Pages Navigation Menu

Breaking News

31 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन

 

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना हो; पीएम नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

कोरोना जैव हथियार चीन की लैब में बना, तीसरे विश्व युद्ध की थी तैयारी ?

chinaकोरोनावायरस की वजह से चीन की दुनिया में काफी किरकरी हो चुकी है. हालांकि, इस देश ने अभी तक वायरस को लेकर सही जानकारी विश्व को नहीं दी है. वायरस को फैलाने के लिए जहां चीन वुहान के मीट मार्केट में मिलने वाले चमगादड़ के मांस को जिम्मेदार ठहराता है, वहीं कई देशों का कहना है कि इस वायरस को खुद चीन ने लैब में बनाया था. अब यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के हाथ कुछ अहम दस्तावेज लगे हैं. इन पेपर्स में लिखी बातों के अनुसार कोरोनावायरस फैलाना चीन का थर्ड वर्ल्ड वॉर शुरू करने का हिस्सा था. चीन इस वायरस के जरिये दुनिया को तबाह कर अपना एकछत्र राज बनाना चाहता था. इसकी तैयारी उसने 2015 से कर ली थी.

जीत का हथियार था कोरोनावायरस
अमेरिकी इन्वेस्टिगेटर्स के हाथ काफी अहम सबूत लगे हैं जो ये साफ कर रहा है कि कोरोनावायरस को चीन ने जानते हुए बनाया और फैलाया. सबूतों के अनुसार 2015 से ही चीन इसकी तैयारी कर रहा था. कई बार इस बात का दावा किया गया था कि कोरोनावायरस को चीन के लैब में बनाया गया है लेकिन ये देश इसे मानने के लिए तैयार नहीं था. अब मिले सबूतों के बाद चीन फिर से दुनिया के निशाने पर आ गया है.

CHINA-BEIJING-XI JINPING-CORONAVIRUS CONTROL-INSPECTION (CN)दुनिया तबाह करने का मिशन
मिले पेपर्स के अनुसार, चीन एक ऐसा बायोलॉजिकल हथियार तैयार कर रहा था जो दुनिया के ताकतवर देशों के मेडिकल सिस्टम को ध्वस्त कर सकता था. द ऑस्ट्रेलियन में छपी खबर के मुताबिक, चीन एक ऐसा हथियार बना रहा था जिसके बारे में किसी ने कभी सोचा भी ना हो. इसका कोई तोड़ ना हो. डॉक्युमेंट्स में हालांकि, कोरोनावायरस का नाम नहीं लिखा था लेकिन इसमें लिखी बातें इसी की तरफ इशारा कर रही है.
तब सच हो जाएगी बात
अगर मिले डॉक्युमेंट्स की बातों को जोड़ें, तो इसमें लिखी हर बार कोरोनावायरस की तरफ इशारा कर रही है. अगर ये सच है तो वाकई चीन ने लैब में ही इस वायरस को तैयार किया था. इस बात के सबूत मिले थे कि चीन के The Wuhan Institute of Virology में 2002 से ही चमगादड़ के सैम्पल जमा किये जा रहे थे. इससे कुछ ऐसे वायरस बनाए गए थे जो इंसानी सेल्स को इफ़ेक्ट कर रहे थे. इसके बाद भी चीन रुका नहीं. कोरोनावायरस बनाकर चीन दुनिया को तबाही के मुंह में धकेल ही दिया.

जेनेटिक बायोवेपंस की हैरान करने वाली रिपोर्ट

china phoneचीन 2015 से ही SARS कोरोना वायरस को सैन्य क्षमता के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा था. वीकेंड ऑस्ट्रेलियन (Weekend Australian) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. ‘अननेचुरल ओरिजन ऑफ सार्स एंड न्यू स्पेसीज ऑफ मैनमेड वायरेस’ नाम की जेनेटिक बायोवेपंस की रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरा विश्व युद्ध जैविक हथियारों (Biological Weapons) के जरिये लड़ा जाएगा. दस्तावेज में खुलासा किया है कि चीनी सेना के वैज्ञानिक सार्स कोरोना वायरस (SARS COV) को हथियार की तरह इस्तेमाल करने पर चर्चा कर रहे थे.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »