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दिल्ली में आग से 43 लोगों की मौत, डेथ चैंबर बन गई फैक्ट्री

Delhi-Fireदिल्ली के रानी झांसी रोड पर रविवार सुबह अनाज मंडी में भीषण आग लग गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंची और बिना किसी देरी के आग को काबू में करने की कोशिश शुरू की. इस घटना में अब तक पुलिस ने 43 लोगों की मौत की पुष्टि की है. कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इनमें 15 की हालत नाजुक बताई जा रही है.आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. फिलहाल फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है. इलाके में लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है. अभी तक 56 लोगों को निकाला जा चुका है. दो घरों की सीढ़ी एक थी इसलिए अफरा-तफरी में लोग सुरक्षित नहीं निकल पाए और आग में फंस गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है.दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अनुराग ठाकुर ने मौके पर जाकर घटना के संबंध में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया. अनाज मंडी में एक इमारत में आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 से ज्यादा गाड़ियां पहुंची. हालांकि देखते ही देखते आग बढ़ती ही चली गई.घटना के बाद घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. अकेले एलएनजेपी अस्पताल में ही कुल 49 लोगों को लाया गया था. इनमें से 34 की मौत हो गई, जबकि 15 लोगों का उपचार चल रहा है. इनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक कई लोग 50 फीसदी से ज्यादा जल चुके हैं. साथ ही घायलों को 4 अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों को आरएमएल, एलएनजेपी, हिंदू राव और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सुबह 5 बजे लगी आग

घटना सुबह 5 बजे की है. मंडी में एक तीन मंजिला बेकरी है. बेकरी की ऊपरी मंजिल पर आग लगी थी. जिसके बाद आग ने पूरी इमारत को ही अपनी चपेट में ले लिया. आग के चलते पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया. इलाके के काफी कन्जस्टेड होने के चलते भी आग ज्यादा फैली. वहीं काफी संकरे इलाके में दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.इस घटना पर दिल्ली फायर सर्विस के डिप्टी चीफ फायर अधिकारी सुनील चौधरी ने बताया कि आग पर काबू कर लिया गया है. दमकल की 30 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर हैं और राहत-बचाव का कार्य जारी है. फायर अधिकारियों ने इसे दिल्ली का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है.

 100-150 लोग हादसे का शिकार हुई बिल्डिंग में काम करते थे

रानी झांसी रोड में गलियां काफी संकरी हैं, इसलिए दमकल कर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हालांकि तमाम मुश्किलों के बावजूद कई लोगों को बचाया गया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है. चश्मदीदों के मुताबिक मृतकों में ज्यादातर बाहर के हैं. जिनमें बिहार और यूपी के लोग शामिल हैं. 100-150 लोग हादसे का शिकार हुई बिल्डिंग में काम करते थे. यहां बैग बनाने का भी काम होता था जहां मजदूर दिन रात काम करते थे. आम लोगों ने भी कई घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया.जिस इलाके में आग लगी है वहां हथकरघा के काम ज्यादा होते थे. सिलाई-कढ़ाई और उससे जुड़े पैकिंग के काम होते थे. इस इलाके में घर एक दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए मौतों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. यहां दमकल विभाग का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है. इससे पहले दिल्ली में उपहार अग्निकांड हुआ था जिसमें 50 से ज्यादा मौतें हुई थीं. रानी झांडी रोड के इस अग्निकांड में जिस प्रकार से शव निकाले जा रहे हैं, उससे साफ है कि यह भी काफी भयानक घटना है.

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