Pages Navigation Menu

Breaking News

भारत ने 45 दिनों में किया 12 मिसाइलों का सफल परीक्षण

पाकिस्तान संसद ने माना, हिंदुओं का कराया जा रहा जबरन धर्मातरण

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, इंटरटेनमेंट पार्क 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत

गलवान घाटी में मारा गया चीनी कमांडिंग ऑफिसर

india vs chinaनयी दिल्ली : लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच पिछले दिनों हुए हिंसक झड़प में चीन का भी एक सैन्य ऑफिसर मारा गया था. दोनों देशों के बीच जारी तनाव के को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत में चीन ने यह बात मानी है. चीन ने कहा है कि हिंसक झड़प में उसने भी अपना एक सैन्य ऑफिसर (कमांडिंग ऑफिसर) खोया है. बता दें कि गलवान घाटी की घटना को लेकर भारत में उबाल है.इस तनाव को कम करने के लिए दोनों देश कूटनीतिक प्रयास में लगे हुए हैं. हालांकि, चीन ने अपने मारे गये सैनिकों की संख्या नहीं बतायी. चीन का मानना है कि मारे गये सैनिकों की संख्या बताने से तनाव और भी बढ़ सकता है. पिछले दिनों इसी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा है और हमारी कोई भी चौकी चीन के कब्जे में नहीं है.

chines iron roadsभारत की ओर से दावा किया गया है कि इस झड़प में चीन के लगभग 40 सैनिक मारे गये हैं. केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख, जनरल (अवकाशप्राप्त) वी के सिंह ने भी कहा था कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 40 से अधिक चीनी सैनिक भी मारे गये हैं. सिंह ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘अगर हमने 20 सैनिक गंवाए हैं तो उनकी (चीन की) तरफ भी दोगुने से ज्यादा लोग मारे गये हैं.’सोमवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि, ‘चीन और भारत कूटनीतिक एवं सैन्य माध्यमों के जरिए स्थिति को सुलझाने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं.’ सिंह की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मेरे पास इस बारे में देने के लिए कोई सूचना नहीं है.’ गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद से, बीजिंग अपनी सेना को हुए नुकसान का ब्योरा देने से लगातार इनकार करता रहा है.इस बीच, नयी दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने के तरीकों पर चर्चा के लिए सोमवार को भारत और चीन के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता का एक और दौर चला. उच्चस्तरीय वार्ता गलवान घाटी में दोनों देश के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के एक हफ्ते बाद हो रही है.

 सैनिकों की मौत छुपाने से परेशान चीन के लोग, कर रहे भारत की तारीफ

galwan china army killedचीनी सेना के नुकसान की खबर पर बीजिंग की चुप्पी पर अब वहीं के नागरिक सवाल उठा रहे हैं अपनी सरकार को कोस रहे हैं. चीनी नागरिक नुकसान के बारे में रिपोर्टिंग की कमी पर अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं. बता दें कि चीन में मीडिया को भी सरकार ही नियंत्रित करती है.हिंसक झड़प में चीनी सेना को हुए नुकसान पर वहां के लोगों को सही जानकारी नहीं मिलने पर चीनी सोशल-मीडिया प्लेटफार्म पर लोग अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. एक ओपन-सोर्स विश्लेषण से पता चला है कि कैसे चीनी नागरिकों ने बीजिंग के तंग नियमों पर अपनी पीड़ा को ऑनलाइन व्यक्त किया है.चीन में ऐसे परिवार ज्यादा चिंता में हैं जिनके घर से कोई न कोई सदस्य PLA (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) में है. गलवान घाटी में तैनात PLA सैनिकों के मित्र और चीन के आम नागरिक परिस्थिति को लेकर उपजे रहस्य में उलझ गए हैं.चीन के आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि शी जिनपिंग की सरकार 15 जून की लड़ाई को लेकर न तो आधिकारिक बयानों की पुष्टि कर रही है और हताहतों की संख्या बताने से भी इनकार कर रही है.बता दें कि वीबो चीन का अपना ट्विटर है. माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर इस मुद्दे के लेकर लोगों की बातचीत के विश्लेषण से पता चलता है कि चीनी नागरिक हिंसक झड़प को लेकर ज्यादातर भारतीय चित्र, समाचार लेख और वीडियो देख रहे हैं. बता दें कि गलवान घाटी हुई हिंसक झड़प में पीएलए के नुकसान को लेकर चीनी सरकार और मीडिया ने कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है.चीन के आम नागरिक पीएलए के हताहत या घायलों की संख्या को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. वहीं वो शहीद हुए जवानों की जानकारी को सार्वजनिक करने को लेकर भारत की तारीफ कर रहे हैं.एक चीनी वीबो यूजर ने 19 जून को लिखा, “भारत ने शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. भारत देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए उच्च सम्मान रखता है और उनपर ध्यान देता है.”उन्होंने लिखा भारत में राष्ट्र की एकजुटता उच्च स्तर पर है लेकिन हमारे बारे में क्या? हमें भारत से सीखना चाहिए और अपने सैनिकों के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए. हम खुले तौर पर शहीद हुए सैनिकों को सम्मान क्यों नहीं देते हैं. क्या? पीएलए के एक जवान की भी मौत नहीं हुई है. मुझे माफ करना? “बता दें कि चीनी सैनिकों के किसी भी जानकारी को परिवार या दोस्तों तक पहुंचाने पर सख्त पाबंदी है. एक वीबो यूजर ने लिखा, “मैं कल से चीन और भारत के बीच की स्थिति के बारे में चिंतित हूं. विदेशी समाचारों के वीडियो और लेखों से, मुझे सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी के हमारे युवा सैनिक क्या हताहत हुए हैं क्योंकि कोई विशिष्ट आंकड़े नहीं हैं. हम आपके बारे में और अधिक चिंतित हैं और आशा करते हैं कि आप सुरक्षित होंगे. आप हमारी मातृभूमि का गौरव हैं! आप सभी का धन्यवाद!”

भारत-चीन के सैन्य कमांडरों की वार्ता खत्म, 11 घंटे चली बैठक

india-china-meetingलाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव कम करने को लेकर भारत-चीन की सेना के बीच एक बार फिर मैराथन स्तर पर बातचीत हुई. चीनी सेना के आग्रह पर आज की यह बैठक बुलाई गई थी जो करीब 11 घंटे चली. कोर कमांडर स्तर की बैठक चीन की तरफ मोल्डो इलाके में हुई. ये बैठक गलवान में चीन के साथ हुई झड़प के बाद बने तनाव को कम करने को लेकर हुई. मंगलवार को फिर यह वार्ता हो सकती है.सूत्रों के मुताबिक चीन और भारत के बीच LAC पर कोर कमांडर स्तर की बैठक चली. बातचीत के दौरान भारत ने चीन से एलएसी से सैनिकों की वापसी के लिए समय सीमा मांगी. इसके अलावा फिंगर 4 सहित 2 मई से पहले की स्थिति और तैनाती को बनाए रखने के लिए कहा है. बता दें कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच आज सुबह 11 बजे से ही बैठक चल रही थी जो देर रात खत्म हुई.बैठक में भारत की तरफ से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने बैठक का नेतृत्व किया तो चीन की तरफ से मेजर जनरल लियु लिन बैठक में शामिल हुए. गलवान घाटी में खूनी झड़प के बाद दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच यह बड़ी बातचीत हुई. इसका मकसद एलएसी पर पहले वाली स्थिति को बनाए रखना है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *