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छह हफ्तों में टीके कमी दूर होने की उम्मीद

Corona-Vaccine-3कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड के दो डोज की समय-सीमा बढ़ाने और टीके की कमी पर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्युनाइजेशन (NTAGI) ने अपना रुख साफ किया है। NTAGI के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि भारत में कोरोना वैक्सीन से जुड़े फैसले वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित हैं। हम साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर ही वैक्सीन के प्रभाव को और बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं और हम ऐसा ही कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि देश में वैक्सीन की किल्लत सिर्फ अगले छह हफ्तों के लिए है, उसके बाद यह नहीं होगी। भविष्य में हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन होंगी, जिससे हम देश के सभी लोगों को वैक्सीनेट कर सकेंगे। अभी हमारे पास सिर्फ दो वैक्सीन हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या में और बढ़ोतरी होगी।

आने वाले वैरिएंट से सुरक्षा पर भी फोकस
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि हम वैक्सीन को ज्यादा से ज्यादा असरदार रखने के लिए हम जरूरी कदम उठा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि देश कोरोना की मौजूदा लहर के साथ आने वाले वैरिएंट से भी सुरक्षित रहे। हम जानते हैं कि कोरोना कुछ ही समय तक रहेगा, इसलिए हम यह लगातार सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग सुरक्षित रहें।

3-4 महीनों में दोबारा संक्रमण का खतरा काफी कम

  • NTAGI की सिफारिशों के मुताबिक, दो रिसर्च पर ध्यान दिया गया- एक ब्रिटेन से है और दूसरा अमेरिका से। दोनों रिसर्च यह सुझाव दे रहे हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं, जिसके बाद दोबारा संक्रमित होने की संभावना 6-7 महीनों के लिए 84-91% तक कम हो जाती है।
  • उन्होंने कहा कि हमने 1400 भारतीय लोगों पर किए गए रिसर्च के डेटा एनालाइज किया, जिससे पता चला कि संक्रमण से उबरने के 102 दिनों के बाद भी दोबारा संक्रमित होने का खतरा केवल 4.5% ही रह जाता है।
  • उन्होंने कहा कि जुलाई से कोवैक्सिन और कोविशील्ड के प्रोडक्शन में हर महीने 20-25 करोड़ डोज की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा आने वाले महीनों में हमारे पास जायडस कैडिला, स्पुतनिक V, जॉनसन एंड जॉनसन जैसी और दूसरी वैक्सीन भी होंगी।

NEGVAC ने पिछले हफ्ते की थी सिफारिश

  • नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड​​​​-19 (NEGVAC) ने पिछले हफ्ते को सिफारिश की थी कि इस संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों का तीन महीने बाद वैक्सीनेशन नहीं होना चाहिए।
  • यह भी सलाह दी गई थी कि ऐसे कोरोना मरीजों, जिन्हें कोरोना मोनोक्लोनल एंटीबॉडी या प्लाज्मा दिया गया हो, उन्हें अपना वैक्सीनेशन अस्पताल से डिस्चार्ज होने की तारीख से लेकर तीन महीने तक नहीं करवाना चाहिए।
  • NEGVAC की नई सिफारिशों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद कोरोना से संक्रमित हो जाता है, तो दूसरी डोज को ठीक होने के तीन महीने बाद ही लेनी चाहिए।
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