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कुछ बयानों के कारण दिल्ली चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा; अमित शाह

amit-shah1दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे के दो दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह का बयान आया है. एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि बहुत सारे दलों के लिए चुनाव सरकार बनाने और गिराने के लिए होते हैं. लेकिन भाजपा एक विचारधारा पर आधारित पार्टी है, हमारे लिए चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया है. सिर्फ हार-जीत के लिए हम चुनाव नहीं लड़ते.

सबको अपनी राय रखने का हक

गृह मंत्री शाह ने कहा कि चुनाव में गोली मारने का बयान उचित नहीं था तो राहुल गांधी के डंडे मारने वाला बयान भी ठीक नहीं था. अमित शाह ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से ‘गोली मारो’ और ‘भारत-पाक मैच’ जैसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए. इस तरह की टिप्पणी पार्टी को महंगी पड़ सकती है. हमारी पार्टी ने इस तरह की टिप्पणी से खुद को दूर कर लिया है.उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा को अपने कुछ नेताओं के बयानों के कारण दिल्ली चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि दिल्ली चुनाव के नतीजों को  CAA, NCR और NPR पर जनादेश नहीं माना जा सकता. मुद्दा आज भी यह है कि किसी का विरोध किस प्रकार से और किस चीज के लिए होना चाहिए. शाह कहा कि जिस तरह से शाहीन बाग का समर्थन करने वालों को अपने विचार रखने का अधिकार है. उसी प्रकार से हमें भी हमारे विचार व्यक्त करने का अधिकार है और हमने वो किया.गृह मंत्री ने कहा कि हमारा मन शुद्ध है और हम शुद्ध मन से काम करते हैं. हमने कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है. मैं आज भी देश को बताना चाहता हूं कि CAA में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जो देश के मुस्लिमों की नागरिकता ले सकता हो.

कश्मीर में हालात सामान्य

शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य है. कोई भी वहां जा सकता है, लेकिन कोई वहां भड़काने वाले भाषण करेगा तो सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अभी कोई भी वहां जाए हम सबको परमिशन दे रहे हैं. सिर्फ वहां के कुछ नेता कुछ प्रावधानों के तहत अभी नजरबंद हैं.

आरक्षण के मुद्दे पर ये बोले शाह

अमित शाह ने कहा कि मैं पूरे देश की जनता और विशेषकर SC/ST समुदाय के अपने भाई-बहनों को बताना चाहता हूं कि ये जो प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में आया, वो कांग्रेस की उत्तराखंड सरकार ने किया था, भाजपा ने नहीं. आरक्षण के लिए वो स्टैंड कांग्रेस की सरकार का था, भाजपा की सरकार का नहीं.

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