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लॉकडाउन ; आवश्यक सभी सामानों के परिवहन को अनुमित

Rajnath-Modi-Amitगृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सभी सामानों के परिवहन को अनुमित दे दी है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने रविवार को कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लॉकडाउन अवधि के दौरान आवश्यक सभी सामानों के परिवहन की अनुमति देने के लिए कहा गया है।सभी राज्यों के अंदर एवं बाहर आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं के आवागमन और आपूर्ति शृंखला के लिए छूट दी जाएगी। गृह सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रिंट मीडिया को अखबारों के वितरण की अनुमति है। भल्ला ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि दूध एकत्र करने और वितरण की अनुमित है जिसमें इसकी पैकिंग सामग्री भी शामिल है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता के लिए आवश्यक सभी सेवाओं एवं वस्तुओं संबंधी विनिर्माण, परिवहन, वितरण, भंडारण, कारोबार एवं साजो सामान के लिए आवश्यक निर्बाध परिचालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। भल्ला ने कहा कि हाथ धोने, साबुन, कीटाणुनाशक, ओरल केयर आइटम, बैटरी सेल और चार्जर और स्वच्छता उत्पादों सहित किराने के सामानों के परिवहन की भी अनुमति है।

मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उनसे सुनिश्चित करने को कहा कि शहरों में या राजमार्गों पर आवाजाही बंद हो।

राजनाथ ने संभाली, मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में कई फैसले

कोरोना संक्रमण से देश को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो मोर्चे पर डटे ही हुए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रविवार को इस लड़ाई की कमान संभाल ली है। राजनाथ सिंह के आवास पर रविवार को सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए।

इनमें लोगों के पलायन को रोकने और जो जहां है उसे वहीं रखने का निर्देश राज्यों को दिया गया है। सरकार ने कोरोना विरोधी अभियान को और तेज करने के लिए 11 सशक्त समूहों का गठन भी किया है, जिनमें प्रत्येक में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन समेत कई मंत्री मौजूद थे। रक्षा मंत्री के निवास पर हुई इस बैठक ने कई अहम फैसले लिए।

हालाकि रक्षा मंत्री के आवास पर हुई इस बैठक में लिए गए फैसलों पर अमल का आदेश गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किया गया। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि सरकार और संगठन में वरिष्ठता में प्रधानमंत्री के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सबसे वरिष्ठ हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव भी मंत्रियों में सबसे ज्यादा है।

राजनाथ न सिर्फ लंबे समय से पहली मोदी सरकार में गृह मंत्री थे और अब रक्षा मंत्री हैं बल्कि वाजपेयी सरकार में भी वह लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। इसलिए सरकार और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनाथ सिंह के राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के साथ साथ जनता में उनकी पकड़ का लाभ उठाकर कोरोना विरोधी अभियान को और सफल बनाना चाहते हैं।

साथ ही अगर इस मुहिम में सेना की सहायता की आवश्यकता हुई तो भी रक्षा मंत्री की भूमिका अहम होगी। इस लिहाज से प्रधानमंत्री के बाद रक्षा मंत्री और उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह को लगा कर इस लड़ाई को ज्यादा सक्षम और मजबूत बनाने की सरकार की रणनीति है।

बैठक में लिए गए फैसलों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि उनके राज्यों में लॉकडाउन का उल्लंघन करके होने वाले लोगों के सामूहिक पलायन को तत्काल रोका जाए और जो जहां है, उसे वहीं रोककर उनके खाने पीने और रहने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

राज्य सरकारों को कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार मजदूरों का वेतन न काटें। उन्हें अपने परिसरों में ही सुरक्षित रखकर उनके खानपान की व्यवस्था करें। किराए पर रहने वाले मजदूरों को उनके मकान मालिक घरों से न निकालें और अभी उनसे अप्रैल का किराया भी न लें।

राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अपने घरों और गांवों की ओर निकल पड़े लोगों की स्वास्थ्य जांच हो और उन्हें 14 दिनों तक एकांतवास में रखा जाए। इसके साथ ही सरकार ने कोविड-19 संक्रमण से देश को बचाने के अभियान को सक्षम तरीके से संचालित करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत 11 सशक्त समूहों का गठन किया है।

इन समूहों की जिम्मेदारी होगी कि वह कोरोना रोको अभियान को सफल बनाने के लिए सभी तरह की कार्ययोजनाएं बनाएं और उनके प्रभावी और निश्चित समय सीमा में अमल के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं। सरकार के व्यय विभाग ने इन समूहों को व्यय संबंधी फैसले लेने के लिए अधिकृत करने के लिए विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रत्येक समूह में प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इन 11 सशक्त समूहों में आठ की कमान सचिव स्तर के अधिकारियों, दो की कमान नीति आयोग के सदस्यों और एक की कमान नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है।

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