Pages Navigation Menu

Breaking News

भारत ने 45 दिनों में किया 12 मिसाइलों का सफल परीक्षण

पाकिस्तान संसद ने माना, हिंदुओं का कराया जा रहा जबरन धर्मातरण

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

चीन की शर्मनाक हरकत, भारत को की घटिया PPE किट की सप्लाई

chinaनई दिल्ली देश में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) की कमी की समस्या से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। इस मामले से वाकिफ एक शख्स ने बताया कि चीन से आए इन अहम उपकरणों में से कई का इस्तेमाल नहीं हो रहा है क्योंकि वे भारत में हुई सुरक्षा जांच में फेल रहे। चीन इन उपकरणों को सप्लाई करने वाला दुनिया का सबसे प्रमुख देश है। इस बीच कोरोना की जांच के लिए चीन से 6.5 लाख टेस्टिंग किट आ रहे हैं, जिनके आज भारत पहुंचने की उम्मीद है।

आज चीन से आ जाएंगे 6.5 लाख टेस्टिंग किट
सूत्रों ने बताया कि चीन से 6.5 लाख टेस्टिंग किट जल्द आने वाले हैं। उम्मीद है कि गुरुवार को ही ये भारत आ जाएं। इनमें से ग्वांगझू वोंडफो से 3 लाख और झुहाई लिवजोन से 2.5 लाख रैपिड ऐंटी-बॉडी टेस्टिंग किट्स आ रहे हैं। इसके अलावा एमजीआई शेनजेन से 1 लाख आरएनए एक्स्ट्रेक्शन किट्स आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बुधवार देर रात तक इन कंसाइनमेंट के लिए कस्टम क्लियरेंस मिल चुका था और अब ये हवाई जहाज के जरिए भारत के लिए रवाना भी हो चुके हैं।

पूरी दुनिया में चीन ने भेजे हैं घटिया PPE किट
जिस चीन से कोरोना वायरस दुनियाभर में फैला, अब वही मेडिकल सप्लाई के नाम पर दुनिया के साथ मजाक कर रहा है। यूरोपीय देशों समेत कई जगहों पर चीन ने इतने घटिया पीपीई किट भेजे हैं, जिन्हें पहना ही नहीं जा सकता। सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें चीन के भेजे पीपीई किट पहनते ही फट जा रहे हैं। मास्क के नाम पर भी चीन ने शर्मनाक हरकतें की हैं। बीतें दिनों उसने अपने ‘सदाबहार दोस्त’ पाकिस्तान तक को अंडरवेअर से बने मास्क भेजे थे। अब भारत के साथ भी उसने ऐसा ही भद्दा मजाक किया है। हालांकि, किरकिरी के बाद चीन ने अपने यहां क्वॉलिटी चेक बढ़ाया है।

भारत में चीन से आए पीपीई किट में एक चौथाई से ज्यादा घटिया
5 अप्रैल तक भारत में चीन से करीब 1.70 लाख PPE किट की सप्लाई आई थी, जिसमें से 50,000 किट क्वॉलिटी टेस्ट में खरे नहीं उतरे। सूत्र ने बताया, ‘30,000 और 10,000 PPE किट के दो छोटे कंसाइनमेंट्स भी टेस्ट में पास नहीं हो पाए।’ इन उपकरणों की जांच डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ग्वालियर स्थित लैबोरेटरी में हुई थी।

भारत में हर रोज करीब 1 लाख पीपीई किट की जरूरत
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वे सिर्फ CE/FDA से मान्यता प्राप्त PPE ही खरीद रहे हैं। हालांकि सरकार को कई कंसाइनमेंट्स डोनेशन के तौर पर भी मिले हैं, जो क्वॉलिटी टेस्ट में सही नहीं पाए गए और ऐसे में उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सूत्र ने बताया, ‘जिन किट्स को FDA/CE से मान्यता नहीं मिली है, उन्हें भारत में क्वॉलिटी टेस्ट से गुजरना होता है।’क्वॉलिटी टेस्ट में जो कंसाइनमेंट्स फेल हुए हैं, उन्हें देश की बड़ी प्राइवेट कंपनियों ने डोनेशन के तौर पर भारत सरकार को दिया था। हालांकि उन्होंने इन दानकर्ताओं के नाम से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी। भारत को रोजाना करीब 1 लाख PPE की जरूरत है। हालांकि एक्सपोर्ट में गिरावट और वायरस के प्रकोप के चलते दुनियाभर में मांग बढ़ने के चलते इन किट्स की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई काफी चुनौतीपूर्ण बन गई है।

ज्यादातर किट चीन, जापान और कोरिया से मंगाए जा रहे
भारत में अधिकतर किट्स चीन, जापान और कोरिया से आते हैं। हालांकि जापान और कोरिया के किट्स काफी महंगे हैं। दुनियाभर में तेजी से फैलते कोरोना वायरस के चलते यूरोप और अमेरिका ने अब एक्सपोर्ट के लिए इन किट्स को बनाना बंद कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि किट की कमी को पूरा करने के लिए ट्रेडर्स के जरिए अतिरिक्त 10 लाख सूट्स का ऑर्डर दिया गया है। इन ट्रेडर में एक सिंगापुर की कंपनी भी शामिल है। हालांकि ये सभी सूट्स चीन से ही मंगाए जाने हैं।

18 अप्रैल से नई खेप मिलने की उम्मीद
सरकार 18 अप्रैल से डिलीवरी मिलने की उम्मीद कर रही है। सूत्रों ने बताया, ‘मई के पहले हफ्ते तक हमारे पास ये सूट्स होने चाहिए। इस बीच और भी ऑर्डर दिए जाएंगे।’ सरकार का आंतरिक आकलन कहता है कि अगर भारत में पास इस समय 20 लाख सूट्स होते तो वह अभी के मुकाबले कहीं बेहतर स्थिति में होता। अधिकारियों का कहना है कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘ऑर्डर की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकतर ऑर्डर चीन से आने हैं। इस मामले में अभी तक हम पूरी तरह इंपोर्ट पर निर्भर थे और हमने कभी नहीं सोचा था कि इसकी मांग में बढ़ोतरी होगी।’

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *