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महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में 31 मार्च तक कर्फ्यू

carfueनई दिल्ली :कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोमवार को महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में 31 मार्च तक कर्फ्यू लगा दिया गया है. देश में अब तक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 467 पहुंच गई है. इस बीमारी से अब तक देश में 9 मौतें भी हो चुकी हैं.इन 5 के अलावा बाकी 20 राज्यों में भी पूरी तरह से लॉकडाउन है, साथ ही 4 राज्यों के 57 जिलों में भी लॉकडाउन है. इन सभी को मिलाकर देशभर के 29 राज्यों के 495 जिले लॉकडाउन हो चुके हैं. इन जिलों में देश की करीब 95 करोड़ यानी 70% आबादी रहती है. पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के वास्ते अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है. एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह ‘राज्य के व्यापक हित में और आप सभी के हित में’ (कर्फ्यू का) यह कदम उठाने के लिए बाध्य हुए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें खबर मिली है कि लॉकडाउन के बावजूद शहरों, मोहल्लों और नगरों में लोग सामान्य रूप से इधर-उधर घूम-फिर रहे हैं. उन्होंने 31 मार्च तक के लिए लगाये गये लॉकडाउन के उल्लंघन को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया और कहा कि राज्य का प्रमुख होने के नाते पंजाब को बचाना उनका दायित्व है. इस कठोर कदम को उठाये जाने से पहले गरीबों के लिए खाद्यान्न एवं दवाइयों समेत राहत उपायों की घोषणा की गयी थी.

पंजाब ने इसलिए कर्फ्यू का सहारा लिया, क्योंकि लोग लॉकडाउन प्रतिबंधों का उल्लंघन करते पाए गए थे. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘मुख्य सचिव (पुलिस प्रमुख) के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद, बिना किसी ढील के साथ पूर्ण कर्फ्यू की घोषणा की गई.’मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘उपायुक्तों को उसी के हिसाब से आदेश जारी करने को कहा गया है. जिस किसी व्यक्ति को ढील देने की जरूरत है, उसे खास अवधि एवं उद्देश्य के लिए ढील दी जाएगी.’ मुख्यमंत्री ने बयान में स्पष्ट किया कि यह लगातार 24 घंटे का कर्फ्यू होगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘लोग अब भी बड़ी संख्या में घरों से निकल रहे थे इसलिए कर्फ्यू लगाया गया है. इसका मकसद लोगों को घरों में रखना है.’ कर्फ्यू लगने के बाद राज्य में कई स्थानों पर सुबह पुलिस दवा दुकानों समेत विभिन्न तरह के दुकानदारों से दुकानें बंद करने और लोगों से घर चले जाने को कह रही थी.पंजाब सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए रविवार को लॉकडाउन की घोषणा की थी. सोमवार सुबह तक राज्य में कोरोना वायरस के 21 मामले सामने आये. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर, मोगा, लुधियाना समेत कई स्थानों से मिली खबरों के अनुसार लॉकडाउन आर्डर के बावजूद बाजारों में लोगों की भीड़ नजर आयी. इस बीच मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों के लिए भोजन, आश्रय एवं दवाइयों समेत कुछ राहत उपायों की घोषणा की एवं बिजली, पानी एवं सीवर बिलों का भुगतान टाल दिया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैंने जरूरतमंदों के खाने, रहने और दवाओं का इंतजाम करने का निर्देश दिया है और इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं.’

पंजाब के बाद केंद्र शासित चंडीगढ़ प्रशासन ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोमवार को शहर में कर्फ्यू लगा दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ के प्रशासक वी. पी. सिंह बदनोर ने सोमवार की मध्य रात्रि से अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लागू करने का निर्णय किया है. इसने कहा कि कर्फ्यू लगने के साथ ही सभी निवासियों के लिए घर के अंदर ही रहना अनिवार्य है। चंडीगढ़ में अभी तक कोरोना वायरस के सात मामले सामने आए हैं. इससे पहले पंजाब सरकार ने कर्फ्यू लगाने की घोषणा की.

बात करें महाराष्ट्र कि तो वहां रोजाना कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं. बीते 24 घंटे के दौरान राज्य में 15 लोगों के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 15 नये मामलों में से 11 मामले मुंबई, तीन मामले ठाणे, वसई-विरार और नवी मुंबई जबकि एक मामला पुणे से सामने आया है.कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर अब 89 हो गई है. इनमें से 14 मामले मुंबई (महानगर) क्षेत्र से सामने आए हैं. इन 14 में से नौ लोग पहले से ही संक्रमित अपने परिवार के सदस्यों या मित्रों के संपर्क में आने से कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं जबकि शेष पांच लोगों ने दुबई, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की यात्रा की थी.

जानिए किन किन सेवाओं का नहीं असर होगा कर्फ्यू पर

कर्फ्यू के तहत सभी जिलों के बॉर्डर सील कर दिए हैं. एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाली गाड़ियों को भी परमिशन नहीं है. दूध, सब्जी, राशन और दवाओं की गाड़ियां एक शहर से दूसरे शहर जा सकती हैं लेकिन उसके लिए भी पर्याप्त अनुमति की आवश्यकता होगी.

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