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बुढ़ापा या भ्रष्टाचार ; येदियुरप्पा के इस्तीफे पर सवाल

yediyurappa newभारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने उनके इस्तीफा के बाद बीजेपी पर तंज कसा है। कांग्रेस ने कहा कि येदियुरप्पा को ‘जबरन सेवानिवृत्ति क्लब’ में शामिल कर दिया गया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबसे ताजा शिकार’ हैं। पार्टी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि चेहरा बदलने से कर्नाटक में भाजपा का ‘भ्रष्ट चरित्र’ नहीं बदलने वाला है।बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा की ओर से सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसा क्यों करवाया गया? येदियुरप्पा के पद छोड़ने के कुछ घंटों बाद विपक्षी नेता और कांग्रेस के दिग्गज नेता सिद्धारमैया ने इस्तीफे के पीछे के कारण पर सवाल उठाया।

उन्होंने ट्वीट किया, ”सिर्फ चेहरा बदलने से भाजपा का भ्रष्ट चरित्र नहीं बदलने वाला है। सच्चाई यह है कि मोदी जी आदतन वरिष्ठ भाजपा नेताओं को अपमानित करते हैं और उन्हें इतिहास के कूड़ेदान में डाल देते हैं।”सुरजेवाला ने दावा किया, ”मोदी जी का रिकॉर्ड है कि उन्होंने आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी, केशूभाई पटेल जी, शांता कुमार जी, यशवंत सिन्हा जी और कई अन्य लोगों की जबरन सेवानिवृत्ति करवाई। मोदी जी के शिकार भाजपा नेताओं में सुमित्रा महाजन, सुषमा स्वराज, उमा भारती, सीपी ठाकुर, एके पटेल, हरेन पांड्या, हरीन पाठक और कल्याण सिंह भी हैं। इनमें सबसे ताजा नाम हर्षवर्धन, रविशंकर प्रसाद और सुशील मोदी का है।”उन्होंने आरोप लगाया, ”इस्तीफा देने के लिए आदेश देकर मोदी जी द्वारा येदियुरप्पा को अपमानित किया गया है। वह मोदी जी के सबसे ताजा शिकार हैं और जबरन सेवानिवृत्ति क्लब के सदस्य बने हैं। हम जानते हैं कि अब भाजपा के विधायक नहीं, बल्कि दिल्ली का अधिनायकवाद मुख्यमंत्री का फैसला करता है।”

एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य के लोगों को सत्ताधारी पार्टी के नेता के इस्तीफे के पीछे का असली कारण बताया जाना चाहिए। बता दें कि चार बार के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने उस दिन अपना पद छोड़ने का ऐलान किया जिस दिन बीजेपी ने बेंगलुरु में उनकी सरकार के दूसरे साल का जश्न मनाया था।

येदियुरप्पा ने नहीं बताया कारण

हालांकि, येदियुरप्पा ने अपने फैसले के पीछे का सही कारण नहीं बताया, लेकिन उन्होंने 75 साल से अधिक उम्र के पार्टी नेताओं कोई पद नहीं देने की बीजेपी की नीति का संकेत जरूर दिया। वहीं, सिद्धारमैया ने संकेत दिया है कि बीजेपी ने येदियुरप्पा को उनके खिलाफ भ्रष्ट्राचर के आरोपों के कारण पद छोड़ने के लिए कहा और पीएम नरेंद्र मोदी से जांच शुरू करने का आग्रह किया।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अकटलें तेज हो गईं थीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद 17 जुलाई को नई दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद येदियुरप्पा के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गईं थीं। भले ही उन्होंने अपने इस्तीफे के बारे में चल रही अफवाहों का खंडन किया, लेकिन उन्होंने सोमवार के समारोह के लिए आने वाले दिनों में संभावित नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दिया था।

येदियुरप्पा के इस्तीफे से हैरान नहीं हैं

सिद्धारमैया ने कहा कि वह येदियुरप्पा के इस्तीफे से हैरान नहीं हैं और कहा कि वह तभी जश्न मनाएंगे जब बीजेपी चुनाव हार जाएगी। बता दें कि 223 विधानसभा सीटों वाले कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्विट करते हुए कहा भ्रष्टाचार बीजेपी कर्नाटक के डीएनए में है और यह मुख्यमंत्री में बदलाव के साथ नहीं बदलेगा। बीजेपी गलत तरीके से ऑपरेशन कमल के जरिए सत्ता में आई थी और कर्नाटक बीजेपी को बाहर करने के साथ ही बेहतर होगा।

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