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बंगाल में ममता,असम में बीजेपी, तमिलनाडु में डीएमके तो केरल में लेफ्ट की जीत

 

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बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक कांग्रेस की डूबी लुटिया

rahul congressदेश की सत्ता पर वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस पार्टी का पश्चिम बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक काफी खराब प्रदर्शन रहा है। इसके बावजूद पार्टी दूसरों की हार-जीत पर ही खुशी का इजाहर कर रही है। बंगाल में जहां ममता की आंधी में बीजेपी का सरकार बनाने का सपना धरा का धरा रहा गया वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इसके अलावा केरल, असम और पुडुचेरी में भी कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

ममता की आंधी में उड़ गई कांग्रेस
बंगाल में सबसे बड़ा झटका वामपंथी दलों और कांग्रेस के गठबंधन को लगा है जिसका खाता तक नहीं खुल सका है। राज्य में तीन दशक तक निर्बाध शासन करने वाले वामपंथी दल और दो दशक तक लगातार शासन करने वाली कांग्रेस पहली बार विधानसभा से बाहर होगी। वामपंथी दल और कांग्रेस के गठबंधन का भरभरा कर गिर जाना तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद फायदेमंद हुआ। उसने बड़े आराम से 200 पार का आंकड़ा हासिल किया, जबकि भाजपा तीन अंकों (सौ और आगे) तक भी नहीं पहुंच सकी। कांग्रेस पार्टी एक भी सीट पर जीत दर्ज कर पाने में असफल रही।

राहुल ने झोंकी ताकत, फिर भी केरल में नुकसान
2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। यहां से उन्हें बंपर जीत भी मिली थी। इसके बाद वह लगातार केरल का दौरा करते रहे। इस विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने सबसे ज्यादा समय केरल में ही बिताया था। हालांकि राहुल ने जिस हिसाब से केरल में अपनी ताकत झोंकी, उस हिसाब से पार्टी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। 56 विधायकों वाली कांग्रेस चुनाव नतीजे में सिर्फ 40 सीट जीतने में सफल रही।

राहुल-प्रियंका की जोड़ी भी नहीं दिला सकी असम में जीत
असम में चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने एक समय लगा था कि वह सत्ता के नजदीक पहुंच सकती है। हालांकि परिणाम कुछ और रहे। असम चुनाव में राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंक गांधी ने काफी चुनाव प्रचार किए। उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए शॉफ्ट हिंदुत्व का भी सहारा लिया, बावजूद राज्य का सत्ता में वापसी में सफलता नहीं मिली। कांग्रेस पार्टी सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंच सकी। इस चुनाव में देश की सबसे पुरानी पार्टी को 10 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। वह 46 से 36 सीटों पर समिटकर रह गई।

पुडुचेरी में 23 से 4 सीट तक का सफर
विधायकों के इस्तीफे के साथ ही चुनावों की घोषणा से ठीक पहले केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस पार्टी की सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासान लगा दिया था। इस विधआनसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सत्ता से बेदखल होने वाली पार्टी 23 से सीधे 4 सीट पर आकर रुकी है। यह काफी ही निराशाजनक प्रदर्शन है।

अपनी हार की गम नहीं, BJP की हार की खुशी मना रहे कांग्रेसी
चार राज्यों में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस पार्टी बीजेपी की हार से खुश है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ”मैं भाजपा को पराजित करने के लिए ममता बनर्जी जी और पश्चिम बंगाल के लोगों को बधाई देता हूं।” उनके अलावा कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ममता को बधाई देते हुए ट्वीट किया, ”आज झांसी की रानी ने फिर से इतिहास लिख दिया।”

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