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अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, 2020-21 में जीडीपी 7.3% घटी

narendra_modi_and_nirmala_sitharaman_5009834_835x547-mनई दिल्ली वित्त वर्ष 2020-21 में देश की जीडीपी में 7.3 फीसदी की गिरावट आई है। यह चार दशक में देश की जीडीपी में आई सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी 1.6 फीसदी बढ़ी है। इससे यह संकेत मिलता है कि कोरोना की दूसरी लहर से पहले देश की अर्थव्यवस्था रिकवरी के रास्ते पर थी।वित्त वर्ष 2019-20 में 4 फीसदी जीडीपी ग्रोथ
देश की अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2020-21 में गिरावट की उम्मीद लगाई गई थी। इसकी वजह यह है कि पिछले साल कोरोना की महामारी का बहुत ज्यादा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा था। वित्त वर्ष 2019-20 में देश की जीडीपी की ग्रोथ 4 फीसदी थी।

ग्रॉस वैल्यू एडेड में 6.2 फीसदी गिरावट
पिछले वित्त वर्ष में ग्रॉस वैल्यू एडेड (Gross Value Added) में 6.2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। GVA अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के बारे में जानने का अपेक्षाकृत अच्छा जरिया है। इस साल फरवरी में जारी अग्रिम अनुमान में पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर में 8 फीसदी गिरावट आने का अनुमान जताया गया था। इस तरह वास्तविक आंकड़े अनुमान के मुकाबले बेहतर हैं।

यूटिलिटी सेक्टर का अच्छा प्रदर्शन
पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ 14 फीसदी रही। यूटिलिटी सेक्टर की ग्रोत 9.1 फीसदी रही। यूटिलिटी में गैस, बिजली, वाटर सप्लाई आती है। दूसरी तरफ सर्विसेज में 2.3 फीसदी की गिरावट आई। सर्विसेज में होटल, ट्रेड और ट्रांसपोर्ट जैसी चीजें आती हैं। हालांकि, कंस्ट्रक्शन और यूटिलिटी क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से पिछले वित्त वर्ष जीडीपी में अनुमान से कम गिरावट आई।

तीसरी तिमाही में ग्रोथ में लौट आई थी अर्थव्यवस्था
पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ग्रोथ के रास्ते पर लौट आई थी। दिसंबर तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 0.5 फीसदी थी। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में करीब 24 फीसदी और दूसरी तिममाही में 7.5 फीसदी की गिरावट आई थी।

जीडीपी पर कोरोना की दूसरी लहर की मार
माना जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी पर कोरोना की दूसरी लहर की मार पड़ेगी। इस वजह से पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया गया है। ग्रोथ के रास्ते पर लौट रही अर्थव्यवस्था को कोरोना की दूसरी लहर ने बेपटरी कर दिया है। हालांकि, दूसरी लहर का असर सिर्फ अप्रैल-जून तिमाही पर पड़ने का अनुमान है।

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