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सचिन पायलट निकम्मे और नकारा हैं; मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594661918-1594693928राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर छह दिन में तीसरी बार जमकर हमला बोला है। सोमवार को वे फिर मीडिया के सामने आए। साढ़े तीन मिनट तक बोले। इस दौरान उन्होंने पायलट को जमकर कोसा। गहलोत ने पायलट को मासूम चेहरे वाला व्यक्ति, हिंदी-अंग्रेजी पर अच्छी कमांड रखने वाला और देशभर के मीडिया को इम्प्रेस करके रखने वाला नेता बताया, लेकिन कहा कि वे निक्कमे और नकारा हैं। हम जानते थे कि वे कुछ नहीं कर रहे, खाली लोगों को लड़वा रहे हैं। लेकिन मैं भी यहां बैंगने बेचने, सब्जी बेचने नहीं आया हूं। मुख्यमंत्री बनाया गया हूं।

‘पायलट ने बहुत गंदा खेल खेला’
गहलोत ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए पायलट को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट ने बहुत गंदा खेल खेला है। पायलट पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूरा विश्वास था, लेकिन खरे नहीं उतरे। उन्हें कम उम्र में केंद्रीय मंत्री बनाया गया। राजस्थान में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उपमुख्यमंत्री का पद था। इतनी कम उम्र में ही उन्हें ऊचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन पिछले छह महीने से वे भाजपा के साथ मिलकर साजिश रच रहे थे।

‘7 साल में हमने कभी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग नहीं की’
गहलोत ने कहा- 7 साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की मांग नहीं उठी। किसी ने पायलट के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। किसी ने एक छोटी खबर भी नहीं पढ़ी होगी कि पायलट साहब को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटाना चाहिए। जबकि हम जानते थे कि वो निकम्मा है, नकारा है, कुछ काम नहीं कर रहा है। खाली लोगों को लड़वा रहा है।

‘सरकार के खिलाफ साजिश चल रही है’
गहलोत ने कहा- हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी 50-50 लाख रुपए की फीस लेते हैं। पायलट कहां से दे रहे हैं? मैं पहले भी कहता रहा हूं कि साजिश चल रही है। किसी को यकीन नहीं होता था। पहले 10 मार्च को खेल होना था। 11 मार्च को इन्हें (पायलट) मानेसर जाना था। मुंबई मे कई बड़े कॉरपोरेट हाउस इन्हें फंडिंग कर रहे हैं।

‘पायलट छिपकर दिल्ली जाते थे’
मुख्यमंत्री ने कहा- पायलट जयपुर से छिपकर दिल्ली जाते थे। खुद गाड़ी चलाकर जाते थे। वही काम भाजपा के नेता भी कर रहे हैं। गुड़गांव में विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है। वहां सभी के मोबाइल ले लिए गए। वहां के लोग नाई से फोन लेकर बात कर हैं, रो रहे हैं। कोई कह रहा है कि वेटर से फोन लेकर बात कर रहा हूं। इधर हमारे लोग तो फ्री हैं।

‘कोरोना काल में इस तरह की हरकत’
गहलोत ने कहा- जिस तरह ये पूरा खेल खेला गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वो भी नौजवान साथी हैं। उनसे उम्मीद थी कि कांग्रेस के एसेट्स साबित होंगे। उस आदमी ने गुड़गांव के होटल में बाउंसर लगा रखे हैं। किसी को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। इस तरह का खेल चल रहा है। इस बात का दुख है कि कोरोना काल में आप इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

पायलट के बारे में गहलोत के पिछले दो बयान
1. इनकी ढंग से रगड़ाई नहीं हुई

गहलोत ने 15 जुलाई को पायलट के लिए कहा था- जो नई पीढ़ी आई है, उसकी ढंग से रगड़ाई नहीं हो पाई। अगर इनकी ढंग से रगड़ाई हुई होती, तो ये और अच्छे से काम करते, बल्कि हमसे अच्छा काम कर ले जाते। अच्छी अंग्रेजी बोलने और हैंडसम पर्सनैलिटी से भी कुछ नहीं होता।

2. पायलट को हमने बहुत सहा
गहलोत ने 17 जुलाई को कहा था- पायलट 6 महीने से भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे थे। 11 जून को पार्टी तोड़ने वाले थे। पायलट को बहुत सहा, इस उम्र में उनकी इतनी महत्वाकांक्षा ठीक नहीं। अगर टेप फर्जी निकला, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

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