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चीन की चाल ; वुहान लैब ने गायब कर दीं वैज्ञानिकों की तस्वीरें

wuhan-laboratory-2कोरोना वायरस महामारी को लेकर दुनियाभर में विवादों में चल रहे चीन के वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी ने अपनी वेबसाइट से लैब में काम करते हुए वैज्ञानिकों की तस्वीरें डिलीट कर दी हैं। इन तस्वीरों से साफ पता चलता है कि कैसे इस लैब के वैज्ञानिक लापरवाही और कम सुरक्षा उपकरणों के साथ खतरनाक वायरस पर टेस्ट करते थे। माना जा रहा है कि कोरोना महामारी से निपटने में अपनी खामियों को छिपाने के लिए चीन ने यह कदम उठाया है।कोरोना महासंकट  को लेकर दुनियाभर में घिरी चीन की वुहान लैब  एक बार फिर से विवादों में आ गई है। वुहान लैब (ने अपने वैज्ञानिकों के काम करने की तस्‍वीरों को डिलीट कर दिया है। वुहान लैब  ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब इस महामारी से करीब ढाई लाख लोग मारे गए हैं….
बिना सुरक्षा किट के पकड़ते थे चमगादड़
कोरोना वायरस महमारी से व‍िश्‍वभर में 2,48,256 मारे गए हैं और 35 लाख से ज्‍यादा लोग संक्रमित हैं। इस महमारी के गढ़ रहे चीन से यह वायरस खत्‍म होने की कगार पर है, वहीं पूरी दुनिया इससे जूझ रही है। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इंस्टीट्यूट का स्टाफ बिना किसी सुरक्षा किट के गुफाओं में जाकर चमगादड़ों को पकड़ता था और स्वाब इकट्ठा करता था। वहीं इस वॉयरोलॉजी में एक फ्रिज में 1500 तरह के वायरस को एक साथ रखने वाली तस्वीर भी सामने आई थी। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ने अमेरिकी वैज्ञानिकों के विजिट को भी अपनी वेबसाइट की हिस्ट्री से डिलीट कर दिया है।

अमेरिकी वैज्ञानिक ने दी थी चेतावनी

दरअसल, मार्च 2018 में अमेरिकी दूतावास के वैज्ञानिक रिक स्विटजर ने इस लैब में विजिट किया था। इस दौरे के बाद स्विटजर ने अमेरिका के विदेश व‍िभाग को चेतावनी भरा संदेश भेजा था। इस संदेश में स्विटजर ने कहा था कि इस लैब में प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी है। यही नहीं पिछले दिनों वुहान लैब की ऐसी तस्वीरें सामने आई थीं जिनमें लैब के अंदर टूटी हुई सील दिखाई दे रही थी। ये तस्वीरें पहली बार चाइना डेली अखबार ने 2018 में रिलीज की थीं। ट्विटर पोस्ट होने के साथ ही ये सवालों के घेरे में आ गईं क्योंकि लोगों को इस लैब की ऐसी खामियां दिखने लगीं जिनसे लैब से वायरस लीक पर उठ रहे सवालों को बल मिल गया है।

वुहान लैब में बना था कोरोना वायरस: ट्रंप

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को था कि कि दुनिया भर में दहशत का कारण बना कोरोना वायरस चीन की लैब में ही बनाया गया था। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इसका पूरा भरोसा है और इसके पर्याप्‍त सबूत हैं कि कोरोना वायरस को वुहान की जैविक प्रयोगशाला में डिवलप किया गया था, हालांकि उन्होंने इसके सबूतों को लेकर कोई भी जानकारी शेयर करने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि हां मेरे पास इसके सबूत हैं, लेकिन मैं इसके बारे में आपको बता नहीं सकता और मुझे इसकी इजाजत भी नहीं है।

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