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भाजपा से मिलीभगत को लेकर कांग्रेस में घमासान

congress-working-committee-begins-meeting-to-review-poll-debacleनई दिल्ली। कांग्रेस कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में आज कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने ही एक दूसरे पर भाजपा से मिलीभगत के आरोप लगाया। इसके बाद कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच का घमासान खुल कर सामने आ गया। किसी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर उंगली उठाई तो किसी ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे नेताओं पर ही भाजपा से मिलीभगत कर साजिश रचने का काम कर डाला। राहुल गांधी नाराज थे तो सोनिया गांधी आहत। राजधानी में चल रही कांगेस कार्यसमित‍ि  की बैठक ‘महाभारत’ में तब्‍दील हो गई है। वरिष्‍ठ कांग्रेसियों की चिट्ठी सार्वजनिक होने के मामला छाया रहा। सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफे की पेशकश की। साथ में उस चिट्ठी का जवाब भी दिया जिसमें नेतृत्‍व पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने चिट्ठी की आलोचना की। फिर राहुल गांधी ने बेहद तीखे लहजे में इसकी टाइमिंग पर सवाल खड़े किए। उन्‍होंने यहां तक कहा कि चिट्ठी बीजेपी के साथ मिलीभगत कर लिखी गई है। इसपर वरिष्‍ठ कांग्रेस गुलाम नबी आजाद उखड़ गए। उन्‍होंने कहा कि अगर मिलीभगत साबित हो गई तो वे इस्‍तीफा दे देंगे।दूसरी तरफ, वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल ने ट्विटर बायो से कांग्रेस हटा दिया है। उन्‍होंने राहुल के बीजेपी मिलीभगत वाले आरोप पर तीखे शब्‍दों में ट्वीट भी किया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया।पार्टी के अंदर नेताओं का कई खेमा बन चुका है। एक खेमा राहुल गांधी को दोबारा पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहता है तो दूसरा खेमा इसका विरोधी है। गांधी परिवार के वफादार बुजुर्ग नेताओं का खेमा चाहता है कि सोनिया गांधी ही अध्यक्ष पद संभाल लें। एक तीसरा खेमा भी है जो चाहता है कि इस बार गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति पार्टी लीडरशिप का कमान संभाले।

गुस्‍से में नजर आए राहुल
congress cwc oneपूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के तेवर खासे तीखे थे। राहुल गांधी ने कहा, ‘सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने के समय ही पार्टी नेतृत्व को लेकर पत्र क्यों भेजा गया था?’ उन्‍होंने मीटिंग में कहा कि ‘पार्टी नेतृत्व के बारे में सोनिया गांधी को पत्र उस समय लिखा गया था जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार संकट का सामना कर रही थी। पत्र में जो लिखा गया था उस पर चर्चा करने का सही स्थान सीडब्ल्यूसी की बैठक है, मीडिया नहीं।’ उन्‍होंने आरोप लगाया कि यह पत्र बीजेपी के साथ मिलीभगत में लिखा गया। प्रियंका गांधी ने भी गुलाम नबी आजाद से नाराजगी जाहिर की है। उन्‍होंने राहुल के सुर में सुर मिलाया है। दूसरी तरफ, गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर बीजेपी से मिलीभगत साबित हो जाती है तो वे इस्‍तीफा दे देंगे।राहुल के आरोप पर वरिष्ठ नेता कपिल सिब्ब्ल ने गहरी नाराजगी का इजहार किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘राहुल गांधी कहते हैं कि हम बीजेपी से मिले हुए हैं। हम राजस्थान हाई कोर्ट में कांग्रेस का बचाव करने में सफल रहे। मणिपुर में बीजेपी सरकार को गिराने के लिए पार्टी की तरफ से दलील रखी। पिछले 70 सालों में बीजेपी के पक्ष में किसी भी मुद्दे पर एक भी बयान नहीं दिया। फिर भी हम बीजेपी से मिले हुए हैं।’सोमवार को मैराथन बैठक के बाद सोनिया गांधी से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का आग्रह करने के साथ ही संगठनात्मक बदलाव के लिए अधिकृत किया। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को कुछ नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र की पृष्ठभूमि में नेताओं को कांग्रेस का अनुशासन एवं गरिमा बनाए रखने के लिए अपनी बातें पार्टी के मंच पर रखने की नसीहत दी और कहा कि किसी को भी पार्टी एवं इसके नेतृत्व को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अंदरूनी मसले मीडिया पर सार्वजनिक नहीं किया जा सकता
सीडब्ल्यूसी  की बैठक के बाद पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘पार्टी के अंदरूनी मामलों पर विचार-विमर्श मीडिया के माध्यम से या सार्वजनिक पटल पर नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस कार्य समिति ने सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को राय दी कि पार्टी से संबंधित मुद्दे पार्टी के मंच पर ही रखे जाएं, ताकि उपयुक्त अनुशासन भी रहे और संगठन की गरिमा भी।’

सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष
कांग्रेस कार्य समिति ने कहा, ‘सीडब्ल्यूसी सोनिया गांधी को अधिकृत करती है कि वह जरूरी संगठनात्मक बदलाव के लिये कदम उठाएं। सीडब्ल्यूसी  एकमत से उनसे यह निवेदन भी करती है कि कोरोना काल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अगले अधिवेशन के बुलाए जाने तक वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष  के गरिमामय पद पर रहकर पार्टी का नेतृत्व करें।’

केंद्र सरकार पर हमले की तैयारी
प्रस्ताव में कहा गया है, ‘पिछले छह महीनों में देश पर अनेकों विपत्तियां आई हैं। देश के सामने आई चुनौतियों में एक कोरोना महामारी है। तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था व आर्थिक संकट, करोड़ों रोजगारों का नुकसान एवं बढ़ती गरीबी तथा चीन द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ व कब्जे के दुस्साहस का संकट है।’

चिट्ठी पर महाभारत:

कांग्रेस आईटी सेल की पूर्व चीफ दिव्‍या स्‍पंदना ने चिट्ठी लिखने वालों पर निशाना साधा। उन्‍होंने लिखा, ‘न सिर्फ उन्‍होंने मीडिया में चिट्ठी लीक की, बल्कि CWC की हर एक बात भी लीक कर रहे हैं। कमाल है!’ फिर उन्होंने कपिल सिब्बल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘दरअसल राहुल जी ने गलती कर दी। उन्हें कहना चाहिए था कि बीजेपी और मीडिया के साथ सांठगांठ।’राहुल गांधी के आरोप से आहत कपिल सिब्बल ने अपने ट्विटर हैंडल से कांग्रेस पार्टी का लिंक हटा दिया। हालांकि बाद में उन्होंने ट्वीट कर बताया कि उन्हें राहुल गांधी ने खुद फोन कर कहा कि उन्होंने बीजेपी से सांठगांठ वाली बात कभी नहीं की। सिबल ने पहले का ट्वीट हटा लिया है। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कपिल सिब्बल के ट्वीट का जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने ऐसी कोई बात नहीं की है। सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘राहुल गांधी ने इस तरह का कोई शब्द नहीं कहा है और न ही ऐसा संकेत भी किया है। कृपया मीडिया में चले झूठे बयानों या प्रसारित की जा रही गलत सूचनाओं के बहकावे में नहीं आएं। लेकिन हां, हम सब को क्रूर मोदी शासन के खिलाफ लड़ने की जरूरत है, न कि आपस में लड़ककर एक-दूसरे को और कांग्रेस को नकुसान पहुंचाने की।’चिट्ठी लिखने वाले नेताओं पर कांग्रेस महाचिव प्रियंका गांधी ने भी खूब हमला बोला है। उन्होंने पत्र की आलोचना करते हुए अप्रत्यक्ष तौर उन नेताओं को दोहरे चरित्र का बताया।

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