Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

थाईलैंड में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू

ram mandir अयोध्या में राम मंदिर बनने का भले ही एक बड़ा वर्ग दशकों से सिर्फ इंतजार ही कर रहा हो, लेकिन थाईलैंड की अयोध्या (अयुथ्थ्या) में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है.थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से राम जन्मभूमि निर्माण न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण ने बताया कि भारत के अयोध्या में राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है. लिहाजा हम राम भक्तों ने यहां राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया है.इस मंदिर का निर्माण राम जन्मभूमि निर्माण न्यास ट्रस्ट ही करा रहा है. बुधवार को अयुथ्थ्या में राम जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट द्वारा भूमि पूजन और पूरे धार्मिक अनुष्ठान के बाद राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू हो गया.ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि बैंकॉक में राम मंदिर का निर्माण भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करेगा. इससे भगवान राम की ram thailandविचारधारा का प्रचार-प्रसार भारत के बाहर भी होगा. बैंकॉक में राम मंदिर के निर्माण का काम चाव फ्राया नदी के किनारे होगा, जोकि शहर के बीचोबीच बहती है.इतिहास के पन्नों को पलटें, तो 15वीं सदी में थाईलैंड की राजधानी को अयुथ्थ्या कहा जाता था, जिसे स्थानीय भाषा में अयोध्या कहा जाता है. गौरतलब है कि भारत में अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी है.

दक्षिण पूर्व एशिया का बौद्ध बहुल देश थाईलैंड में हिंदू धर्म के प्रति आस्था भी देखने को मिलती है. थाईलैंड के लोग न केवल हिंदू मंदिरों और देवताओं में गहरी आस्था रखते हैं बल्कि अपने राजा को भी राम का वंशज होने मानकर उसे विष्णु के अवतार की संज्ञा देते हैं.थाई संस्कृति एवं साहित्य का रामायण और पुरुषोत्तम राम से इस कदर जुड़ाव है कि ram-darbarयहां के राजा अपने नाम के साथ राम लगाया करते थे. चक्री वंश के राजा के नाम के साथ भी राम शब्द जुड़ा है. अयोध्या पर पांच राजवंशों के 33 राजाओं ने शासन किया.थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक को महेंद्र अयोध्या भी कहते है. ऐसा इसलिए कि लोगों का मानना है कि यह इंद्र द्वारा निर्मित महान अयोध्या है. यही कारण है कि थाईलैंड के जितने भी राम ( राजा ) हुए हैं. सभी इसी अयोध्या में रहकर कार्य करते हैं.18वीं शताब्दी में जब बर्मा के सैनिकों ने शहर पर कब्जा किया तो एक नए शासक का उदय हुआ. उसने खुद को राम प्रथम कहा और एक शहर की स्थापना की जो आज बैकॉक के नाम से जाना जाता है. इसी राजा ने राम कियेन लिखी जिसे स्थानीय भाषा में रामायण कहा जाता है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय महाकाव्य का दर्जा दिया था.

थाईलैंड में ‘राम कियेन’ पर आधारित नाटक और कठपुतलियों का प्रदर्शन देखना धार्मिक कार्य माना जाता है.राम कियेन में फ्र राम (राम ),  फ्र लक (लक्ष्मण ), पाली ( बाली ), सुक्रीप ( सुग्रीव ), ओन्कोट ( अंगद ), खोम्पून ( जाम्बवन्त ), बिपेक ( विभीषण ), तोतस कन ( दशकण्ठ ) रावण, सदायु ( जटायु ), सुपन मच्छा ( शूर्पणखा ) जैसे चरित्र मिलते हैं.बौद्ध बहुल आबादी वाले थाईलैंड में हिंदू देवी-देवताओं और इससे जुड़े प्रतीक कई जगहों पर देखने को मिल जाएंगे. थाईलैंड का राष्ट्रीय चिह्न भी गरुड़ है. थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के हवाई अड्डे के स्वागत हाल के अंदर समुद्र मंथन का दृश्य बना हुआ है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *