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सुपर साइक्लोन में बदला चक्रवात ‘अम्फान’, बंगाल-ओडिशा में अलर्ट

चक्रवात अम्फान अब बंगाल और ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है. चक्रवात की वर्तमान गति 160 किमी/घंटा है. वर्तमान में, यह दीघा से करीब 1000 किलोमीटर दूर है. जानकारी के मुताबिक 19 मई को यह चक्रवात भीषण तबाही मचा सकता है. चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ सोमवार शाम को सुपर साइक्लोन में बदल गया है.बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उठने वाले चक्रवात की गति और ताकत अभी ज्यादा बढ़ने की संभावना है. खतरे को देखते हुए ओडिशा के 12 जिलों और कोलकाता सहित बंगाल में 5 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल में दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर हाई अलर्ट पर हैं. अगले आदेश तक मछली पकड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है.

पीएम मोदी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग

चक्रवाती तूफान अम्फान अब सुपर साइक्लोन में बदल गया है. जो पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इस बीच तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और तैयारियों का जायजा लिया. जिसमें गृह मंत्रालय और एनडीएमए के कई अधिकारी शामिल हुए. पीएम मोदी ने चक्रवात से प्रभावित होने वाले राज्यों को हरसंभव केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया है.एनडीआरएफ के महानिदेशक ने बैठक में बताया कि एनडीआरएफ की 25 टीमों को तैनात किया गया है, जबकि 12 अन्यों को तैयार रखा गया है. देश के अन्य तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 24 अन्य टीमों को तैयार रखा गया है. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सलाहकार पीके सिन्हा और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा भी मौजूद रहे.दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना दबाव चक्रवात में बदलने लगा है. जो बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तट की तरफ तेज रफ्तार से बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार (17 मई) को बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) के तेज होने के बाद पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों के लिए अलर्ट जारी किया.

पूर्वी मिदनापुर जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘जिला प्रशासन दीघा और पूर्वी मिदनापुर के अन्य क्षेत्रों में आने वाले चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए तैयार है. हल्दिया बंदरगाह पर माल की लोडिंग और अनलोडिंग को बंद रखने के लिए कहा गया है. सभी प्रकार के सुरक्षा उपाय किए गए हैं.’भारत के तटरक्षक द्वारा पश्चिम बंगाल में राज्य प्रशासन और मत्स्य विभाग के समन्वय में सभी प्रयास शुरू किए गए हैं. एक तटरक्षक अधिकारी ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य तूफान के कारण एक भी व्यक्ति की जान न गंवाने की है.’अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नेट (INS) को बंगाल की खाड़ी में मैरीटाइम रेस्क्यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर, द्वारा सक्रिय किया गया है. तटरक्षक अधिकारियों ने सभी तटीय पुलिस स्टेशनों और मत्स्य संघों को निर्देश दिया है कि वे सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं और डिंगियों को तुरंत वापस जाने की सलाह दें.

भारी बारिश की संभावना

भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर एचआर बिस्वास ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान अगले 12 घंटों में और तेज होने की संभावना है. जो 18 मई यानी सोमवार को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इस दौरान तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका है. मछुआरों को समंदर तट पर ना जाने की सलाह दी गई है.मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान अम्फान से तटीय ओडिशा में 18-19 मई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. साथ ही अंडमान-निकोबार आइलैंड समेत कई जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. तूफान की वजह से ज्यादातर तटीय राज्यों में बारिश हो सकती है.

मछुआरों को समंदर किनारे ना जाने की सलाह

मौसम विभाग की ओर से मछुआरों को 18 से 20 तारीख के बीच ओडिशा और बंगाल के तटों के समंदर किनारे ना जाने की सलाह दी गई है. इसके अलावा जो मछुआरे समंदर तट पर मौजूद हैं, उन्हें भी 17 मई तक लौटने के लिए कहा गया है. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे मछली पकड़ने के लिए 17 मई तक बंगाल की दक्षिणी खाड़ी में, 17 व 18 मई के दौरान केंद्रीय खाड़ी में और 19 व 20 मई के दौरान बंगाल की उत्तरी खाड़ी में ना जाएं.

ओडिशा में NDRF की टीमें तैनात

चक्रवाती तूफान अम्फान के खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट हैं. एनडीआरएफ के डीजी ने रविवार को बताया कि ओडिशा में 10 टीमें भेज दी गई हैं, इसके साथ ही हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.वहीं, एनडीआरएफ के साथ सशस्त्र बल और भारतीय तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है. विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के जहाज अलर्ट मोड में हैं. जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर और राहत सामग्री तैयार है. इसमें खाने के सामान, तम्बू, कपड़े, दवाएं, कंबल आदि पर्याप्त मात्रा में शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बचाव और राहत प्रयासों को बढ़ाने के लिए जेमिनी बोट्स और मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैयार हैं.

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