकट चला आ रहा है. सचिन पायलट और अशोक गहलोत की लड़ाई इसकी असली वजह है. गहलोत बीजेपी को दोष देने की कोशिश कर रहे हैं.

ओम माथुर ने कहा कि अशोक गहलोत के पास पूर्ण बहुमत है और बसपा को मिलाने के बाद तो उनके पास 107 विधायक हो गए हैं. ऐसे में उनको डरने की क्या जरूरत थी. हर दो साल में राज्यसभा के चुनाव होते हैं. स्वाभाविक है कि एक दिन, दो दिन पहले कैम्प करते हैं. क्योंकि राज्यसभा के चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया बड़ी जटिल है. पहली बार जो विधायक आता है उसे वोटिंग प्रक्रिया समझाना आवश्यक होता है, और इसलिए कैम्प करते हैं.ओम माथुर ने कहा, अशोक गहलोत कह रहे है कि मेरे पास 125 विधायक हैं तो 10 दिन तक बैठकर कैम्प करने का भय क्यों लगा. उनके घर (पार्टी में) में ही दिक्कत है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बहुत हल्का बोला है.

BJP के बहाने गहलोत और पायलट आए आमने-सामने

गहलोत सरकार गिराने की साजिश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है. इन पर कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप है. वहीं, बीजेपी के बहाने राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आमने-सामने आ गए हैं.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार गिराने की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है. सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जब एक बार मुख्यमंत्री बन गया, तो बाकी लोगों को शांत हो जाना चाहिए और काम करना चाहिए. गहलोत का इशारा पायलट की तरफ था. माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के जरिए अशोक गहलोत सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटाने का दबाव भी आलाकमान पर बना सकते हैं. इसके चलते राजस्थान की राजनीति में बवाल मचा हुआ है.इससे पहले 10 जुलाई को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने यह खुलासा करते हुए मुकदमा दर्ज किया कि ब्यावर के रहने वाले बीजेपी के एक स्थानीय नेता भरत मालानी और उदयपुर के क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने दो मोबाइल नंबरों से कांग्रेस के नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की है.वहीं, बीजेपी के दो नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद एसओजी अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का भी बयान दर्ज करेगी. इसके लिए एसओजी ने गहलोत और पायलट से समय भी मांगा है. उधर बीजेपी का आरोप है कि यह कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट में झगड़ा चल रहा है, जिसकी वजह से जबरदस्ती लोग बीजेपी को घसीट रहे हैं.

निर्दलीय विधायक से बीजेपी नेता की बातचीत टेप

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ की निर्दलीय विधायक रमिला खड़िया से इनकी बातचीत टेप की गई है, जिनमें ये कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट में झगड़ा चल रहा है. अब सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. लिहाजा विधायकों के खरीद-फरोख्त से हम अच्छी कमाई कर सकते हैं.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने 3 विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की

इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो ने 3 विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिनमें निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, निर्दलीय विधायक सुरेश टांक और कांग्रेस विधायक सुखबीर सिंह जोजावर शामिल हैं. इन पर आरोप है कि उन्होंने बांसवाड़ा में विधायकों को खरीदने की कोशिश की.राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है. प्रथम दृष्टया यह सरकार गिराने की साजिश लगती है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *